निवेश के तरीके

इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है

इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है

Stock Market में Trading कैसे करे, ट्रेडिंग कैसे करें, ट्रेडिंग करना सीखे

स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करना बहुत ही आसान है लेकिन स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास स्टॉक मार्केट की पूरी जानकारी होना चाहिए. अगर आपके पास स्टॉक मार्केट की पूरी जानकारी नहीं है तो आप स्टॉक मार्केट में पैसे कमाने की जगह पैसे गवा सकते है.

क्योंकि स्टॉक मार्केट एक ऐसा बाजार है जो की पूरी तरह जोख़िम से भरा है. यहां अगर आपको पूरी जानकारी होती है तो आप बहुत पैसे कमा सकते हैं लेकिन अगर आपको जानकारी नहीं है तो आप कुछ ही मिनट के अंदर कंगाल भी हो सकते हैं. तो चलिए सबसे पहले स्टॉक मार्केट और ट्रेडिंग के बारे में जानते है .

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Stock Market Me Trading Kaise Kare

Stock Market में आप Intraday, Scalping और Swing आदि Trading कर सकते है यह सब स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने के तरीके है जिनका उपयोग कर के आप स्टॉक मार्केट में शेयर को खरीद व बैच कर मुनाफा कामते है. जिसके लिए आपको एक किसी ट्रेडिंग Technique को चुनना होता है जैसे की इंट्राडे, स्काल्पिंग और स्विंग फिर इन ट्रेडिंग के नियमों का पालन करना होता है.

अगर आप सभी नियमों का पालन करते है और Technique को Follow करते है तो आप रोज स्टॉक मार्केट से मुनाफा कमा सकते है इन ट्रेडिंग की Technique का उपयोग कर के बस आपके पास एक Demat Account और Trading Account होना चाहिए जिनकी मदद से आप Stock Exchange में से शेयर को खरीद सके और बेचने का काम कर सके.

Demat Account Kya Hai

डीमेट अकाउंट, हमारे बैंक के सेविंग अकाउंट की तरह ही होता है. जैसे सेविंग अकाउंट का उपयोग पैसों को रखने के लिए करते हैं. ठीक उसी तरह डिमैट अकाउंट का उपयोग शेयर को रखने के लिए किया जाता है. अपना खुद का डिमैट अकाउंट कैसे खोलें यह जानने के लिए हमारी नीचे दी गई पोस्ट को पढ़.

Trading Account Kya Hai

ट्रेडिंग अकाउंट हमारे बैंक के चालू खाते की तरह होता है. जिस तरह हम चालू खाते का उपयोग पैसों का लेनदेन करने के लिए करते हैं. ठीक उसी तरह ट्रेडिंग अकाउंट का उपयोग शेयर का लेनदेन करने के लिए किया जाता है. अपना खुद का ट्रेडिंग अकाउंट कैसे खोलें उसके बारे में जानने के लिए हमारे नीचे दी गई पोस्ट को पढ़ें.

Trading Kya Hai

रोज Stock Exchange से शेयर को खरीद कर बेचने का काम Trading कहलाता है इसे ही हम Trading कहते है और इस ट्रेडिंग को Daily 2 Days Hold और Weekly भी किया जाता है. जो की अलग अलग ट्रेडिंग Technique में Divided होती है.

ट्रेडिंग के बारे में और भी अधिक विस्तार से जानने के लिए आप हमारी नीचे दी गई पोस्ट को पढ़े उसमे आपको Trading क्या है उसके कितने प्रकार है पूरी जानकारी मिलेगी.

Trading Kaise Kare

ट्रेडिंग करना बहुत ही आसान होता है. ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास ट्रेडिंग अकाउंट एवं डिमैट अकाउंट होना बहुत जरूरी है. क्योंकि इनके बिना आप ट्रेडिंग नहीं कर सकते. अगर आपके पास ये है तो अब आपको ट्रेडिंग अकाउंट की मदद से शेयर मार्केट से शेयर को कम दामों में खरीदना है और उस शेयर की कीमत बढ़ जाने पर उसे ज्यादा दाम में बेच कर मुनाफा कमाना है इसी तरह हम ट्रेडिंग करते हैं. ट्रेडिंग कैसे करें इसके बारे में और विस्तार से जानने के लिए हमारी नीचे दी गई पोस्ट को पढ़ें.

Share Market Me Trading Kaise Kare

शेयर मार्केट में मुख्य रूप से तीन प्रकार की ट्रेडिंग ज्यादा होती हैं.

  • Intraday Trading
  • Scalping Trading
  • Swing Trading
Intraday Trading Kya Hai

इंट्राडे ट्रेडिंग या डे ट्रेडिंग एक ही दिन के अंदर की जाने वाली ट्रेडिंग होती है. इसमें आम शेयर मार्केट के खुलने से बंद होने के बीच में शेयर को खरीद और बेच कर ट्रेडिंग करते हैं.

एक ही दिन के अंदर की जाने वाली इस ट्रेडिंग को हम इंट्राडे ट्रेडिंग या डे ट्रेडिंग भी कहते है. इंट्राडे ट्रेडिंग के बारे में और भी विस्तार से जानने के लिए हमारी नीचे दी गई पोस्ट को पढ़ें.

