शुरुआती लोगों की मुख्य गलतियाँ

प्रमुख विदेशी मुद्रा व्यापार सत्र क्या हैं

प्रमुख विदेशी मुद्रा व्यापार सत्र क्या हैं
31. भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित प्रथम भारतीय कौन थे ?

प्रमुख विदेशी मुद्रा व्यापार सत्र क्या हैं

हेलो दोस्तो आपका हमारे वेबसाइट www.gyan-ganga.com पर आपका स्वागत है यदि आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आप यह भली-भांति जानते होंगे कि भारत के सभी उच्च एवं निम्न स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान के प्रश्नोत्तर पूछे जाते हैं सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से सामान्य ज्ञान एक महत्वपूर्ण विषय है इसलिए वर्तमान समय में प्रत्येक विधार्थियों के लिए सामान्य ज्ञान के प्रश्नो का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है इसी को ध्यान में रखते हुए आज हम इस लेख में टॉपिक वाइज सामान्य ज्ञान के प्रश्नोत्तर ( Topic Wise GK Question in Hindi 2022 ) उपलब्ध करवा रहे हैं ।

इसके साथ ही इस लेख में 300 महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान के प्रश्नोत्तर भी उपलब्ध करवा रहे हैं अगर आप किसी भी प्रमुख विदेशी मुद्रा व्यापार सत्र क्या हैं केंद्रीय स्तरीय अथवा राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है इसलिए हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

Top 500 General Knowledge Questions in Hindi 2022 Topic Wise

1. FM का विस्तारित नाय क्या है ?

उत्तर :- FM आ विस्तारित रूप Frequency Modulation ( फ्रिकवेंसी माड्यूलेशन ) है ।

2. भारत के किस शहर को वर्ष 1858 में केवल एक दिन के लिए भारत की राजधानी घोषित किया गया था ?

उत्तर :- उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित इलाहाबाद शहर जिसका वर्तमान नाम प्रयागराज है को वर्ष 1958 में केवल 1 दिन के लिए भारत की राजधानी घोषित किया गया था ।

3. PDF का पूर्ण रूप क्या है ?

उत्तर :- ( Portable document format ) पोर्टेबल डॉक्युमेंट फॉरमैट

4. कंप्यूटरीकृत भाषा में WWW का क्या अर्थ है ?

उत्तर :- World Wide Web

5. अंग्रेजों प्रमुख विदेशी मुद्रा व्यापार सत्र क्या हैं द्वारा शुरू किए गये किस कानून को काला कानून कहा जाता है ?

UNCTAD: वैश्विक महामारी से उबरने में सभी की समृद्धि का रास्ता.

कोविड महामारी के कारण घटता व्यापार.

संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की वर्ष 2020 की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी ने अत्यधिक वैश्वीकृत विश्व की कमियों को उजागर कर दिया है जो 1980 के दशक में शुरू हुआ था. इसमें असमानता के उच्च स्तर, किरायों का एकीकृत होना, श्रम बाज़ार का कम होता हिस्सा, अनौपचारिक सैक्टर का बढ़ता दायरा और क़र्ज़ का बढ़ता स्तर और देशों की घटती भूमिका जैसी ख़ामियाँ शामिल हैं. संगठन के वैश्वीकरण और विकास रणनीति विभाग में आर्थिक मामलों की वरिष्ठ अधिकारी रश्मि बाँगा का ब्लॉग.

विश्व अर्थव्यवस्था

वैश्विक अर्थव्यवस्था के कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप इस वर्ष 4 प्रतिशत से अधिक सिकुड़ने का अनुमान है जिसमें अनुमानित 6.8 प्रतिशत अंकों की गिरावट के कारण साल के अन्त तक वैश्विक उत्पाद में 6 खरब डॉलर से अधिक की कमी आएगी.

यूएनसीटीएडी के वैश्वीकरण और विकास रणनीति विभाग में आर्थिक मामलों की वरिष्ठ अधिकारी,रश्मि बाँगा

विश्व अर्थव्यवस्था "90% अर्थव्यवस्था" होगी, जो पहले की तुलना में छोटी व बहुत प्रमुख विदेशी मुद्रा व्यापार सत्र क्या हैं नाज़ुक होगी और अधिक असमान व भविष्य के झटकों के लिये अधिक असुरक्षित है. दुनिया "K" आकार की पुनर्बहाली (Recovery) का अनुभव करेगी, जिसमें असमान पुनर्बहाली और प्रगति होती है, धनी वर्ग के लिये "V-आकार" की पुनर्बहाली और बाक़ी सभी के लिये संघर्ष का दौर. "V" आकार की पुनर्बहाली में मन्दी के बाद तेज़ी से हालात बेहतर हो जाते हैं.

