निवेश के तरीके

शेयर मार्किट में शेयर को खरीदना और बेचना कैसे है

शेयर मार्किट में शेयर को खरीदना और बेचना कैसे है
यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि स्टॉक मार्केट से होने वाली कमाई पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है.

शेयर बाजार क्या है | शेयर मार्किट में पैसा कैसे लगाये | what is share Market in Hindi ।

शेयर बाजार (share bazar) से पैसे कमाने के लिए पहले शेयर बाजार क्या है और यह कैसे काम करता है यह जानना जरुरी है बिना सोचे समझे शेयर मार्केट में पैसे नहीं लगाये पहले सीखें , जाने इसी कमी को हम दूर करेंगे सलाम मेवात वेबसाइट पर आपको शेयर मार्केट पूरी जानकारी मिलेंगी

Share Bazar Kya hai शेयर बाजार क्या है

शेयर मार्केट क्या है आज शेयर मार्किट के बारे में बुनियादी चीजो के बारे में जानेगें

शेयर मार्केट का अर्थ – शेयर यानि हिस्सा और मार्किट यानि बाजार । ऐसा बाजार जहां Listed कंपनियों के Share (हिस्सा) खरीदा और बेचा जाता है। शेयर मार्किट ही वो जगह है जहाँ किसी भी लिस्टेड कंपनी के शेयर खरीद कर उस कम्पनी के कुछ हिस्से के मालिक बन सकते है

शेयर खरीदने के लिए स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से ही शेयर खरीद बेच सकते है जिसमे आपको डीमेट अकाउंट खुलवाना होगा

किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने और बेचने के लिए स्टॉक ब्रोकर होते है कुछ स्टॉक ब्रोकर के नाम में Suggest करूँगा जो निम्न है –

India में जहाँ शेयर खरीद और बेच सकते है के लिए दो (2) एक्सचेंज है

  • NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज)
  • BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज)

NSE FULL FORM – National Stock Exchange

BSE FULL FORM – Bombay Stock Exchange

स्टॉक मार्केट खुलने का समय

Stock Market सुबह 9 बजे शुरू होता है शेयर बाजार में सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक के समय को Pre Open Session कहते है तथा 9 बजकर 8 मिनट पर बाजार का भाव sattled (स्थिर) हो जाता है

और 9 बजकर 15 मिनट से मार्किट शुरू हो जाता है और शाम 3 बजकर 30 मिनट पर बंद हो जाता है शेयर बाजार हर सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9:15 AM से 3:30 PM तक खुला रहता है इसी दौरान शेयरो को खरीद फरोख्त होती है

शेयर मार्किट से लाभ और हानि कैसे होती है ?

शेयर मार्किट से पैसे कमाने के लिए और अपने पैसो को सही शेयर सही भाव में प्रवेश जरुरी है शेयर मार्किट में लाभ हानि कैसे होती है इसे जानने के लिए एक उदाहरण से समझते है

उदहारण :- मान लीजिये किसी A कंपनी का शेयर का भाव 100 रुपये है और आपने 1000 शेयर ख़रीदे यानि आपने 100000 (एक लाख) के शेयर ख़रीदे और वह शेयर कुछ दिन बाद 120 रूपए का हो जाता है अब आपके शेयर्स की कीमत 1200000 (एक लाख बीस हजार ) हो जाती है यानि आपका शुद्ध लाभ 20000 रूपए है इसी तरह अगर शेयर का भाव 90 रुपये हो जाता है तो शेयर्स की कीमत 90000 रूपए हो जाती है और हमें 10000 रूपए का नुकसान होता है

उम्मीद है अब आपको समझ आ गया होगा की शेयर मार्किट में लाभ और हानि कैसे होती है

शेयर मार्किट अकाउंट कैसे खुलवाए

शेयर मार्किट में शेयर खरीदने के लिए डीमेट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट का होना अनिवार्य है और इन्हें आज के डिजिटल युग में खोलना बेहद ही आसान है पोस्ट की शुरुआत में मेने कुछ विश्वसनीय स्टॉक ब्रोकरस के नाम बताये है जिन आप अकाउंट खुलवा सकते है