Intraday Trading Kaise Kare

शेयर मार्केट रोज सुबह 9:15 पर खुल जाती है और दोपहर में 3:30 पर बंद हो जाती है. हमें इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए सुबह 9:15 से लेकर 10:00 के बीच में शेयर को खरीदना होता है.

ताकि हम शेयर को कम से कम दाम पर खरीद सकें और 3:00 से लेकर 3:20 तक 20 मिनट के अंदर अंदर हमें शेयर को हर हाल में बेचना होता है. इस प्रकार हम इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं. इंट्राडे ट्रेडिंग के बारे में और भी विस्तार से जाने के लिए हमारी नीचे दी गई पोस्ट को पढ़ें.

Scalping Trading Kya Hai

सकैलपिंग ट्रेडिंग इंट्राडे ट्रेडिंग की तरह ही एक दिन के अंदर की जाती है. लेकिन सकैलपिंग ट्रेडिंग को हम कुछ ही मिनट या घंटे के अंदर पूरा कर लेते हैं.

यह ट्रेडिंग कुछ ही समय के लिए की जाती है इसलिए इसे सकैलपिंग ट्रेडिंग कहा जाता है. सकैलपिंग ट्रेडिंग के बारे में और भी अधिक विस्तार से जानने के लिए आप नीचे दी गई पोस्ट को पढ़ें.

Scalping Trading Kaise Kare

सकैलपिंग ट्रेडिंग को करने के लिए भी हमें शेयर मार्केट के खुलने और बंद होने के बीच में शेयर को खरीदना होता है. लेकिन सकैलपिंग ट्रेडिंग में की जाने वाली ट्रेडिंग कुछ ही मिनट या घंटे के अंदर पूरी हो जाती है.

इसलिए मान लीजिए कि अगर आपने 9:15 पर ही शेयर मार्केट से शेयर खरीद लिए तो आपकी ट्रेडिंग 9:30 तक ही पूरी हो जाएगी. इस तरह से हम कुछ ही मिनट के अंदर ज्यादा से ज्यादा पैसों के साथ ट्रेडिंग करते हैं और सकैलपिंग ट्रेडिंग का फायदा उठाकर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाते हैं.

सकैलपिंग ट्रेडिंग के बारे में और भी अधिक विस्तार से जानने के लिए आप हमारी नीचे दी गई पोस्ट को पढ़ें.

Swing Trading Kya Hai

स्विंग ट्रेडिंग दोनों इंट्राडे ट्रेडिंग और सकैलपिंग ट्रेडिंग से बहुत अलग है. क्योंकि स्विंग ट्रेडिंग को हम 1 दिन या 1 हफ्ते या फिर 1 महीने के लिए करते हैं.

स्विंग ट्रेडिंग का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि हम इसमें शेयर मार्केट के खुलने से लेकर बंद होने के बीच में कम से कम कीमत पर शेयर को खरीद कर रख लेते हैं और फिर टारगेट लगाकर उस शेयर की कीमत बढ़ने का इंतजार करते हैं.

जैसे ही उस शेयर की कीमत बढ़ जाती है तब हम उस शेयर को बेचकर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा लेते हैं.

स्विंग ट्रेडिंग के अंदर हमें ट्रेडिंग एक ही दिन या एक ही घंटे के अंदर पूरी नहीं करनी होती. इसे हम एक दिन एक हफ्ते या 1 महीने तक भी कर सकते हैं.

इसलिए इसमे नुकसान कम और फायदा ज्यादा होता है. इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए नीचे दी गई पोस्ट को पढ़े।

Swing Trading Kaise Kare

ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक बहुत ही अच्छी स्ट्रेटजी होनी चाहिए. उसी के साथ आपको स्विंग ट्रेडिंग के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए एवं डिमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट होना चाहिए.

अगर आपके पास यह सब चीजें हैं तो अब आपको शेयर मार्केट में जाकर सबसे ज्यादा उछाल आने वाले शेयर को चुनना है. अगर उस शेयर की कीमत आज की दिनांक से बढ़ने वाली है या घटने वाली है तो उसके हिसाब से शेयर खरीदना है.

मान लेते है अगर उस शेयर की कीमत आज की दिनांक से बढ़ने वाली है तो आप उस शेयर को आज की तरीख में खरीद के रख लें एवं अपना स्ट्रेटेजी के हिसाब से टारगेट बनाएं और जैसे ही वह टारगेट की कीमत शेयर छू जाए तब उसे बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं.

स्विंग ट्रेडिंग के बारे में और अधिक विस्तार से जानने के लिए हमारी नीचे लिखे पोस्ट को पढ़ें.

अगर आपको हमारी पोस्ट Stock Market Me Trading Kaise Kare और Trading Kaise Kare अच्छी लगी तो इसे लोगों के साथ शेयर करे और कोई सवाल पूछना चाहते है तो comment करे.

इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाए?

