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बिटकॉइन किसने बनाया था?

बिटकॉइन किसने बनाया था?
बिटकॉइन माइनिंग की एनर्जी कॉस्ट है काफी ज्यादा: जैसे ही कीमतें बढ़ती हैं ज्यादा संख्या में माइनर बाजार में उतरते हैं ताकि ऊर्जा की खपत को आगे बढ़ाया जा सके। एक हालिया अनुमान बताता है कि एक बिटकॉइन के बिटकॉइन किसने बनाया था? लेनदेन में करीब 215 किलोवॉट/ऑवर की ऊर्जा लागत (एनर्जी कॉस्ट) लगती है। एक आंकड़े के मुताबिक प्रति दिन 300,000 बिटकॉइन का लेनदेन होता है।

bitcoin in hindi

बिटकॉइन क्या हैं - What is bitcoin in hindi

नमस्कार दोस्तो। आज हम बात करेंगे बिटकॉइन के बारे में। बिटकॉइन के भूतकाल से लेकर भविष्यकाल तक का पूरा विश्लेषण करेंगे। Bitcoin kya बिटकॉइन किसने बनाया था? hai, बिटकॉइन के लाभ और हानि से लेकर उसके वर्तमान की कीमत की चर्चा आज के इस आर्टिकल में होगी। बने रहिए स्टडीBaazi के इस आर्टिकल के साथ।

बिटकॉइन एक डिजिटल मुद्रा हैं। इसे आप छू नहीं सकते सिर्फ आभास कर सकते हैं। यह तकनीकी तौर पर स्टोर हो सकती हैं। इसे न आप जेब मे डाल सकते हैं ना हाथ मे लेकर देख सकते हैं।

अंकीय प्रणाली से बनी इस मुद्रा की शुरुआत 3 जनवरी 2009 को हुई।

यह विश्व की प्रथम आभासी मुद्रा हैं। बिटकॉइन तत्काल भुगतान की सुविधा के लिए पीयर-पीयर तकनीक का उपयोग करने वाली पहली डिजिटल मुद्राओं है। बिटकॉइन किसी बैंक या सरकार द्वारा जारी या समर्थित नहीं हैं।

बिटकॉइन का आविष्कार किसने किया?

बिटकॉइन का आविष्कार 2008 में सातोशी नकामोतो के द्वारा किया गया था। फिर 2009 में इसे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में जारी किया बिटकॉइन किसने बनाया था? गया था।

बिटकॉइन की शुरुआत होती हैं 18 अगस्त 2008 से, इस दिन bitcoin.org के नाम से इसे पंजीकृत किया गया था। फिर 2008 में ही 31 अक्टूबर को बिटकॉइन A pier to pier इलेक्ट्रॉनिक कैश सिस्टम सतोशी नाकामोटो द्वारा लिखित एक पीडीएफ का लिंक एक क्रिप्टोग्राफ़ी मेलिंग सूची में डाला था। इस पीडीएफ में पीयर-टू-पीयर नेटवर्क का उपयोग करने के तरीकों को बताया था।

3 जनवरी 2009 में बिटकॉइन नेटवर्क अस्तित्व में आया। सतोशी नाकामोतो ने बिटकॉइन के जेनेसिस ब्लॉक का खनन किया, जिसमें लगभग 50 बिटकॉइन का इनाम था।

पहला ऑनलाइन क्रिप्टो एक्सचेंज माउंट गोक्स 2010 में खोला गया था।

दवाइयों को खरीदने बेचने के लिए एक डार्क वेब मार्केटप्लेस सिल्क रोड ने बिटकॉइन को भुगतान के एक तरीके के रूप में इस्तेमाल करने की बात बिटकॉइन किसने बनाया था? कही थी।

बिटकॉइन कैसे काम करता है?

बिटकॉइन decentralise है, जो वालंटियर है उन्हें miner कहा जाता है। Miner लगातार ब्लॉकचेन को सत्यापित और अपडेट करते रहते हैं। जब बिटकॉइन किसने बनाया था? भी एक विशिष्ट मात्रा में लेन-देन सत्यापित होते हैं तब ब्लॉकचेन में एक और ब्लॉक जोड़ा जाता है।

BTC का सिस्टम सफल Miner's को बिटकॉइन से पुरस्कृत करता है। इनाम समय के हसाब से बदलता रहता हैं। Verified लेनदेन के एक नए ब्लॉक के लिए फिलहाल 6.25 बीटीसी का इनाम हैं।

ब्लॉकचेन क्या है?