अकाउंट खुलवाने के लिए आपके पास निम्न डॉक्यूमेंट होने चाहिए

  • आधार
  • पेनकार्ड
  • मोबाइल
  • cancel चेक
  • सादे कागज पर सिग्नेचर
  • और आपका आधार मोबाइल से लिंक होना चाहिए

शेयर मार्केट क्या है (share market kya hai) और इससे पैसे कैसे कमाए की जानकारी उम्मीद है आपको पसंद आई होगी इस पोस्ट को शेयर अपने दोस्तों के साथ social media पर जरुर शेयर करे

शेयर बाजार के फायदे Share Market Benefits Hindi

What Is Share Market In Hindi (शेयर मार्केट क्या है ?) Share market के बारे में तो अपने जरूर सुना होगा कुछ लोगो को तो इसके बारे में अच्छी तरह पता है लेकिन यदि आपको Share market बारे में नहीं पता है तो आज हम आपको Share market hindi में बतायेंगे और बतायेंगे की आप कैसे share market में निवेश करके अच्छे पैसे कमा सकते है इसके फायदे क्या है और इसके नुकसान क्या क्या है ?

Share Market Benefits Hindi

क्योकि आज बहुत से लोग share market से पैसे कमा कर करोड़पति बन चुके है और बहुत लोग share market के अन्दर ट्रेडिंग करना चाहते है लेकिन इसके बारे में जानकारी नही है और share market के फायदे नुकसान के बारे में नही पता है तो वह share market से पैसे नही कमा सकते है इसलिए आज हम Share Market Benefits Hindi के बारे में विस्तार से बतायेंगे | share market ke fayde

शेयर का क्या अर्थ है ?

What is Share Hindi :- Share का अर्थ एक हिस्सा होता है | जब आप किसी कंपनी निवेश करते हैं, तो आप उस कंपनी के आंशिक हिस्सेदार बन जाते हैं |Share किसी कंपनी में आंशिक भागीदारी प्राप्त करने का एक तरीका हैं | जब आप किसी कंपनी का शेयर खरीदते हो, तब आप उस कंपनी के शेयर होल्डर या ‘इक्विटी होल्डर’ बन जाते हो | शेयर को इक्विटी और स्क्रिप्ट भी कहा जाता है |

जैसे – एक ABC कंपनी की कुल पूंजी 1 करोड़ है, और कंपनी अपनी 1 करोड़ की पूंजी को, 1 लाख अलग-अलग, बराबर मूल्य के हिस्से में बाँट देती है, अब बांटा गया हर एक हिस्सा, कंपनी की पूंजी का एक सबसे छोटा भाग है जिसकी कीमत अब 100 रूपये है, पूंजी के इसी छोटे भाग को ही SHARE कहा जाता है,

इस तरह ABC कंपनी की पूंजी SHARE में बाँट दिए जाने पर अब कंपनी की पूंजी SHARE CAPITAL कहलाएगी, जो इस प्रकार से होगी –

TOTAL NO of SHARE X SHARE PRICE = SHARE CAPITAL

1,00,000 (एक लाख SHARE) X 100 (एक शेयर) = 1,00,00,000 (1 करोड़ कुल शेयर कैपिटल)

शेयर मार्किट क्या है ? What is Share market in Hindi?