दोस्तों Intraday trading में पैसे लगाने से पहले आपको मार्केट में चल रहे ट्रेंडस और खबरों के बारे में जानकारी होनी चाहिए क्योंकि एक गलत खबर आपका पूरे पैसौ का नुकसान करवा सकती हैइसके लिए आपको मार्केट में चल रहे ट्रेंड्स का एनालिसिस और अच्छी स्टडी करनी जिसके लिए आप किसी इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है टूल्स का भी उपयोग कर सकते हैं। मार्केट ट्रेंड का एनालिसिस करने के लिए कई सारे टूल्स मार्केट में उपलब्ध है। ट्रेंड्स का एनालिसिस करने के बाद आप सही समय पर सही स्टॉक में अपना पैसा इंट्राडे ट्रेडिंग में लगा सकते हैं।

2.अपने लक्ष्य को निर्धारित करें

कई बार आपने देखा होगा की कई लोग अपनी दिनचर्या को सरल बनाने के लिए एक सूची तैयार करते है। उस सूची की मदद से वह दिन के ख़त्म होने तक अपने सारे काम आसानी से पूरा कर लेते है और कही न कही अपने जीवन के लक्ष्य को भी पूरा करने में सक्षम होते है।इसी तरह से एक ट्रेडर के लिए भी काफी ज़रूरी है कि वह एक लक्ष्य के साथ इंट्राडे ट्रेड में आए इस तरह से वह कई चीज़े जैसे किस तरह के स्टॉक्स का चयन करना है, कितने पैसो से ट्रेड करना है जैसे पेहलूओं की समझ के साथ ट्रेड करने से आप ट्रेडिंग में सफलता प्राप्त कर सकते है

3. 2 मिनट में आप राजा और रंक हो सकते हैं

Intraday trading से कभी-कभी तो मिनटों में भी शेयर ट्रेडिंग करके पैसे कमा लेते हैं। जैसे कि आपने अभी किसी शेयर में पोजीशन ली और पांच-दस मिनट में उसका प्राइस बढ़ गया और आपने प्रॉफिट बुक कर लिया। इस तरह आप शेयर मार्केट में इंट्राडे ट्रेडिंग करके मिनटों में प्रॉफिट कमा सकते हैं।

4. नियम

कभी-कभी अकेले भटकने से बेहतर झुंड के साथ चलना बेहतर होता है. हमें सामान्य मार्किट में या फिर उस shares को सर्च करे, जिन्होंने ट्रेडर्स को अच्छा मुनाफा दिया है. जब भी शेयर बाजार में तेज से गिराबट आती है तब ट्रेडर्स को उन शेयर को तलाश करनी चाहिए जिनकी कीमत गिरती है, जब वह गिरते है तो आपके विश्लेषण के मुताबिक उनकी कीमत बढेगी

5.इंट्राडे स्टॉक चुने

इंट्राडे स्टॉक चुनने का विकल्प इंट्राडे के अनुभव के स्तर, ट्रेडिंग की शैली, उपलब्ध पूंजी की मात्रा, ट्रेडर की जोखिम लेने की शक्ति , बाजार की स्थिति आदि सहित कई कारकों पर निर्भर करता है। यह ट्रेडर की ट्रेडिंग योजना का एक हिस्सा है, हालांकि, प्रक्रिया गतिशील है और समय-समय पर विकसित होती रहती है क्योंकि ट्रेडर अपने अनुभवों से सीखता रहता हैं और अपनी ताकत और कमजोरियों को समझता हैं

क्योकि शेयर मार्केट जोखिमों के अधीन है

naidisha.tech यहाँ इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है दी गई किसी भी जानकारी की वजह से हुऐ किसी भी नुकसान के लिए इस ब्लॉग के लेखक व ब्लॉग जिम्मेदार नही होंगे। Nai Disha लेखक इस ब्लॉग में किसी भी पूर्व सुचना के कोई भी बदलाव करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र है

Intraday trading tips in Hindi – इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स

Intraday trading tips in Hindi – इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स – आज के समय में लोग, गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद बहुत से एंड्राइड ऐप का इस्तेमाल करके ट्रेडिंग करते हैं. ज्यादातर लोग इसमें इंट्राडे ट्रेडिंग करके अच्छी खासी कमाई भी कर लेते हैं.

अगर आप भी उन सारे लोगों में शामिल है जो इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं. तो यह आपके लिए है. आप इंट्राडे ट्रेडिंग के माध्यम से हर दिन अच्छी खासी कमाई कर सकते हो. आज हम आपको इंट्राडे ट्रेडिंग के कुछ टिप्स बताने वाले हैं. इंट्राडे ट्रेडिंग के माध्यम से आप एक निश्चित आय भी प्राप्त कर सकते हैं.

Intraday trading tips in Hindi – इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स

आज के समय में ज्यादातर लोग शेयर बाजार से वाकिफ है. शेयर बाजार पर ट्रेडिंग करने के बहुत सारे तरीके हैं. इनमें से एक प्रसिद्ध तरीका शेयर बाजार पर इंट्राडे ट्रेडिंग करने का है. यह आसान तरीका भी है क्योंकि आप इसके जरिए थोक में किसी शेयर को उसी दिन खरीदते इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है हो और उसी दिन आपको 3:00 बजे से पहले उसे बेचना भी होता है. इस तरह का ट्रेडिंग इंट्राडे ट्रेडिंग चलाता है.

हर बनाया व्यक्ति जो शेयर बाजार से कुछ लाभ कमाना चाहता है उसकी पहली पसंद इंट्राडे ट्रेडिंग ही होती है क्योंकि वह इस पर जल्दी आकर्षित होता है. इसके जरिए उसे जल्दी लाभ मिल सकता है.

