शुरुआती लोगों की मुख्य गलतियाँ

DSO क्या है?

DSO क्या है?

Oscilloscope क्या होता है?

यह एक प्रकार का विधुतीय उपकरण जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के तरंग (Wave) के Waveform को एनालिसिस करने के लिए किया जाता है। इसे Oscillograph या CRO के नाम से जाना जाता है। CRO का पूरा नाम Cathode Ray Oscilloscope होता है। यह एक या एक से अधिक टाइम के साथ बदलने वाले वोल्टेज या करंट सिग्नल के ग्राफ को Two डायमेंशन में समय के सापेक्ष X तथा Y अक्ष (Axis) पर प्रदर्शित करता है।

ग्राफ़िक्स रूप में निर्देशित सिग्नल के आयाम ,आवृति ,आवर्त काल ,तरंगदैर्घ्य आदि का अध्ययन किया जाता है। इसका उपयोग ,इंजीनियरिंग ,मेडिकल ,विज्ञान आदि के क्षेत्र में किया जा रहा है। यह मुख्य रूप से वोल्टेज से संचालित होता है इसलिए दुसरे भौतिक राशि जैसे विधुत धारा ,दाब , त्वरण आदि को किसी ट्रान्सडूसर के मदद से वोल्टेज में परिवर्तित करने के बाद CRO में भेजा जाता है।

Oscilloscope की संरचना कैसी होती है?

यह एक कम्पलीट मापने वाली डिवाइस होती है। इसे विभिन्न प्रकार के छोटे छोटे पुर्जो को आपस में जोड़कर तैयार किया जाता है। Oscilloscope में लगने वाले महत्वपूर्ण कॉम्पोनेन्ट निम्न है :-

  • कैथोड रे ट्यूब (Cathode Ray Tube)
  • इलेक्ट्रॉनिक गन (Electronic Gun)
  • डीफ्लेक्टिंग प्लेट (Deflecting Plate)
  • फ्लोरोसेंट स्क्रीन (Fluorescent Screen)
  • ग्लास एन्वेलप (Glass Envelop)

कैथोड रे ट्यूब (CRT) क्या होता है?

यह एक निर्वात ट्यूब (Vacuum Tube) होता है। यह Oscilloscope का बहुत महत्वपूर्ण अंग होता है क्योकि यह अदृश्य विधुत सिग्नल को देखने लायक सिग्नल में परिवर्तित करता है। इसके पीछे वाले भाग में इलेक्ट्रान गन के साथ साथ Vertical तथा Horizontal डीफ्लेक्टिंग प्लेट लगी रहती है। इसका अगला भाग फ्लोरोसेंट स्क्रीन होता है। इलेक्ट्रान गन से बहुत तेज चलने वाला इलेक्ट्रान प्रकाश पुंज निकलता है। इस इलेक्ट्रान प्रकाश पुंज को Vertical Deflecting Plate द्वारा CRT पर ऊपर नीचे तथा Horizontal plate द्वारा दाय- बाय घुमाया जाता है। इस तरह CRT स्क्रीन पर कही भी प्रकाश पुंज को घुमाया जा सकता है। यह प्रकाश पुंज स्क्रीन के जिस भाग पर पड़ता है वहा दृश्य प्रकाश उत्पन्न हो जाता है।

इलेक्ट्रॉनिक गन क्या होता है?

यह भी CRO का DSO क्या है? महत्वपूर्ण अंग होता है। इससे इलेक्ट्रॉन्स उत्पन्न किया जाता है और इन सभी उत्पन्न इलेक्ट्रॉन्स को एक प्रकाश पुंज के रूप में परिवर्तित किया जाता है। इलेक्ट्रान गन से इलेक्ट्रान उत्पन्न करने के लिए एक पूरा सिस्टम तैयार किया जाता है जिसे इलेक्ट्रान गन असेंबली कहा जाता है। इलेक्ट्रान गन असेंबली में मुख्य रूप से एक कैथोड ,एक एनोड ,एक हीटर,Pre-accelerating Anode ,एक focusing Anode तथा Accelerating एनोड होता है। कम तापमान पर ज्यादा मात्रा में इलेक्ट्रॉन्स उत्पन्न करने के लिए कैथोड पर बेरियम तथा स्ट्रोन्सियम की परत चढ़ा दी जाती है।