Share Market kya hai? Share market या stock market एक ऐसा मार्किट जंहा कंपनी के शेयर की Selling aur Purchasing की जाती है यानि जिस मार्किट के अन्दर कंपनीज के शेयर को खरीदा और बेचा जाता है उसे Share market या stock market कहते है शेयर मार्किट के अंदर बहुत सी कंपनी अपने शेयर Issue करती है और बहुत से इंवेस्टवेर उन्हें खरीदते है और फिर उन्हें बेचते है और इस प्रक्रिया को Stock Market ट्रेडिंग कहते है share market in hindi basic knowledge

और यह एक बहुत से लोग बहुत सारा पैसा कमाते है और बहुत से लोग बहुत सारा पैसा डूबा भी देते हैकंपनी के शेयर की कीमत कभी घटती ही तो कभी बढती रहती है इसलिए Share market in hindi बहुत जोखिम वाली मार्किट है क्योकि यदि कोई किसी कंपनी के के शेयर खरीदता है तो उस इन्वेस्टर की उस कंपनी के लाभ और हानि के अन्दर हिसेदारी हो जाती है तो कंपनी अच्छी परफॉरमेंस के साथ काम कर रही है तो शेयर का रेट कम नही होगा और इन्वेस्टर को लाभ होगा और कंपनी की परफॉरमेंस अच्छी नही है तो इन्वेस्टर के शेयर रेट कम हो जायेगा और उसके पैसे डूब जायेंगे | share market ke fayde

शेयर बाजार के फायदे – Share Market Benefits hindi

उच्च लिक्विडिटी (High Liquidity) :- इंडियन शेयर मार्किट में, दो एक्सचेंज, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) हैं ज्यादातर कंपनियां या तो इन इन दोनों एक्सचेंजों पर या इनमें से किसी एक में अपने शेयरों का बिज़नेस करती हैं। यह निवेशकों को उच्च लिक्विडिटी प्रदान करता है क्योंकि औसत दैनिक मात्रा अधिक होती है। इसलिए, यदि कोई इन्वेस्टर स्टॉक एक्सचेंजों पर किसी भी शेयर को खरीदना या बेचना चाहता है, तो लिक्विडिटी इसे आसान बनाती है।

कम समय अवधि में उच्च रिटर्न (High returns) :- Bonds और Fixed Deposits जैसे अन्य इन्वेस्टमेंट ऑप्शन से तुलना की जाये तो शेयर मार्किट निवेशकों को तुलनात्मक रूप से कम समय अवधि में अधिक रिटर्नदेता है लेकिन शेयर मार्किट रूल को फॉलो करना पड़ेगा जैसे : ट्रेडिंग की योजना बनाना, स्टॉप–लॉस और ले–प्रॉफिट ट्रिगर्स का उपयोग करना, अनुसंधान और उचित परिश्रम करना, और धैर्यवान होने से स्टॉक निवेश में निहित risk को काफी कम किया जा सकता है और शेयर बाजार निवेश पर रिटर्न को बढाया जा सकता है |

No Money Investment Limit :- शेयर मार्किट एक ऐसा इन्वेस्टमेंट आप्शन है जिसके अन्दर अगर आपके पास ₹1000 भी है, तो भी आप इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हैं और अगर वह शेयर मार्किट में शेयर को खरीदना और बेचना कैसे है 1000 करोड़ पर करोड़ है तब भी आप शुरू कर सकते हैं, यहां पर इन्वेस्टमेंट करने के लिए कम से कम या अधिक से अधिक पैसों की कोई सीमा नहीं है |

पैसे से पैसा कमाना :- शेयर मार्किट एक ऐसी जंहा आपको किसी तरह का कोई भी प्रोडक्ट खरीदना या बेचना नहीं होता हैइ आप सिर्फ अपने पैसों से स्टॉक्स खरीदते हैं और STOCKS बेचकर बेचकर पैसे प्राप्त करते हैं |

Share Market Benefits hindi

लाभ और हानि की कोई सीमा नहीं :- शेयर मार्किट के अन्दर प्रॉफिट और loss की कोई लिमिट नही है इसके अन्दर इन्वेस्टर के उपर निर्भर करता है की कितने अच्छे से ट्रेडिंग कर सकता है और अच्छे पैसे कमा सकता है |