इंट्राडे ट्रेडिंग एक ही दिन में आप किसी शेयर या इंडेक्स को खरीद करके बेचते हो. यह भारतीय शेयर बाजार में किए जाने वाला सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा किया जाने वाला ट्रेडिंग है. इस ट्रेनिंग में आप कम पैसों से अधिक से अधिक खरीद सकते हैं यानी कि ट्रेडर को एक निश्चित मार्जिन मनी रखना होता है. जिसके जरिए व इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकता है. इंट्राडे ट्रेडिंग को इसलिए भी जाना जाता है क्योंकि आप कम पैसे से जल्दी पैसा बना सकते हो.

लेकिन, इंट्राडे ट्रेडिंग पर आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि यह जोखिमों के अधीन होती है. इसलिए इंट्राडे ट्रेडिंग करने से पहले आप इसके जोखिमों के बारे में आपको पता होना चाहिए.

इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए कुछ रणनीति टिप्स

यार रणनीति नियमित निवेश की तुलना में अधिक जोखिम भरा होता है. इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर को एक ही दिन में एक निश्चित समय के अंतराल में खरीदना और एक निश्चित समय के अंतराल में ही बेचना होता है. चाहे इसमें आपको फायदा हो या फिर नुकसान.

इस पूरे ट्रेड में शेयर की डिलीवरी नहीं की जाती है. बल्कि ट्रेड को उसी ट्रेडिंग देने मार्केट बंद होने से पहले बेचना या स्क्वायर ऑफ करना होता है. इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर की कीमत में हो रहे उतार-चढ़ाव का लाभ आप उठा सकते हो. ग्रे ट्रेडिंग में अधिक नुकसान से बचने के लिए विशेष तौर पर उन लोगों के लिए जो शेयर बाजार में शुरुआत कर रहे हैं कुछ टिप्स हम नीचे दे रहे हैं.

एक बार में दो से तीन शेयर ना खरीदें :- अगर आप शेयर मार्केट में गए हैं तो हमारी असला रहेगी कि इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान आप एक बार में दो या तीन शेयर का चुनाव ना करें. जहां तक संभव हो लार्ज कैप शेयर में ही ट्रेडिंग करें.

शेयर का ट्रेंड क्या चल रहा है? यह भी जानना जरूरी है:- जब आप किसी शेयर पर इंट्राडे ट्रेडिंग पर ट्रेड करने जाते हो, तो इस बारे में आपको पता होना चाहिए कि शेयर का ट्रेंड चाचा है. यानी कि शेयर का ट्रेंड किस दिशा में है. शेयर के भाव बढ़ रहे हैं या फिर घट रहे हैं. अगर शेयर के भाव ऊपर बढ़ रहे हैं तो आपको उसे खरीद लेना चाहिए. या शेयर के भाव नीचे घटकर ऊपर बढ़ रहे हैं तो भी आपको खरीद लेना चाहिए इससे आपको अच्छी खासी इनकम मार्जिन मिल जाती है.

शेयर ट्रेडिंग के दौरान स्टॉप लॉस (Stop Loss) जरूर लगाएं :- आप इंट्राडे ट्रेडिंग पर शेयरों को खरीदने के बाद इस बात का ध्यान रखें कि आप उसी दिन स्टॉप लॉस जरूर लगा दे. जब भी आप कोई भी शेयर को ट्रेड करने के लिए स्टेटस जी बनाते हैं तो स्टॉपलॉस का अवश्य ध्यान रखें. क्योंकि ट्रेड लेने के लिए रणनीति बनाना जितना आवश्यक होता है उतना ही ट्रेड से निकलने के लिए भी रणनीति बनाना जरूरी होता है. स्टॉप लॉस आपके संभावित लॉस को सीमित करने में लाभदायक होता है.

एंट्री लक्ष्य को भी निर्धारित करें :- किसी भी शेयर की ट्रेडिंग लेने से पहले शेयर का एंट्री और लक्ष्य निर्धारित कर लें. जब भी आप शेयर मार्केट पर इंट्राडे इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है ट्रेडिंग करते हैं तुरंत अपना टारगेट भी जरूर लगा दें. कोशिश करें कि दोबारा आप इस ट्रेड पर शेयर ना लगाएं.

इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर का विश्लेषण जरूरी है :- जैसा कि हमने इस बारे में ऊपर जिक्र किया है, इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको शेयर एक ही दिन में खरीद करके उसी दिन बेचना होता है. इस चलते आपको शेयर का विश्लेषण करना भी जरूरी है. इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अधिक लिक्विड वाली शेयर को आप सुन सकते हैं. अगर शेयर में लिक्विडिटी ज्यादा रहेगी तो उस शेयर को खरीद और बिक्री अधिक होती है. इसलिए कोशिश करें कि अधिक लिक्विडिटी वाली शेयर को खरीदें.

ओवरट्रेडिंग से बचें :- ओवरट्रेडिंग कभी भी ना करें. अर्थात अपनी हैसियत से ज्यादा का शहर कभी भी ना खरीदें. 1 दिन में दो या तीन ट्रेड ही खरीदें. अधिक लाभ कमाने के चक्कर में ओवरट्रेडिंग करने से कई बार नुकसान भी हो जाता है.