कैथोड ग्रिड से उत्पन्न होने के बाद इलेक्ट्रान कण्ट्रोल ग्रिड से गुजरता है। कण्ट्रोल ग्रिड निकेल से बना हुआ बेलनाकार ग्लास होता है जो CRT के बीच में इसके अक्ष (Axis)के साथ सकेंद्रिय रखा रहता है। इसका मुख्य कार्य कैथोड से निकलने वाले इलेक्ट्रान प्रकाश पुंज के तीव्रता को नियंत्रित करना होता है। जब इलेक्ट्रान प्रकाश पुंज कण्ट्रोल ग्रिड से निकलता है तब इसके गति को Accelerating या Pre-accelerating एनोड के मदद से बढाया अर्थात त्वरित किया जाता है।

Accelerating DSO क्या है? एनोड में विधुत क्षेत्र उत्पन्न करने के लिए इस पर 1000 से 1500 वोल्ट का वोल्टेज आरोपित किया जाता है। इस विधुत क्षेत्र से जब इलेक्ट्रॉन्स निकलते है तब उन पर एक बल कार्य करने लगता है जिससे वे त्वरित हो जाते है।

Accelerating एनोड से गुजरने के बाद इलेक्ट्रॉन्स प्रकाश पुंज को Focusing इलेक्ट्रोड पर फोकस किया जाता है। इस इलेक्ट्रोड से निकलने के बाद horizontal तथा Vertical प्लेट से होते हुए प्रकाश पुंज स्क्रीन पर पड़ता है।

डीफ्लेक्टिंग प्लेट क्या होता है?

इलेक्ट्रान गन से निकलने के बाद इलेक्ट्रान प्रकाश पुंज एक जोड़ी Deflecting प्लेट से गुजरता है। स्क्रीन पर अलग अलग प्रकार के प्रतिबिम्ब उत्पन्न कारने के लिए प्रकाश पुंज को स्क्रीन के अलग अलग भाग पर आरोपित करना पड़ता है। Deflecting प्लेट प्रकाश पुंज को स्क्रीन के अलग अलग भाग में Deflect करते रहते है। Horizontal प्लेट इलेक्ट्रान प्रकाश पुंज को दाय बाय तथा Vertical Deflecting प्लेट प्रकाश पुंज को ऊपर निचे स्क्रीन पर deflect करता है। इसके डिफ्लेक्शन के गति को इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

फ्लोरोसेंट स्क्रीन क्या होता है?

यह CRT का अगला भाग होता है जिसे Face Plate कहते है। यह लगभग 100 mm x 100 mm डायमेंशन का ग्लास होता है जो सामने से थोडा वक्र (Curve) होता है। यह पिघले हुए सीसे को सांचे में डाल कर बनाया जाता है। Face Plate के आंतरिक सतह को फ़ास्फ़रोस के लेप से लेपित किया जाता है। फोस्फोरस विधुत उर्जा को प्रकाश उर्जा में परिवर्तित करता है। जब`इलेक्ट्रान गन से निकले तेज गति वाले इलेक्ट्रान इस फास्फोरस लेपित ग्लास से टकराते है तब प्रकाश उत्पन्न करते है जो हमें दिखाई देता है।

Oscilloscope(CRT) कैसे कार्य करता है ?

जब इलेक्ट्रॉन्स से इलेक्ट्रान प्रकाश पुंज निकलता है तब यह कण्ट्रोल ग्रिड DSO क्या है? से गुजरता है। कण्ट्रोल ग्रिड में प्रकाश पुंज के तीव्रता को नियंत्रित किया जाता है। यदि कण्ट्रोल ग्रिड के एनोड का वोल्टेज हाई नेगेटिव होगा तब यह बहुत ही कम मात्रा में इलेक्ट्रॉन्स को कण्ट्रोल ग्रिड से गुजरने देगा जिससे स्क्रीन पर इलेक्ट्रॉन्स टकराने के बाद कम मात्रा में प्रकाश उत्पन्न होगा जिससे डिम स्पॉट दिखाई देगा। इसके विपरीत यदि एनोड पर पॉजिटिव हाई वोल्टेज होगा तब ग्रिड से ज्यादा मात्रा में इलेक्ट्रॉन्स पास होंगे और स्क्रीन पर टकराने के बाद ज्यादा मात्रा में प्रकाश उत्पन्न होगा जिससे चमकीला स्पॉट दिखाई देगा।