No Time और Space Limit :- शेयर मार्किट एक सप्ताह के अन्दर 5 दिन और हर दिन 6 घंटे चलता है ओ आप अपनी मर्जी के हिसाब से ट्रेडिंग कर सकते है और शेयर मार्किट में शेयर को खरीदना और बेचना कैसे है इसके लिए ज्यादा स्पेस की जरुरत नही पड़ती है और जंहा अच्छा इन्टरनेट मिले वंहा से ट्रेडिंग कर सकते है |

Regulatory Environment and Framework :- इंडियन स्टॉक मार्किट को स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) द्वारा कण्ट्रोल किया जाता है SEBI के पास स्टॉक एक्सचेंजों को विनियमित करने, इसके विकास और इन्वेस्टर के अधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी है। इसका मतलब यह है कि जब इन्वेस्टर शेयर बाजार में वित्तीय प्रोडक्ट में निवेश करते हैं तो उसके साथ कोई धोखाधड़ी नही हो सकती है

Facility (सुविधा) :- स्टॉक मार्किट के अन्दर इन्वेस्टर को बहुत सी सुविधा दी जाती है जैसे कोई भी इन्वेस्टर इलेक्ट्रॉनिक रूप से शेयर को ट्रान्सफर कर सकता है और ट्रेडिंग कर सकता है इसके अलावा, ब्रोकिंग सेवा प्रदाता ऑनलाइन शेयर कारोबार सुविधाएं प्रदान करते हैं जो निवेश को सुविधाजनक बनाते हैं, क्योंकि निवेशक अपने घरों या कार्यालयों के आराम से कंप्यूटर के माध्यम से शेयर मार्किट में शेयर को खरीदना और बेचना कैसे है अपने आर्डर स्थापित कर सकते हैं |

यदि आपको ये Share market in Hindi in India 2020 की जानकारी पसंद आई या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter और दुसरे Social media sites share कीजिये

शेयर कैसे खरीदे और बेचे जाते हैं? जानिए कैसे करते हैं शेयर मार्केट में इंवेस्ट?

हेलो दोस्तों ! आज के समय में हर कोई जल्दी पैसे कमाना चाहता है, लेकिन पैसे कमाना इतना भी आसान नहीं है. ऐसे में शेयर मार्केट एक ऐसी जगह है जहाँ से आप शेयर मार्किट में शेयर को खरीदना और बेचना कैसे है अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. लेकिन शेयर्स में पैसा लगाने से पहले आपको इस बारे में जानकारी होना बहुत जरुरी है कि शेयर में पैसा कैसे लगाया जाता है? या शेयर मार्किट में शेयर को खरीदना और बेचना कैसे है शेयर कैसे ख़रीदे और बेचे जाते हैं? या शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट कैसे किया जाता है? यदि आप भी इस बारे में नहीं जानते हैं तो चलिए हम आपको इसकी जानकारी विस्तार से दे देते हैं.

सबसे पहले जानते हैं शेयर क्या है?

‘शेयर यानि हिस्सा’, इस शब्द से ही आपको यह समझ आ गया होगा कि शेयर यानि हिस्सा होता है. जैसे आप यदि किसी कंपनी का शेयर खरीदते हैं तो इसका मतलब है कि उस कंपनी में आपका हिस्सा है. उदाहरण से समझे तो मान लीजिए आपने टाटा का कोई शेयर ख़रीदा है. यानि अपने टाटा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी खरीदी है. आप इसे पार्टनरशिप भी कह सकते हैं. यानि कंपनी का मुनाफा अपना मुनाफा और कंपनी का नुकसान आपका नुकसान.

अब जानिए शेयर मार्केट क्या होता है?