इस बात का ध्यान रखें कि इंट्राडे इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है ट्रेडिंग कम से कम करें क्योंकि इसमें नुकसान होने के बहुत अधिक संभावना होती है. उतने ही पैसे में इंट्राडे ट्रेडिंग में पैसे लगा है जो कि आप की आर्थिक स्थिति पर कोई प्रभाव ना डालती हो. इंट्राडे ट्रेडिंग जोखिमों से भरा होता है, यह निश्चित नहीं होती की जितने पैसे आपने लगाए हैं उतना ही ज्यादा आपको लाभ मिले. शेयर मार्केट के भाव कभी भी गिर सकते हैं. और कभी भी शेयर मार्केट के भाव ऊपर चढ़ सकते हैं. इसीलिए सोच समझकर के इंट्राडे ट्रेडिंग में पैसे लगाएं.

intraday trading tips in hindi इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स इन हिन्दी

इंट्राडे ट्रेडिंग में सफल होने के लिए इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है कुछ intraday trading tips in hindi आज में आपको बताने वाला हु. अगर आप इंट्राडे ट्रेडिंग कर रहे है तो ये आपको बहुत ही उपयोगी होने वाले है. काफी लोगो को इंट्राडे ट्रेडिंग करने में नुकशान का सामना करना पड़ता है. इंट्राडे ट्रेडिंग में ज्यादा लोस क्यों होता है उसके पीछे क्या कारन होते है उनके बारे में भी आज हम इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स इन हिंदी आर्टिकल में बात करने वाले है.

इंट्राडे ट्रेडिंग में कैसे शेयर्स को पसंद करना चाहिए ये भी में इस आर्टिकल intraday trading rules hindi में बताने वाला हु. इंट्राडे के लिए शेयर कैसे चुने ये आज में आपको बताने वाला हु. intraday trading tips in hindi में आज आप सीखेंगे की इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय आपको किन किन बातो का ख्याल रखना चाहिए जिससे इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको लोस ना हो. share market books in hindi pdf download

intraday trading tips in hindi – तेजी वाले सेक्टर के शेयर ख़रीदे मंदी वाले सेक्टर के शेयर बेचे

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इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए शेयर चुनने के लिए सबसे पहले आप गूगल में nse सर्च करे आपके सामने एन.एस.इ की वेबसाइट आ जायेगी इस वेबसाइट के निचे आपको एक Equities Stock Watch का आप्शन दिखाय देगा.

सबसे पहले आपको उन पर क्लिक करना है. क्लिक करते ही आपको इक्विटी स्टॉक वोच में निफ्टी के सारे शेयर दिखाय देगे आप चाहे तो निफ्टी की जगह कोई निफ्टी मिड कैप, निफ्टी बैंक कोई भी इक्विटी स्टॉक वोच सिलेक्ट कर सकते है.

उसमे आपको देखना है की आज कौन सा सेक्टर ज्यादा चल रहा है या कौन सा शेयर ज्यादा चल रहा है. आप उसमे कौन से सेक्टर में आज ज्यादा गिरावट आ रही है या कौन से शेयर में ज्यादा गिरावट आ रही है ये भी देख सकते है.

ये देखने के बाद जिस सेक्टर में ज्यादा तेजी है उस सेक्टर का कोई भी शेयर आप खरीद सकते है या गिरावट वाले सेक्टर का शेयर आप बेच सकते है. ये कारगर तरीका है की सबसे ज्यादा चलने वाले सेक्टर से आप शेयर खरीद करे और गिरावट वाले सेक्टर में आप बिकवाली करे.

intraday trading tips in hindi –मार्किट की विपरीत दिशा में ट्रेड ना ले

इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले ट्रेडर सबसे बड़ी गलती ये करते है की वो मार्किट की विपरीत दिशा मतलब की मार्किट ट्रेंड को फोलो नहीं करते. मार्किट ट्रेंड मतलब की मार्किट की दिशा ऊपर है या निचे की तरफ है ये सबसे पहले दिमाग में बिठा ले और मार्किट के ट्रेंड के विरुद्ध कभी भी ट्रैड ना ले.

काफी ट्रेडर इंट्राडे ट्रेडिंग में ये सोच कर मार्किट विरुद्ध ट्रेड लेते है की आज तो मार्किट बहुत ऊपर चला गया है अब शायद इसमें गिरावट आएगी. लेकिन दोस्तों मार्किट ट्रेंड को हमेशा फोलो करता है. अगर ऊपर जाने के बाद थोडा निचे भी आया तो जितना वो निचे आया था उससे दुगना वो फिर से वापस जाएगा इस लिए मार्किट के ट्रेंड को जानना बहुत आवश्यक है. मार्किट का ट्रेंड ऊपर की तरफ है मतलब की बुलिश है तो कभी भी ट्रेंड के विरुद्ध ना जाए क्यूंकि अमेरिका के कई बैंक्स ट्रेंड के विरुद्ध चलने के कारण डूब गए थे तो हम रिटेल ट्रेडर क्या है उसके सामने. अप ट्रेंड में मार्किट निचे भी आये तो उसमे खरीदी करे ना की बिकवाली. अप ट्रेंड में हमेशा निचे की तरफ से खरीदी के मौके तलाशे ना की बिकवाली के.