Oscilloscope in hindi
Image Credit:https://www.eeeguide.com/block-diagram-of-oscilloscope

कण्ट्रोल ग्रिड से निकलने के बाद इलेक्ट्रान Accelerating तथा Focusing एनोड पर पहुचता है जहा इसके गति को DSO क्या है? बढाकर स्क्रीन के एक बिंदु पर फोकस कर दिया जाता है। Accelerating एनोड से निकलने के बाद इलेक्ट्रान Deflecting प्लेट से होकर गुजरता है। स्क्रीन के जिस बिंदु पर इलेक्ट्रॉन्स को टकराना होता है उस बिंदु पर deflecting प्लेट द्वारा इलेक्ट्रॉन्स को deflect कर दिया जाता है।

DSO रीना कुमारी ने BJP सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष की निकाली हेकड़ी

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में जिला पूर्ति अधिकारी रीना कुमारी ने भाजपा के सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष की हेकड़ी निकाल दी। यह मामला जिले में सुर्खियों में DSO क्या है? है। जिला पूर्ति अधिकारी पर कार्यवाही किए जाने की मांग को लेकर भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता, विधायक राजेंद्र मौर्य और जिला अध्यक्ष हरिओम मिश्र ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और जिला पूर्ति अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की।

जिलाधिकारी ने इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी को बुलाकर पूछा तो जिला पूर्ति अधिकारी ने हकीकत सामने रख दी। इसके बाद जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच करने की बात कह कर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर वापस कर दिया। भाजपा सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष यह समझ रहे थे कि उनकी शिकायत करते ही जिलाधिकारी फौरन जिला पूर्ति अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही कर देंगे।

जानें क्या है मामला

17 सितंबर 2022 को भाजपा नेता रामजी मिश्रा और मनीष शुक्ला जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय गए हुए थे। यह दोनों लोग बाघराय के रामपुर कोटवा स्थित ओम नारायण किसान पैट्रोल पंप के पार्टनरशिप की पत्रावली लेकर पहुंचे थे DSO क्या है? और उस पर एनओसी चाह रहे थे। इस मामले को लेकर भाजपा नेताओं और जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के लिपिक से काफी कहासुनी भी हुई। इसके बाद भाजपा नेताओं ने जिला पूर्ति अधिकारी रीना कुमारी पर भी दबाव बनाकर एनओसी लेना चाह रहे थे किंतु उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया।

इसकी जानकारी भाजपा नेताओं ने फोन के जरिए जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्रा को दी। उस समय जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्रा, सांसद संगम लाल गुप्ता और विधायक राजेंद्र मौर्य के साथ शादी हाल में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित थे। यह सभी लोग भाजपा नेताओं द्वारा दी गई जानकारी के बाद जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय पर पहुंच गए और जिला पूर्ति अधिकारी पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं भाजपा के सांसद और विधायक ने जिला पूर्ति अधिकारी पर एन ओ सी के लिए पैसे मांगने की बात कही।

इसके बाद जिलाधिकारी डॉ नितिन बंसल ने जिला पूर्ति अधिकारी को अपने कार्यालय बुलाया और पूरे मामले की जानकारी ली। जिला पूर्ति अधिकारी ने जिलाधिकारी के सामने हकीकत को बयां कर दिया। हकीकत जानने के बाद जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच कराने की बात कह कर दोनों पक्ष के लोगों को समझा-बुझाकर वापस कर दिया।

महिला मोर्चा की नेत्री का भाजपा DSO क्या है? नेताओं ने नहीं दिया था साथ

कुछ माह पहले ही ईट भट्टे के विवाद को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की नेत्री ने जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्रा और सांसद संगम लाल गुप्ता से सहयोग मांगा था किंतु इन दोनों नेताओं ने भाजपा महिला मोर्चा की नेत्री का साथ देने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि यह उनका व्यक्तिगत मामला है। किंतु अब इसी तरह के दूसरे प्रकरण में भाजपा के जिलाध्यक्ष और सांसद का जिलाधिकारी के पास पहुंचकर हस्तक्षेप करना लोगों की समझ में नहीं आ रहा है।

DSO क्या है?