शेयर मार्केट को स्टॉक एक्सचेंज के नाम से भी जाना जाता है. इसके लिए आपको एक उदाहरण से समझाते हैं. जिस तरह हमें घर का सामान खरीदने के लिए किराना स्टोर जाना होता है या जैसे हमें सब्जी या फल खरीदना हो तो हम मंडी जाते हैं. ठीक उसी तरह शेयर खरीदने के लिए या शेयर बेचने के लिए एक मार्केट होता है जिसे शेयर मार्केट कहा जाता है. इसे हम शेयर बाजार या स्टॉक एक्सचेंज भी कहते हैं. यहाँ आप अपने लिए शेयर खरीद और अपने शेयर बेच सकते हैं.

स्टॉक एक्सचेंज में 2 तरह के मार्केट या एक्सचेंज होते हैं. पहला है ‘नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)’ और दूसरा है ‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)’.

शेयर कैसे खरीदे और बेचे जाते हैं ?

पहले की तुलना में अब शेयर खरीदने की प्रक्रिया में काफी बदलाव आ चुका है. पहले शेयर मार्केट से शेयर की खरीदी या बिकवाल करने के लिए हमें स्टॉक एक्सचेंज जाना होता था या किसी ब्रोकर या दलाल से सम्पर्क बनाना होता था. तब जाकर हम अपना शेयर खरीद और बेच पाते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब आपको शेयर खरीदने और बेचने के लिए खुद का डिमैट अकाउंट होना चाहिए. इसके जरिए आप शेयर खरीद और बेच सकते हैं. इसके साथ ही यह भी बता दें कि आप अपना डिमैट अकाउंट किसी भी ब्रोकिंग कंपनी के माध्यम से आसानी से बना सकते हैं. इसके लिए कई ब्रोकिंग कंपनियां जैसे एंजेल ब्रोकिंग, ट्रेडिंग बेल, जेरोधा आदि हैं जहाँ आप अपना डिमैट अकाउंट खोल सकते हैं.

कैसे करें शेयर की खरीदी या बिकवाली ? (In few Steps)

1. सबसे पहले आपको अपने डिमैट अकाउंट में लॉग इन करना होगा.

2. इसके बाद आपको जिस कंपनी का शेयर खरीदना है उसका नाम सर्च करें.

3. कंपनी के नाम पर क्लिक करने के साथ ही उस कंपनी के शेयर की जानकारी और साथ ही buy/sell दोनों का आप्शन मिल जाएगा.

4. इसे सेलेक्ट करने के बाद आपके सामने कुछ चीजें आती हैं जैसे स्टॉक या शेयर खरीदने की अवधि ? शेयर की प्राइस ? या आपको जिस प्राइस पर अपना पाको को कितने दिन के लिए खरीदना चाहते है ? किस प्राइस से आपको खरीदनी है ? शेयर की क्वांटिटी ? आदि.

5. इसी तरह शेयर बेचने के पहले सेल्लिंग प्राइस सामने आता है जहाँ आपको शेयर पर नुकसान या फायदे के बारे में पता चलता है.

Stock Market: स्टॉक मार्केट से होने वाली कमाई पर कैसे लगता है इनकम टैक्स, जानिए क्या हैं इससे जुड़े नियम

अगर आप स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि इससे होने वाली कमाई पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है.

Stock Market: स्टॉक मार्केट से होने वाली कमाई पर कैसे लगता है इनकम टैक्स, जानिए क्या हैं इससे जुड़े नियम

यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि स्टॉक मार्केट से होने वाली कमाई पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है.

Stock Market: हम सभी जानते हैं कि सैलरी, रेंटल इनकम और बिजनेस से होने वाली कमाई पर हमें टैक्स देना होता है. इसके अलावा, आप शेयरों की बिक्री या खरीद से भी मोटी कमाई कर सकते हैं. ऐसे में यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि स्टॉक मार्केट से होने वाली कमाई पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है. कई गृहिणी और रिटायर्ड लोग स्टॉक मार्केट में निवेश के ज़रिए मुनाफा कमाते हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इस मुनाफे पर टैक्स कैसे लगाया जाता है. इक्विटी शेयरों की बिक्री से होने वाली इनकम या लॉस ‘कैपिटल गेन्स’ के तहत कवर होता है.