अगर मार्किट का ट्रेंड बेरिश है मतलब की मंदी का है तो कभी भी ऊपर के लेवल से खरीदी नहीं लेकिन बिकवाली के मौके तलाशने चाहिए.जब ट्रेंड बुलिश होता है तो हमेशा खरीदी करे और मार्किट का ट्रेंड जब बेरिश होता है तो हमेशा ऊपर के लेवल से बिकवाली के मौके तलाशे. बहुत कम बार होता है की बुलिश ट्रेंड से वो बेरिश ट्रेंड में चला जाए. अगर ऐसा होता भी है तो कोई ख़राब इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है न्यूज़ या प्रॉफिट बुकिंग उनकी वजह होता है इस लिए ट्रेंड के साथ चलने में ही आपकी भलाई समजे.

intraday trading tips in hindi – लिक्विडिटी वाले शेयर चुने

इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले ट्रेडर को हमेशा लिक्विडिटी वाले शेयर चुनना चाहिए. लिक्विडिटी वाले शेयर का मतलब होता है की जिस शेयर्स में ज्यादा ट्रेड वॉल्यूम हो जो शेयर ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेड होते हो ऐसे शेयर.

लिक्विडिटी वाले शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए ज्यादा अछे होते है क्यूंकि कम लिक्विडिटी वाले शेयर नाही ऊपर की तरफ ज्यादा चलेंगे ना ही निचे की तरफ ज्यादा गिरावट आयेगी इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए जरुरी है की शेयर के भाव में थोड़ी ज्यादा हलचल हो क्यूंकि इंट्राडे ट्रेडिंग में ट्रेडर के पास समय कम होता है.

इसलिए ऐसे शेयर चुने जिसमे ज्यादा लिक्विडिटी हो ऐसे शेयर में आपको ट्रेड से एग्जिट होने के कई मोके मिल जायेंगे. जब की कम लिक्विडिटी वाले शेयर में अगर आप एक बार फस गए तो लोस करके की निकलना होगा या ज्यादा प्रॉफिट नहीं होगा.

intraday trading tips – प्रॉफिट और लोस बुक करना सीखे

शेयर मार्किट में अगर आप शिस्तबद्ध तरीके से ट्रेड करेंगे तो आपको ज्यादा लोस होने का खतरा बहुत कम हो जाता है. इंट्राडे ट्रेडिंग में डिसिप्लिन बहुत जरुरी है और इसी के तहत आपको अपने ट्रेडिंग के दौरान ये तय कर लेना है की मुझे कितने प्रॉफिट पर ट्रेड को क्लोज कर देना है और कितने लोस पर निकल जाना है. अगर आप इस टेक्निक को डिसिप्लिन के साथ फोलो करेंगे तो आपको ज्यादा नुकशान उठाना नहीं पड़ेगा. काफी ट्रेडर को बहुत अच्छा रिटर्न मिल रहा होता है लेकिन वो प्रॉफिट बुक नहीं कर पाते और मार्किट बंध होते समय लोस करके बाहर निकलते है.

ये जरुरी है की आप प्रॉफिट और लोस बुक करना सीखे. अच्छा रिटर्न मिल रहा है तो प्रॉफिट बुक करे और नुकशान भी हो रहा है तो लोस सहन करना शिखे ये टेक्निक आपको जरुर सफल ट्रेडर बन्ने में मदद करेगी.

intraday trading tips – ज्यादा लीवरेज में काम ना करे

intraday trading rules hindi के हिसाब से ज्यादा लीवरेज में ट्रेडिंग करना मतलब शेयर मार्किट में अपना करियर ख़त्म करना. ज्यादा लीवरेज में काम करना तब तक तो अच्छा लगता है जब तक आपको प्रॉफिट हो रहा हो.

लेकिन लीवरेज में अगर ट्रेड गलत हो गया तो आपके महीने या वर्ष भर का प्रॉफिट एक दिन में ख़त्म हो जाएगा इस लिए ज्यादा लीवरेज में काम ना करे ज्यादा लीवरेज का मतलब होता है की कम पैसे में बहुत ज्यादा क्वांटिटी में शेयर खरीदना या बेचना. लीवरेज के कारण आप शेयर मार्किट में अपना करियर ख़राब करते है या बहुत बड़ा लोस होता है जो की एक समजदार ट्रेडर कभी नहीं करता.

इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स इन हिंदी – रिवेंज ट्रेडिंग ना करे

काफी ट्रेडर इंट्राडे ट्रेडिंग में लोस होने के कारण रिवेंज ट्रेडिंग करते है जो उनको खुद को मालुम नहीं होता है. शेयर मार्किट में हर दिन बाजार हमारे मर्जी के मुताबिक नहीं चलता ये बात हमें समज लेनी चाहिए.

प्रॉफिट और लोस मार्किट का एक हिस्सा है जैसे दुसरे बिसनेस में होता है. इंट्राडे ट्रेडिंग में अगर कभी लोस हो जाए तो ट्रेड लेना बंध कर दीजिये जिससे आप ज्यादा नुकशान से बच सकते है.