सरल शब्दों में कहें तो ब्लॉकचेन एक डेटा संरचना है जो प्रत्येक लेनदेन में सुरक्षा को सुरक्षित करते हुए लेनदेन संबंधी लिखा जोखा रखती है। ब्लॉकचेन सभी प्रतिभागियों के लिए उपलब्ध है और केंद्रीकृत घर्षण को समाप्त करने और "सबूत" पेश करने की अनुमति देती है कि प्रत्येक लेनदेन वैध है। यह बिटकॉइन को एक्सचेंज में वास्तविक प्रतिभागियों के लिए और उनके द्वारा एक मुद्रा बनाता है।

बिटकॉइन से जुड़ी 13 दिलचस्प बातें बिटकॉइन किसने बनाया था? जो आपको शायद ही कोई बताए

बिटकॉइन से जुड़ी 13 दिलचस्प बातें जो आपको शायद ही कोई बताए

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। भारत में फरवरी 2017 से चर्चा में रहा बिटकॉइन एक रिकॉर्ड हाई छूने के बाद भारी गिरावट दर्ज करा चुका है। अमिताभ बच्चन उन प्रमुख नामों में शुमार हैं जिन्होंने इसके जरिए करोड़ों की कमाई की लेकिन कुछ ही दिनों में उनकी कमाई स्वाहा हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर बिटकॉइन से जुड़ी तमाम बातें अब तक सामने आ चुकी हैं, लेकिन हम अपनी इस रिपोर्ट में आपको बिटकॉइन से जुड़ी 10 ऐसी दिलचस्प बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें आपको शायद ही कोई बताएगा।

सीमित है बिटकॉइन की सप्लाई: बिटकॉइन की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसकी सप्लाई (आपूर्ति) 21 मिलियन तक ही सीमित है। अभी तक करीब 16.7 मिलियन बिटकॉइन बाजार में बिटकॉइन किसने बनाया था? जारी किए जा चुके हैं। औसत रूप से 12.5 सिक्के हर दसवें मिनट बिटकॉइन किसने बनाया था? में माइनिंग के जरिए जारी किए जा रहे हैं। इसमें एक बड़ा ग्लोबल कंप्यूटर नेटवर्क है जो कि एक कॉम्प्लैक्स (कठिन) एल्गोरिदम को हल कर नए बिटकॉइन रिवार्ड के रुप में देता है।

बिटकॉइन खरीदने के लिए जरुरी डाक्यूमेंट्स क्या क्या चाहिए

अगर आप इंडिया में बिटकॉइन खरीदना है तो इसके लिए आपके पास कुछ जरुरी डाक्यूमेंट्स होने चाहिए तभी आप बिटकॉइन को खरीद और बेच सकते है आइये जान लेते है ये जरुर डाक्यूमेंट्स क्या है (important documents for buying and selling bitcoins in india).

  • वोटर आईडी कार्ड (Voter id card)
  • आधार कार्ड (Aadhaar Card)
  • पेन कार्ड (Pan Card)
  • फ़ोन नंबर (Phone Number)
  • बैंक अकाउंट डिटेल्स (bank account details)

बिटकॉइन कैसे और कहा से ख़रीदे इंडिया में (How to buy and sell bitcoin in india)

बिटकॉइन खरीदना और बेचना कोई मुस्किल बात नहीं है अगर आप कभी भी ऑनलाइन पेमेंट (Online Payment) किया है किसी भी वेबसाइट या फिर मोबाइल एप की मदद से तो आप आसानी से बिटकॉइन (Bitcoin) खरीद और बेच सकते है इंडिया में बिटकॉइन खरीदने के लिए आपको किसी वेबसाइट या फिर मोबाइल एप का इस्तेमाल करना होगा और इंडिया में दो बहोत ही पोपुलर बिटकॉइन कंपनी है जहा से आप बिटकॉइन खरीद और बेच सकते है जिनका नाम है जेबपे (Zebpay.com) और यूनोकॉइन (unocoin).com इन दोनों वेबसाइट से आप बिटकॉइन खरीद और बेच सकते है तो इन दोनों वेबसाइटसे बिटकॉइन खरीदने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करे

1. वेबसाइट में साईन अप करे

दोनों में से किसी भी कंपनी से बिटकॉइन खरीदने के लिए वेबसाइट को ओपन करे और फिर साईन अप (Signup) यानि अपने आप को रजिस्टर करे जैसे ही आप रजिस्टर करेंगे तो आपको सबसे पहले अपने मोबाइल नंबर इंटर करना होगा.