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार सुबह 7 बजे श्योपुर जिले की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान कड़े तेवर दिखाते हुए उन्होंने श्योपुर जिले के खाद्य अधिकारी (DSO) को सस्पेंड कर दिया। राशन वितरण से जुड़ी गलत जानकारी देने पर CM ने उनके खिलाफ ये एक्शन लिया। वर्चुअल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों DSO क्या है? से राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं पर टू-द-पॉइंट बात की।

जिले की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, जो काम के बदले दाम मांगे, उन्हें नौकरी से बाहर करो। CM ने कहा कि राशन वितरण में गड़बड़ी करने वालों को हम छोड़ेंगे नहीं।

बिजली सप्लाई पर बोले, बेहतर प्लानिंग करनी पड़ेगी
मुख्यमंत्री ने कहा- CM हेल्पलाइन में शिकायत आई हैं। बिजली सब्सिडी पर 23-24 हजार करोड़ सरकार भर रही है। बिजली विभाग का किसान और उपभोक्ता के बीच सद्भाव का संबंध हो। हमको बिजली सप्लाई की बेहतर प्लानिंग करनी पड़ेगी। इस महीने बेहतर प्लानिंग करो। बिजली से संतुष्टि का स्तर बढ़ना चाहिए। पीएम किसान सम्मान और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के हितग्राहियों में डिफरेंस क्यों है।

ये अंतर कम भी है, तो क्यों हैं इसकी मुझे रिपोर्ट भेजें। रोजगार दिवस पर 5000 लोगों को इस माह रोजगार की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को गंभीरता से लें। जिन्हें आवश्यकता है, उन्हीं को लाभ मिले, इस पर ध्यान दें। इस पूरी कवायद का मतलब जनता को सुशासन देना है। गरीब कल्याण की योजनाएं ठीक चले। हितग्राहियों को समय पर लाभ मिले।

5 दिन में तीन खाद्य अधिकारियों पर एक्शन लिया
पांच दिन के अंदर ये तीसरा मौका है जब CM ने किसी जिला खाद्य अधिकारी पर एक्शन लिया है। इससे पहले 23 सितंबर को डिंडौरी के DSO टीकाराम अहिरवार को सस्पेंड किया था। समय रहते पात्र लोगों के प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कार्ड नहीं बनने पर शिवराज DSO टीकाराम से नाराज हुए थे। 25 सितंबर को CM ने झाबुआ के जिला खाद्य अधिकारी एमके त्यागी को जिले से हटाने और उनके खिलाफ लापरवाही बरतने की जांच के निर्देश दिए थे।

श्योपुर की समीक्षा बैठक में CM ने अफसरों से इन योजनाओं के भी हाल DSO क्या है? जाने.

CM जनसेवा अभियान

  • CM: सबसे पहले बताएं कि लोगों का कैसा रिस्पॉन्स आ रहा है?
  • कलेक्टर: 10,500 शिविर लगाए गए अब तक। रिस्पॉन्स बहुत अच्छा है। आयुष्मान भारत के लिए लोग ज्यादा आवेदन कर रहे हैं। ग्रामीण जनता में जन सेवा अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ी है।

जलजीवन मिशन

  • कलेक्टर: 69,502 कनेक्शन दिए।
  • CM: कितनी योजनाओं पर काम चल रहा?
  • कलेक्टर: कुल 210 योजनाओं के तहत कार्य किया जा रहा है।
  • कलेक्टर: 77 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। 78 पर काम जारी है।
  • CM: अगर घटिया काम हुआ तो कलेक्टर जिम्मेदार होंगे।