काफी ट्रेडर लोस को सहन नहीं कर पाते और फिर से लोस को कवर करने की कोशिश करते है और ज्यादा लोस कर बैठ ते है. इस तरह की ट्रेडिंग को रिवेंज ट्रेडिंग कहते है. रिवेंज ट्रेडिंग में ट्रेडर लोस का स्वीकार नहीं कर पाते और ट्रेड पर ट्रेड लिए जाते है जो गलत होने के चांस ज्यादा होते है. इसलिए कभी भी रिवेंज ट्रेड ना करे. रिवेंज ट्रेड में आप अपनी सारी धनराशी भी ख़त्म कर बैठते है.

इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स इन हिंदी – टेक्निकल एनालिसिस सीखे

इंट्राडे ट्रेडिंग में ट्रेडर के पास समय बहुत कम होता है इसलिए उसे कम समय में सही निर्णय लेना होता है. इंट्राडे ट्रेडिंग में अपनी एक्यूरेसी को बढ़ाने के लिए अनुभव और मार्किट के बारे में नोलेज होना जरुरी है.

आप टेक्निकल एनालिसिस सिख के इंट्राडे ट्रेडिंग में अपने ट्रेड की एक्यूरेसी बढ़ा सकते है. टेक्निकल एनालिसिस से आपको पता लगता है की कौन सा शेयर खरीदना या बेचना है. कब खरीदना है या बेचना है. आप किसी भी शेयर का टेक्निकल एनालिसिस करके अछे शेयर पसंद कर सकते हो. टेक्निकल एनालिसिस में कई टेक्निक का उपयोग होता है.

जैसे की सपोर्ट एंड रेसिस्टेंट लेवल, चार्ट पैटर्न, इंडिकेटर, फिबोनाची रिट्रेसमेंट, मूविंग एवरेज, ट्रेंड लाइन, कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न, ब्रेक आउट, आप बेरिश पैटर्न, बुलिश पैटर्न जैसी कई पैटर्न्स सिख सकते है. टेक्निकल एनालिसिस से आपकी ट्रेडिंग एक्यूरेसी बढ़ जाती है जो आपको इंट्राडे ट्रेडिंग में प्रॉफिट देती है. शेयर मार्किट में हमेशा कुछ ना कुछ सीखते रहना चाहिए. सिखने से अनुभव, ज्ञान आता है ज्ञान से एक्यूरेसी और एक्यूरेसी से सफलता इस लिए हमेशा सीखते रहिये.

निष्कर्ष:

intraday trading tips in hindi आर्टिकल में अब आपको जानकारी मिल चुकी होगी की इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको किन किन बातो का ख्याल रखना चाहिए ताकी आप लोस से बच सके और इंट्राडे के सफल ट्रेडर बन सके. टेक्निकल एनालिसिस और शेयर मार्किट से जुड़े पोस्ट पढने के लिए मेरी वेबसाइट हिन्दिसफ़र.नेट जरुर विजिट करे.

Intraday trading tips in hindi : इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है?

Hello friends, कैसे हैं आप? आशा करता हूँ आप सभी अच्छे होंगे. Aryavarta Talk – hindi me jaankari में आपका स्वागत है. यह वेबसाइट आप लोगों जैसे जिज्ञाषु readers के लिए ही समर्पित है, जहाँ पर आप रोजाना कुछ नया सीखते हैं. आज का हमारा विषय है Intraday trading tips in hindi : इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है?

आपलोगों ने शेयर मार्केट के बारे में जरुर सुना होगा. शेयर मार्केट में पैसा कमाने के लिए लोगों को लम्बा इन्तिज़ार करना पड़ता है. महीनो तक invest करना पड़ता है. लोगों के बीच यह अवधारणा बनी हुई है कि पैसा कमाने के लिए लम्बा इंतिजार करना पड़ता है. किन्तु share market में कम समय में भी कमाई करने का option है.

Intraday trading से हो सकती है एक ही दिन में कमाई, समझिये हमारे साथ क्या है इंट्रा डे ट्रेडिंग का पूरा process. आप हर रोज शेयर खरीद या बेंचकर कमा सकते हैं – पैसे.

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Intraday trading tips in Hindi

किसी कंपनी के शेयर को एक ही दिन में खरीद कर बेच देना Intraday trading कहलाता है. इस प्रक्रिया में सुबह पैसा लगाकर शाम को कमाई की जा सकती है. ऐसा माना जाता है कि यहाँ मुनाफा त्वरित और आसानी से कमाया जा सकता है. इंट्राडे ट्रेडिंग में जिस दिन आपने शेयर ख़रीदा उसी दिन आपको वह शेयर market बंद होने से पहले बेचना होता है या तकनिकी भाषा में कहें तो स्क्वायर ऑफ करना होता है.

Intraday trading का उद्देश्य निवेश करना नहीं होता है बल्कि लाभ कमाना होता है. यहाँ शेयर्स खरीदने के लिए आपके पास ट्रेडिंग अकाउंट होना चाहिए. एक बात आपको ज्ञात होनी चाहिए कि शेयर्स बाज़ार में निवेश करने के लिए Demat account के साथ – साथ ट्रेडिंग अकाउंट भी होना जरुरी है. ट्रेडिंग अकाउंट ब्रोकर के जरिये खोला जाता है.

Intraday trading जोखिम भरा होता है ऐसा इसलिए क्योंकि आपके पास समय नहीं होता है. यहाँ हिसाब उसी दिन बराबर करना होता है चाहे फ़ायदा हो या नुकसान.