व्यापार में संकुचन

व्यापार में इस वर्ष लगभग 20 प्रतिशत संकुचन होगा, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आएगी, और विदेशों व अन्य स्थानों से अपनें घरों व मूल स्थानों को भेजी जाने वाली रक़म में 100 अरब डॉलर तक की कमी आएगी.

सबसे ज़्यादा कमी, वैसे तो विकसित दुनिया में होगी, मगर सबसे बड़े आर्थिक व सामाजिक नुक़सान विकासशील विश्व में होंगे जहाँ अनौपचारिक सैक्टर का स्तर बहुत ज़्यादा है. विकासशील देशों में उपभोक्ता वस्तुएँ और पर्यटन विदेशी मुद्रा के मुख्य स्रोत हैं. वित्तीय क्षेत्र को भारी-भरकम क़र्ज़ ने दबा दिया है.

इस वर्ष विकसित दुनिया प्रमुख विदेशी मुद्रा व्यापार सत्र क्या हैं 5.8 प्रतिशत तक सिकुड़ जाएगी और 2021 में वृद्धि प्रमुख विदेशी मुद्रा व्यापार सत्र क्या हैं दर 3.1 प्रतिशत होगी, यानि खोया हुआ विकास पूरी तरह हासिल नहीं होगा.

हालाँकि विकासशील देश खोया हुआ विकास पुन: प्राप्त करने में सक्षम होंगे, लेकिन वो भी ज़्यादातर चीन की वजह से. भारत में 2021 में 5.9 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि बढ़कर 3.9 प्रतिशत होने की उम्मीद है.

डिजिटल नियम

उद्योग 4.0 ने विकासशील देशों के लि/s नई चुनौतियाँ पैदा की हैं. डिजिटल खाई को पाटने के लिये नीतिगत आज़ादी की ज़रूरत होगी. संयुक्त वक्तव्य पहल के तहत देशों के बीच डिजिटल नियमों जैसे नए मुद्दों पर चर्चा चल रही है, जो इस नीतिगत स्वतन्त्रता को गम्भीर रूप से सीमित कर सकता है.

इसलिये, ये नियम तब तक बहुपक्षीय नहीं बनाए जाने चाहियें, जब तक कि विकासशील देश अपने विकास के निहितार्थ को पूरी तरह समझ ना जाएँ.

बहुपक्षवाद की वास्तविक भावना को पुनर्जीवित करना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि व्यापार वैश्वीकरण और राष्ट्र व राज्य एक-दूसरे के मुक़ाबले प्रतिस्पर्धी न बनें, बल्कि पारस्परिक रूप से ख़ुद को सुदृढ़ करें.

Dollar vs Rupee: अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 7 पैसे गिरा, जानिए क्या कहना है विशेषज्ञों का?

Viren Singh

Dollar vs Rupee

Dollar vs Rupee: (सोशल मीडिया)

Dollar vs Rupee: भारतीय मुद्रा रुपए की गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर की तुलना में 7 पैसे नीचे जाकर 81.81 प्रति डॉलर (अनंतिम) पर बंद हुआ। इससे पहले बीते दो लगातार कारोबारी सत्र में रुपया डॉलर की तुलना में गिरावट पर बंद हुआ था।

81.84 पर खुला रुपया

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में आज शुरुआती कारोबार में स्थानीय इकाई 81.84 पर खुला था। उसके बाद कारोबार में रुपया 81.74 के उच्च स्तर प्रमुख विदेशी मुद्रा व्यापार सत्र क्या हैं और 81.91 के निचले स्तर पर गया है। बाद में 81.81 पर बंद हुआ, जोकि पिछले बंद के मुकाबले 7 पैसे की गिरावट को दर्शाता है। बीते कारोबार के आखिरी दिन शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर की तुलना में 10 पैसे की गिरावट के साथ 81.74 पर बंद हुआ था।

देश की खबरें | भारत ऐसी व्यवस्था में विश्वास नहीं करता जहां कुछ देशों को दूसरों से श्रेष्ठ समझा जाता है : राजनाथ

देश की खबरें | भारत ऐसी व्यवस्था में विश्वास नहीं करता जहां कुछ देशों को दूसरों से श्रेष्ठ समझा जाता है : राजनाथ

नयी दिल्ली, 25 नवंबर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत किसी ऐसी विश्व व्यवस्था में विश्वास नहीं करता जहां कुछ देशों को दूसरों से श्रेष्ठ समझा जाता है । उन्होंने कहा कि देशों के कार्य मनुष्यों की समानता एवं सम्मान के सार तत्व से मार्गदर्शित हों जोकि प्राचीन मूल्यों का हिस्सा है।

हिन्द प्रशांत क्षेत्रीय वार्ता (आईपीआरडी) 2022 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने सुरक्षा और समृद्धि को हमेशा सम्पूर्ण मानवता के ‘सामूहिक उद्देश्य’ के रूप में देखा है।

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