आवास योजना शहरी

  • CM: अभी मुझे ये बताओ कि काम की गति धीमी क्यों है? अभी आपके हर महीने के टारगेट क्या हैं? ग्रामीण आवास की क्या स्थिति है?
  • कलेक्टर: कुल 30 हजार आवास बनाना है।
  • CM: कैसे हम सस्ती रेत उपलब्ध करा पाएं। इसके प्रयास DSO क्या है? किए जाएं।
  • कलेक्टर: सीमेंट और रेत की एकमुश्त सप्लाई की हमारी बात हो गई है। सप्लाई भी शुरू हो गई है।
  • CM: पैसे के लेनदेन की शिकायत तो नहीं है?
  • कलेक्टर: 1 पर FIR , 4 को सस्पेंड किया है।
  • CM: जिनकी शिकायत आई है, उनकी सेवा समाप्त की कार्रवाई की जाए। मैं फिर कह रहा हूं कि हम सभी योजनाओं का लाभ बिना कठिनाई के हितग्राहियों तक पहुंचाएं।

अमृत सरोवर

  • कलेक्टर: 104 में से 52 पूरे, 17 इस सप्ताह में पूरे हो जाएंगे।
  • CM: फोटोग्राफ्स भेजिए, मैं देखना चाहता हूं।

ODOP (एक जिला एक उत्पाद)

  • कलेक्टर: अमरूद को लिया गया है। जूस का बोटलिंग प्लांट लगाया गया। महिला समूहों को कार्य दिया गया है।
  • DSO क्या है?
  • CM: ये केवल कागजी न रहें। ये उत्पाद आजीविका का साधन बनें।

आजीविका मिशन

  • कलेक्टर: 57 हजार दीदियां जुड़ी हैं। 30 हजार एग्रीकल्चर, 12 हजार पशुपालन, 6800 लघु वन उपज से जुड़ीं हैं।
  • CM: बहनों के सशक्तिकरण में कोई कमी न रहे। प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम की योजना के क्रियान्वयन में आपने बेहतर कार्य किया है। अनुशासित कार्यक्रम था। आपको बधाई देता हूं।

पोषण आहार

  • CM: अंडरवेट बच्चों का वजन ठीक हो, इसके लिये क्या प्रयास हो रहे हैं?
  • कलेक्टर: 1346 लोगों ने आंगनवाड़ियों को अडॉप्ट किया है।
  • CM: आंगनवाड़ी अगर ठीक हो गई तो कुपोषण के कलंक से मुक्ति दिला सकते हैं।

The Naradmuni Desk

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Comments

  • Reply Henry kendel October 31, 2018

There’s such a thing as “too much information”, especially for the companies scaling out their sales operations. That’s why Attentive was born

डीएसओ की तानाशाही से खौफजदा फरियादी

डीएसओ की तानाशाही से खौफजदा फरियादी

AGRA। शासनादेश के अनुसार सुबह 10 से 12 बजे तक सभी प्रशासनिक अधिकारी अपने ऑफिस में फरियादियों से मिलने को प्राथमिकता देंगे, लेकिन यहां फरियादी पढ़ा-लिखा नहीं हो, बावजूद इसके उसका ऑफिस के गेट पर रजिस्टर में एंट्री करना जरूरी है। इसके बाद भी अगर अधिकारी का मूड हुआ तो वह समस्या लेकर पहुंचे लोगों से मिलना जरूरी समझती हैं, नहीं तो फरियादी नारेबाजी करें या हंगामा, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। जिला पूर्ति अधिकारी के ऑफिस पर कुछ ऐसी ही मुश्किलों से अपनी शिकायत लेकर पहुंचने वाले फरियादियों को रोज जूझना पड़ता है।