बिटकॉइन क इतिहास

वर्ष 2009 में बिटकॉइन करेंसी की शुरुवात “सतोशी नकामोटो‘ द्वारा किया गया था. यह एक डिजिटल करेंसी है जिसमें सामान्य बैंकों के बैंक के बजाय करेंसी के निर्माण तथा प्रबंधन का कार्य ‘क्रिप्टोग्राफ़ी’ द्वारा किया जाता है.

बिटकॉइन के शुरुआती दौर में सतोशी नाकामोटो ने साइबर समूह से अपने सभी उपायों को साइबर समूह के सामने एकीकृत किया तथा वर्ष 2010 तक बिटकॉइन को ऑनलाइन तथा ऑफलाइन तेजी से विकास करने की और कार्य करना शुरू किया गया. जिस कारण साल 2010 में कुछ मुख्य व्यवसायों ने बिटकॉइन करेंसी को अपने व्यवसाय के लिए स्वीकार करना शुरू कर दिया था.

क्या बिटकॉइन पूरी तरह सुरक्षित हैं?

यहाँ आपका जानना जरूरी है की RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) तथा भारत सरकार ने बिटकॉइन को लेकर कड़ा रुख जाहिर किया है. 2013 में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में RBI का कहना है कि इन मुद्राओं की लेन-देन में कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी है.

तथा जिस कारण इन के लेन-देन में जोखिम होता है तथा साल 2017 में फिर से भारतीय रिजर्व बैंक ने इस विषय में लोगों को सावधानी बरतने की बात कही है. हालाँकि इन सभी बातों के विपरीत भारतीय सरकार ने इसे अवैध घोषित नहीं किया है. तथा यह पूरी तरह वैध है और कई लोग भारत में वर्तमान समय बिटकॉइन मुद्रा का उपयोग तथा इसमें निवेश कर रहे बिटकॉइन किसने बनाया था? हैं.

इसके साथ ही बिटकॉइन की कोई अथॉरिटी नहीं है अर्थात इस पूँजी के बिटकॉइन किसने बनाया था? संग्रह के लिए कोई सरकार या बैंक निर्धारित नहीं किया जाता. यह थोड़ा जोखिम उठाने वाली मुद्रा भी हो सकती है. जिस में कभी भी उतार-चढ़ाव आ सकता है.

बिटकॉइन का उपयोग करने के क्या फायदे हैं?

  • यह एक वर्चुअल करेंसी है तथा यह भौतिक मुद्रा से भिन्न होती है. जिस वजह से इसका उपयोग दुनियाभर में कहीं भी किया जा सकता है. इस प्रक्रिया ने छोटे व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में काफी आसान कर दिया है.
  • बिटकॉइन का उपयोग करते समय आपके पास पूरा नियंत्रण अपनी करेंसी पर होता है अर्थात इसमें कोई अन्य व्यक्ति या सरकार हस्तक्षेप नहीं करती है.
  • वर्तमान समय में बिटकॉइन मुद्रा को भुगतान के रूप में इस्तेमाल करते समय यूज़र से या तो शुल्क नहीं लिया जाता या बहुत ही कम शुल्क लिया जाता है. अर्थात Paypal तथा क्रेडिट कार्ड की तुलना में कम शुल्क लिया जाता है.
  • बिटकॉइन एक वास्तविक धन है जिसका उपयोग भोजनालय, यात्रा करने तथा कॉफी दुकानों में किया जाता है.
  • बिटकॉइन का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट,DTH, मोबाइल रिचार्ज, ऑनलाइन लेन-देन के साथ ही ऑफलाइन भी किया जा सकता है. अर्थात जहां कहीं भी कोई विक्रेता बिटकॉइन स्वीकार करता बिटकॉइन किसने बनाया था? है,वहां हम बिटकॉइन का लेन-देन के कार्यों के लिए उपयोग कर सकते हैं.
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