कैपिटल गेन टैक्स दो तरह के होते हैं- शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म. यह वर्गीकरण शेयरों की होल्डिंग पीरियड के अनुसार किया जाता है. होल्डिंग पीरियड का मतलब है- निवेश की तारीख से बिक्री या ट्रांसफर की तारीख. आइए जानते हैं कि यह क्या है.

Bharat Bond ETF: ‘AAA’ रेटिंग वाली PSU कंपनियों में पैसा लगाने का मौका, सरकार ने पेश किया भारत बांड ईटीएफ

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स (LTCG)

अगर शेयर मार्केट में लिस्टेड शेयरों को खरीदने से 12 महीने के बाद बेचने पर मुनाफा होता है तो इस पर LTCG के तहत टैक्स देना पड़ता है. 2018 के बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को फिर से शुरू किया गया था. इससे पहले इक्विटी शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड ( Equity Mutual funds) की यूनिटों की बिक्री से होने वाले मुनाफे पर टैक्स नहीं लगता था. इनकम टैक्स रूल्स (Income tax Rules) के सेक्शन 10 (38) के तहत इस पर टैक्स से छूट मिली हुई थी.

2018 के बजट में शामिल किए गए प्रावधान में कहा गया कि अगर शेयर मार्किट में शेयर को खरीदना और बेचना कैसे है एक साल के बाद बेचे गए शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड की यूनिटों की बिक्री पर एक लाख रुपये से ज्यादा का कैपिटेल गेन हुआ है तो इस पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा.

शॉर्ट टर्म कैपिटेल गेन्स टैक्स (STCG)

अगर आप शेयर मार्केट में लिस्टेड किसी शेयर को खरीदने के 12 महीनों के अंदर बेचते हैं, तो इस पर आपको 15 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा. भले ही आप इनकम टैक्स देनदारी के 10 फीसदी के स्लैब में आते हों या 20 या 30 फीसदी के स्लैब के तहत, आपने शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन किया है तो इस पर 15 फीसदी का ही टैक्स लगेगा.

अगर आपकी टैक्सेबल इनकम ढाई लाख रुपये से कम है तो शेयर बेचने से हासिल लाभ को इससे एडजस्ट किया जाएगा और फिर टैक्स कैलकुलेट होगा. इस पर 15 फीसदी टैक्स के साथ 4 फीसदी सेस लगेगा.

सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT)

स्टॉक एक्सचेंज में बेचे और खरीदे जाने वाले शेयरों पर सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स यानी STT लगता है. जब भी शेयर बाजार में शेयरों की खरीद-बिक्री होती है, इस पर यह टैक्स देना पड़ता है. शेयरों की बिक्री पर सेलर को 0.025 फीसदी टैक्स देना पड़ता है. यह टैक्स शेयरों के बिक्री मूल्य पर देना पड़ता है. डिलीवरी बेस्ड शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड की यूनिट्स की बिक्री पर 0.001 फीसदी की दर से टैक्स लगता है.

इंट्रा-डे, फ्यूचर-ऑप्शन ट्रेडिंग पर टैक्स

अगर आप इंट्रा-डे ट्रेडिंग या फ्यूचर-ऑप्शन के ज़रिए ट्रेडिंग करते हैं तो इस पर होने वाली कमाई पर भी टैक्स देनदारी बनती है. इंट्रा-डे ट्रेडिंग से होने वाली कमाई को स्पेक्युलेटिव बिजनस इनकम कहते हैं. इसके अलावा, फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग से हुई कमाई को नॉन-स्पेक्युलेटिव बिजनस इनकम कहा जाता है. इनसे होने वाली कमाई पर आपको टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है. इसका मतलब है कि स्लैब के अनुसार, 2.5 लाख रुपये तक की कमाई पर टैक्स नहीं लगेगा. इसके ऊपर की कमाई पर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा.

रेटिंग: 4.96
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 418
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *