शुरुआती लोगों की मुख्य गलतियाँ

दिन के चैनल संकेतक

दिन के चैनल संकेतक

थोड़ी सी लापरवाही बन सकती है हादसे का सबब

देवरिया। वाहन चालकों खासकर दोपहिया चालकों के लिए नगर और आसपास के कुछ स्थानों पर अपनी स्पीड पर ब्रेक लगा लेना चाहिए। यहां थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। इसके बाद भी कोई सबक लेने दिन के चैनल संकेतक को तैयार नहीं है। न ही वह हेलमेट पहनने को तैयार है और न ही रफ्तार धीमी करने को। यही कारण है कि इन जगहों पर दुर्घटनाएं होती हैं।
यहां संभल कर चलें
नगर और आसपास के कुछ स्थान ऐसे हैं, जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसमें गोरखुपर ओवरब्रिज, कोऑपरेटिव तिराहा, डीएम आवास, कचहरी चौराहा, बस स्टेशन, भटवलिया, जेल चौकी, कसया ढाला, पुरवां चौराहा, कसया बाईपास, आईटीआई कॉलेज गेट शामिल हैं। शहर में होने वाली अधिकांश मार्ग दुर्घटनाएं इसी के इर्दगिर्द होती हैं। इसके अलावा सदर कोतवाली के सोनूघाट चौराहा, भीमपुर गौरा, तरकुलवा का चट्टी मोड़, खुखुंदू का बहादुरपुर मोड़ और परसिया आदि स्थानों पर भी आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
प्रमुख सचिव के आदेश पर अमल नहीं
फरवरी में प्रमुख सचिव गृह ने प्रदेश भर के डीएम और पुलिस कप्तानों को आदेश दिए थे कि ऐसे स्थानाें को चिह्नित किया जाए, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होतीं हैं। साथ ही उन्हाेंने यह भी निर्देश दिया कि उन स्थानों पर सड़कों का मरम्मत कराकर संकेतक लगाए जाएं। इस आदेश को ढाई माह से अधिक समय हो गया, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ।
चैनल डिवाइडर भी नहीं आया काम
करीब तीन माह पूर्व तत्कालीन एसपी एलआर कुमार ने सिविल लाइंस में ओवरब्रिज से भटवलिया चौराहे तक चैनल डिवाडर लगवाया था। उनकी सोच थी कि दिन के चैनल संकेतक इससे इससे शहर में जाम से मुक्ति तो मिलेगी ही, दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। उनके स्थानांतरण के बाद इसे हटा लिया गया।
खतरों के खिलाड़ी न बनें
तमाम नसीहतों के बाद भी नगर में अब भी बाइक सवार बगैर हेलमेट लगाए खतरों के खिलाड़ी बनकर घूम रहे हैं। उन्हें न अपनी जान की परवाह दिख रही है और न ही कानून का पालन करने को तैयार हैं। ऐसे वाहन चालकों पर पुलिस भी सख्ती नहीं दिखा रही है।
हेलमेट पहनने से बच सकती है जान
जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यूडी त्रिपाठी कहते हैं कि बाइक चलाने वालों को हमेशा हेलमेट पहनना चाहिए। किसी दुर्घटना में यह उनकी जान बचा सकता है। उन्होंने अपील की कि बाइक चलाने वाले लोग स्वेच्छा से हेलमेट पहनें।

देवरिया। वाहन चालकों खासकर दोपहिया चालकों के लिए नगर और आसपास के कुछ स्थानों पर अपनी स्पीड पर ब्रेक लगा लेना चाहिए। यहां थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। इसके बाद भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। न ही वह हेलमेट पहनने को तैयार है और न ही रफ्तार धीमी करने को। यही कारण है कि इन जगहों पर दुर्घटनाएं होती हैं।


यहां संभल कर चलें
नगर और आसपास के कुछ स्थान ऐसे हैं, जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसमें गोरखुपर ओवरब्रिज, कोऑपरेटिव तिराहा, डीएम आवास, कचहरी चौराहा, बस स्टेशन, भटवलिया, जेल चौकी, कसया ढाला, पुरवां चौराहा, कसया बाईपास, आईटीआई कॉलेज गेट शामिल हैं। शहर में होने वाली अधिकांश मार्ग दुर्घटनाएं इसी के इर्दगिर्द होती हैं। इसके अलावा सदर कोतवाली के सोनूघाट चौराहा, भीमपुर गौरा, तरकुलवा का चट्टी मोड़, खुखुंदू का बहादुरपुर मोड़ और परसिया आदि स्थानों पर भी आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।


प्रमुख सचिव के आदेश पर अमल नहीं
फरवरी में प्रमुख सचिव गृह ने प्रदेश भर के डीएम और पुलिस कप्तानों को आदेश दिए थे कि ऐसे स्थानाें को चिह्नित किया जाए, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होतीं हैं। साथ ही उन्हाेंने यह भी निर्देश दिया कि उन स्थानों पर सड़कों का मरम्मत कराकर संकेतक लगाए जाएं। इस आदेश को ढाई माह से अधिक समय हो गया, लेकिन इस पर दिन के चैनल संकेतक अमल नहीं हुआ।
चैनल डिवाइडर भी नहीं आया काम
करीब तीन माह पूर्व तत्कालीन एसपी एलआर कुमार ने सिविल लाइंस में ओवरब्रिज से भटवलिया चौराहे तक चैनल डिवाडर लगवाया था। उनकी सोच थी कि इससे इससे शहर में जाम से मुक्ति तो मिलेगी ही, दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। उनके स्थानांतरण के बाद इसे हटा लिया गया।

खतरों के खिलाड़ी न बनें
तमाम नसीहतों के बाद भी नगर में अब भी बाइक सवार बगैर हेलमेट लगाए खतरों के खिलाड़ी बनकर घूम रहे हैं। उन्हें न अपनी जान की परवाह दिख रही है और न ही कानून का पालन करने को तैयार हैं। ऐसे वाहन चालकों पर पुलिस भी सख्ती नहीं दिखा रही है।
हेलमेट पहनने से बच सकती है जान
जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यूडी त्रिपाठी कहते हैं कि बाइक चलाने वालों को हमेशा हेलमेट पहनना चाहिए। किसी दुर्घटना में यह उनकी जान बचा सकता है। उन्होंने अपील की कि बाइक चलाने वाले लोग स्वेच्छा से हेलमेट पहनें।

अरनब के चैनल पर Times Now पर हुई टिप्पणी, एम.के आनंद ने दिया जवाब.

अंग्रेजी के दो बड़े चैनल एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल ये दो चैनल हैं- ‘ टाइम्स नाउ ’ और ‘ रिपब्लिक टीवी ’ , जिनके हेड अपने चैनल की बादशाहत को नंबर-1 बनाने की एवज में फेसबुक पर उतर आए हैं और यह तब हुआ जब रिपब्लिक टीवी ने अपने प्रतिद्वंद्वी चैनल ‘ टाइम्स नाउ ’ का नाम सीधे तौर पर अपने चैनल पर यह कहते हुए “Viewership Annihilation and Demolition of Times Now Complete” 5 जनवरी, 2018 को चला दिया।

हालांकि समय-समय पर दोनों चैनलों ने शीर्ष पर होने का दावा करते रहते हैं , लेकिन यह पहली बार है कि रिपब्लिक टीवी ने ‘ टाइम्स नाउ ’ के नाम को ऑनएयर किया।

एमटीवी इंडिया में एमटीवी व एमटीवी इंडीज रेवन्यू हेड और वॉयकॉम18 के सीनियर वाइज प्रेजिडेंट मेंडर माधुरी नाटेकर ने फेसबुक पोस्ट लिखा, जो यह बताता है कि कैसे दो चैनलों के बीच की लड़ाई आक्रामक रुख अख्तियार कर रही है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘ इंग्लिश न्यूज मार्केट वास्तव में हॉट हो रहा है और ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है । प्रतिस्पर्धा की दौड़ में इस हद तक सनसनीखेज व आक्रमक हेडलाइंस। ’

उनके इस कॉमेंट के बाद कई शख्सियतों ने इस पर अपने कॉमेंट किए। पर चौंकाने वाला कॉमेंट आया टाइम्स नेटवर्क के एमडी व सीईओ एम.के. आनंद का , जबकि रिपब्लिक टीवी की ओर सीईओ विकास खनचंदानी ने कमेंट्स व काउंटर-कमेंट्स किए।