लाभ कैसे कमाया जाता है?

इंट्राडे ट्रेडिंग में आप शेयर खरीदकर उसी दिन जब शेयर का भाव ऊपर हो उस समय में बेंचकर लाभ कमा सकते हैं. किन्तु यहाँ जोखिम इस बात की होती है कि शेयर का भाव उसी दिन बढ़ेंगे या घटेंगे यह कोई नहीं कह सकता है. यहाँ अनुभव काम आती है. जब कोई निवेशक यहाँ निवेश करता है तो वह बाज़ार के उतार चढ़ाव पर हर वक़्त नज़र बनाये रखता है.

तकनिकी विश्लेषण :

कहते हैं लालच बुरी बला है यह बात बिल्कुल यहाँ सटीक बैठती है. ज्यादातर निवेशक यहाँ लालच के कारण नुकसान उठाते हैं. यहाँ लाभ कमाने के लिए एक निवेशक को बाज़ार का तकनिकी ज्ञान के साथ – साथ बहुत सारे रिसर्च करने पड़ते हैं. इंट्राडे ट्रेडर्स और नियमित निवेशक में अंतर होता है.

  • सबसे पहले आप यह सुनिश्चित कर लें कि आप क्या करने जा रहे हैं क्योंकि यह जितना आसन लगता है उतना है नहीं.
  • इसके दोनों सकारात्मक और नकारात्मक पहलु होते हैं.
  • शुरुआत करने से पहले प्लान बनाना आवश्यक है.
  • लाभ और हानि दोनों स्थितियों को ट्रैक करना सीखें.
  • ज्यादा liquidity वाले शेयर्स पर ध्यान दें ताकि किसी भी वक़्त उसे खरीदने और बेंचने के लिए इन्तिज़ार नहीं करना पड़े. ऐसे शेयर्स उपयुक्त मात्रा में मौजूद होते हैं.
  • वर्तमान बाज़ार के उतार – चढ़ाव के साथ आगे बढ़ें.
  • मंदी के समय में उन shares पर नज़र रखें जिन शेयर्स को निचे जाने की संभावना हो.
  • बाज़ार की चाल पकड़ने की कला सीखें इसके उतार और चढ़ाव से सीधे टक्कर न लें तो बेहतर होगा.
  • कीमतों की movement पर नज़र बनाये रखने के लिए इंट्राडे ट्रेडर्स के द्वारा चार्ट का इस्तेमाल किया जाता है. यह चार्ट आमतौर पर तकनिकी विश्लेषण करने में ट्रेडर्स की मदद करता है.
  • जोखिम को ध्यान में रखकर कूल व्यापारिक पूंजी का 2 या 3 प्रतिशत से ज्यादा जोखिम न उठायें. इसके लिए Stop Loss का उपयोग करें.
  • इंट्राडे ट्रेडिंग का समय प्रातः 9:15 से शाम 3:30 बजे तक होती है.
  • जहाँ तक हो इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता है सके यहाँ trading पुख्ता जानकारी के आधार पर ही करें.
  • शुरुआत में trading को सिमित रखें, धैर्य से काम लें, भावनाओं में ना बहें.
  • दुनिया की ख़बरों से अवगत रहें, सीखते रहें और इसके बुनियादी नियम की ओर विशेष ध्यान दें.

Conclusion : निष्कर्ष

सारी स्तिथियों का जायजा लेने के पश्चात हम यह कह सकते हैं कि intraday trading एक सट्टे की तरह ही है. बाज़ार का रूझान कब आपके खिलाफ हो जाएगी और कब आपके साथ होगी ये बात कोई नहीं बता सकता है. इसमें लाभ कमाने का कोई पक्का फार्मूला मौजूद नहीं है. इसके जोखिम को ध्यान में रखते हुए हमेशा उसी धन का उपयोग करें जिसे खोने के लिए आप तैयार हैं.

हर दिन आपको एक अलग ट्रेडिंग शैली या रणनीति के साथ बाज़ार में उतरना होगा. लोगों के सुझाव, इसमें उपयोग होनेवाली software, तकनिकी संकेतक केवल मार्गदर्शन के लिए हैं हो सकता है परिणाम इसके विपरीत भी हो सकते हैं. किसी दिन आपको profit होगा तो किसी दिन loss भी हो सकता है.

यदि आप बाज़ार में उतर गये हैं तो किसी को दोष ना दें. यह आपका चुनाव है, बस सीखते रहें, अनुभव लेते रहें, शेयर बाज़ार में टिके रहने का यही एक बेस्ट formula है. बाज़ार का क्षेत्र बहुत बड़ा है यहाँ कब बाज़ी पलटेगी आपको शत प्रतिशत कोई नहीं बता सकता है.

अंत में मेरी राय

यदि हो सके तो लम्बे समय के लिए invest करें. इसमें return कम मिलता है लेकिन जोखिम भी कम होता है. वास्तव में share market उनके लिए है जिन्हें इस field में अच्छी जानकारी है और intraday trading के लिए तो यह बहुत जरुरी है.

मैं इस हिंदी ब्लॉग का संस्थापक हूँ जहाँ मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करता हूँ. मैं अपनी शिक्षा की बात करूँ तो मैंने Accounts Hons. (B.Com) किया हुआ है और मैं पेशे से एक Accountant भी रहा हूँ.

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