निवेश के तरीके

विदेशी मुद्रा बाजार

विदेशी मुद्रा बाजार
जिन इकाइयों ने विदेशी मुद्रा में लेन-देन के लिये जोखिम से बचाव के उपाए नहीं किये हैं, उन्हें विदेशी विनिमय दरों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव के दौरान काफी नुकसान विदेशी मुद्रा बाजार उठाना पड़ सकता है. इस नुकसान से संबंधित इकाई का बैंकों से लिये गये कर्ज चुकाने की क्षमता प्रभावित होगी और चूक की आशंका बढ़ेगी. इससे पूरी वित्तीय प्रणाली की सेहत पर असर पड़ेगा.

बाजार विदेशी मुद्रा की विशिष्ट आकर्षक विशेषताएँ - Distinctive Attractive Features of Market Forex

• विदेशी मुद्रा की तरलता

• बाजार बहुत बड़ा सचालित पैसे की और पूरा को खोलने के लिए या इस समय एक मौजूदा स्थिति को बंद करने की स्वतंत्रता देता है। बाजार उद्धरण के लिए एक शक्तिशाली चुबक है क्योकि किसी भी निवेशक, वह उसके लिए खुला है और किसी भी मात्रा की स्थिति को बद करने की स्वतंत्रता देता है।

• दक्षता विदेशी मुद्रा

• 24 घंटे के आपरेशन के द्वारा प्रतिभागियों विदेशी मुद्रा बाजार में एक घटना पर प्रतिक्रिया के रूप में यह कई बाजारों में होता है, प्रतीक्षा नहीं की जरूरत है।

• विदेशी मुद्रा की उपलब्धता

• 24 घंटे एक दिन व्यापार की क्षमता, एक बाजार प्रतिभागी एक घटना पर प्रतिक्रिया के लिए प्रतीक्षा करने की आवश्यकता महसूस नहीं करता है, व्यापार विदेशी मुद्रा के संगठन की लचीला विनियमन, मुद्रा बाजार की स्थिति पूर्व से स्थापित अवधि के अनुरोध पर खुला हो सकता है निवेशक जो उनके भविष्य गतिविधि के लिए योजना के लिए समय की अनुमति देता है।

RBI ने विदेशी मुद्रा लेनदेन पर जारी किए दिशानिर्देश, जनवरी 2023 से आएंगे प्रभाव में

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)

  • भाषा
  • Last Updated : October 11, 2022, 22:01 IST

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को किसी भी यूनिट के पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए बगैर विदेशी मुद्रा में लेन-देन को लेकर बैंकों के लिये संशोधित दिशानिर्देश जारी किया है. इस पहल का मकसद विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान को कम करना है. आरबीआई इकाइयों के जोखिम से बचाव के उपाए किए बिना उस विदेशी मुद्रा में लेन-देन (यूएफसीई) के मामले में बैंकों के लिये समय-समय पर दिशानिर्देश जारी करता रहा है, जो बैंकों से कर्ज के रूप में लिये गये हैं.

विदेशी मुद्रा बाजार

विदेशी मुद्रा बाजार में डालर के मुकाबले रुपया 10 पैसे मजबूत

विदेशी मुद्रा बाजार में डालर के मुकाबले रुपया 10 पैसे मजबूत

मुंबई। बैंकरों और निर्यातकों की डालर बिकवाली से अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार को डालर के मुकाबले रुपया 10 पैसे मजबूत रहा। कारोबार की समाप्ति पर एक डालर की कीमत 70.82 रुपए रही।

कारोबार की शुरुआत में रुपए पर दबाव था और विनिमय दर छह पैसे बढ़कर 70.98 रुपए हो गई । बाद में डालर की आमद बढ़ने से रुपए को मजबूती मिली और गत दिवस की तुलना में एक डालर की कीमत 10 पैसे गिरकर 70.82 रुपए रह गई ।

सत्र के दौरान डालर का उच्च भाव 70.99 तक गया । विश्व की अन्य मुद्राओं की तुलना में डालर के कमजोर पड़ने और शेयर बाजारों में लगातार छठे दिन तेजी से रुपए को मजबूती मिली ।

आरबीआई पैनल ने विदेशी मुद्रा बाजार विदेशी मुद्रा बाजार के लिए समय में बदलाव किया

आरबीआई पैनल ने विदेशी मुद्रा बाजार के लिए समय में बदलाव किया |_40.1

आरबीआई की आंतरिक समिति ने सुझाव दिया है कि विदेशी मुद्रा बाजार सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक कार्यशील कर सकता है। वर्तमान में, मुद्रा बाजार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कार्यशील रहता है। पैनल ने सुझाव दिया है कि कॉल मनी मार्केट समय को अब शाम 5 बजे के बजाय शाम 6 बजे तक बढ़ाया जा सकता है।

बाजार समय के विस्तार से पोस्ट मार्केट समय की जानकारी / डेटा के बेहतर मूल्य निर्धारण, बेहतर ऑनशोर प्राइस डिस्कवरी और ऑफशोर वॉल्यूम की संभावित शिफ्टिंग जैसे लाभ प्रदान करने की उम्मीद है।

इस वजह से आई गिरावट

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़े के मुताबिक, 26 अगस्त को खत्म समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान भंडार में गिरावट विदेशी मुद्रा आस्तियों (FCA), समग्र भंडार (Foreign Exchange Reserves of India) का एक प्रमुख घटक और स्वर्ण भंडार में गिरावट के कारण थी. समीक्षाधीन सप्ताह में FCA 2.571 बिलियन अमरीकी डॉलर घटकर 498.645 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया. आईएमएफ (IMF) के साथ देश की स्थिति भी समीक्षाधीन सप्ताह में 10 मिलियन अमरीकी डॉलर घटकर 4.926 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गई.

भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, निरपेक्ष रूप से 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के चलते मुद्रा भंडार (foreign exchange विदेशी मुद्रा बाजार reserves of india) में 70 अरब अमेरिकी डॉलर की गिरावट आई. जबकि कोविड-19 अवधि के दौरान इसमें 17 अरब डॉलर की ही कमी हुई. वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते इस वर्ष 29 जुलाई 2022 तक 56 अरब डॉलर की कमी (Foreign Exchange Reserves) आई है.

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