अपने कॉमेंट में आनंद ने लिखा , ‘ नंबर केवल एक संकेतक है और कुछ नहीं, फिर भी हम नंबर्स को पाने के लिए (हमेशा निष्पक्ष तरीके से) अंत तक संघर्ष करते हैं और अपने शीर्ष क्रम को बरकरार रखते हैं। हमारा मुख्य फोकस कंज्यूमर के अनुभव और ब्रैंड की खासियत पर ही रहता है। शीर्ष क्रम जिस चीज की मांग करता है, शान से हम वहां तक खुद को ले जाते हैं। युद्ध के लिए तो हमारे पास स्टार मूवीज और सीएनबीसी जैसे चैनल हैं, क्या आपने इस खतरे को देखा है ?’ आनंद ने सुझाव दिया कि चैनलों को प्रतिस्पर्धा में गर्व होना चाहिए , फिर चाहे वह कितना ही उग्र हो क्यों न हो।

आनंद की इस टिप्पणी के उत्तर में खनचंदानी ने कहा, ‘ निष्पक्षता के बड़े-बड़े दावे करना कितना आसान है, जबकि वास्तविकता कई बार किताब के सभी नियमों के उलट होती है। एक साल पहले तक शीर्ष क्रम के लिए तो ये संख्याएं ही सब कुछ थीं, लेकिन अब एक संकेतक लगती है। एक बार जब आप जंग छेड़ देते हो, तब किसी को पीछे नहीं हटना चाहिए। यही इतिहास रहा दिन के चैनल संकेतक है। सिर्फ इतना कि अभी तक कोई ऐसा प्रतिद्वद्वी नहीं मिला है, जो कानूनी और पुलिस पचड़ों के बावजूद कड़ी मेहनत से डटकर लड़ता और खड़ा रहता है। सच यही है कि इनमें से कोई भी हमारे विश्वास को तोड़ने या हमारे जुनून को कम करने में कामयाब नहीं हो पाया है। ’

आप दोनों के अंग्रेजी में किए गए मूल कॉमेंट्स को नीचे देख सकते हैं.

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डोनचियन चैनल

Donchian चैनल बाजार द्वारा विकसित व्यापार में प्रयोग किया जाता का सूचक है रिचर्ड डोंचियन । यह पिछले n अवधियों के उच्चतम उच्च और निम्नतम निम्न को लेकर बनता है। उच्च और निम्न के बीच का क्षेत्र चुनी गई अवधि के लिए चैनल है।

यह आमतौर पर अधिकांश ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होता है। चार्टिंग प्रोग्राम पर, बाजार मूल्य (या अन्य) मूल्यों पर चैनल को नेत्रहीन रूप से प्रदर्शित करने वाले उच्च और निम्न मूल्यों के लिए एक रेखा चिह्नित की जाती है।

बाजार मूल्य की अस्थिरता को देखने के लिए डोनचियन चैनल एक उपयोगी संकेतक है। यदि कीमत स्थिर है तो डोनचियन चैनल अपेक्षाकृत संकीर्ण होगा। यदि कीमत में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव होता है तो डोनचियन चैनल व्यापक होगा। हालांकि, इसका प्राथमिक उपयोग लंबी और छोटी स्थिति के लिए संकेत प्रदान करने के लिए है । यदि कोई सुरक्षा अपने उच्चतम n अवधियों के ऊपर ट्रेड करती है , तो एक लॉन्ग स्थापित होता है। यदि यह अपने निम्नतम n अवधियों से नीचे ट्रेड करता है , तो एक शॉर्ट की स्थापना की जाती है।

मूल रूप से n अवधि दैनिक मूल्यों पर आधारित थी। आज के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म दिन के चैनल संकेतक के साथ, अवधि निवेशक द्वारा वांछित मूल्य की हो सकती है। यानी: दिन, घंटा, मिनट, टिक, आदि।

अर्थशास्त्र से संबंधित यह लेख एक आधार है । आप विकिपीडिया का विस्तार करके उसकी मदद कर सकते हैं ।

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इसमें व्यावहारिक मार्गदर्शिकाएँ और सहायक चरण-दर-चरण ट्यूटोरियल भी शामिल हैं।

दिन की अवधि

एक योबिबाइट (YiB) कंप्यूटिंग और भंडारण क्षमता को मापने के लिए सबसे बड़ी बाइनरी इकाई है। एक योबिबाइट 2^80 (1,208,925,819,614,629,174,706,176) बाइट्स के बराबर होता है।

संसाधन लाइब्रेरी

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