कालाबाजारी की शिकायत करने पहुंची महिलाएं

जयपुर हाउस में जिला पूर्ति अधिकारी का ऑफिस है। यहां जिला पूर्ति अधिकारी के रूप में हाल ही में बागपत से स्थानांतरण होकर आई विजय प्रभा ने पदभार संभाला है। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष सरोज सिंह व सचिव किरन सिंह के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में महिलाएं राशन की कालाबाजारी की शिकायत करने यहां पहुंची। इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी अपने ऑफिस में बैठी हुई थीं। जैसे ही महिलाएं ऑफिस के गेट पर पहुंची, तो बाहर बैठे सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोक दिया।

ऑफिस का गेट बंद करा दिया

शिकायत करने पहुंची महिलाओं DSO क्या है? ने गार्ड को अधिकारी से मिलने के बारे में जानकारी दी, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं था। शोरगुल की आवाज सुनकर ऑफिस में बैठीं महिला अधिकारी ने गार्ड से पूछा कि 'शोरगुल की आवाज कहां से आ रही है, इन्हें हटाओ यहां से'। इसके बाद ऑफिस का दरवाजा बंद करा दिया। इस पर फरियाद लेकर पहुंची महिलाओं का पारा चढ़ गया।

हंगामा होते देख बैकफुट पर आई

महिला अधिकारी का ऐसा रुख देखकर महिलाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। गेट पर खड़े गार्ड से महिलाओं की जमकर नोकझोंक हुई। हंगामा होते देख अधिकारी बैकफुट पर आ गई। ऑफिस का गेट खुलवाया। इसके बाद भी फरियाद लेकर पहुंची महिलाओं से मुलाकात करने के लिए अपनी शर्त रख दी। इसके तहत कुछ ही महिलाओं ऑफिस में आने की अनुमति दी।

राशन की हो रही कालाबाजारी

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की पदाधिकारियों ने बताया कि खंदारी, बापूनगर, बूढ़ी का नगला, जेपी नगर, मऊ रोड, लोहामंडी, जगदीशपुरा, नौबस्ता, बाग मुजफ्फरखां, पीपलमंडी, नगला देवजीत में राशन की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी हो रही है। दो महीने में एक बार ही राशन बंटता है। वे भी मानक के अनुसार नहीं मिलता है। गेहूं तो ऐसा मिलता है, कि जानवर भी उसे न खाएं। दुकानों का खुलने का कोई समय निर्धारित नहीं है। फरियादियों में मोनिका सिंह, रामा, उमा, पुष्पा, कलावती, पुष्पा, विनती, कांति, श्यामदेई, सरोज सिंह, किरन सिंह समेत तीन दर्जन महिलाएं मौजूद रहीं।

फरियादी ही नहीं स्टाफ भी परेशान

करीब 20 दिन पहले जिला पूर्ति अधिकारी का पदभार संभालने वालीं विजय प्रभा की कार्यप्रणाली से सिर्फ फरियादी ही परेशान नहीं हैं, बल्कि उनका स्टाफ का भी कुछ ऐसा ही हाल है। हालांकि खुले तौर पर इस पर बोलने के लिए कोई तैयार नहीं होता, लेकिन दबी जुबान में कर्मचारी इस पर अपनी सहमति जताते दिखते हैं।

20 दिनों में ऑफिस से बाहर नहीं निकलीं

जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रभा ने एक अगस्त को कार्यभार संभाला। इन 20 दिनों में जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा अभी तक ना तो कहीं निरीक्षण और ना ही राशन वितरण का भौतिक सत्यापन किया गया। जबकि शासन के निर्देश हैं कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, लेकिन राशन कार्ड फीडिंग का जो डाटा पूर्व जिला पूर्ति अधिकारी नीरज कुमार सिंह के समय में था, वहीं स्थिति अब भी है। डाटा फीडिंग का काम भी रूका हुआ है।

हर समय जनता के लिए तैयार

अगर पूर्व जिला पूर्ति अधिकारी की कार्यप्रणाली पर नजर डालें तो, वे बिना रोक-टोक के किसी भी समय अपने कार्यालय में जनता से मुलाकात करते थे, शिकायत पर तुरन्त एक्शन लेते थे। उनके कार्यकाल में तमाम बड़ी कार्रवाइयां हुई, जिसमें काले तेल का कारोबार, गैस एजेंसियों पर छापे, राशन की दुकानों के निलम्बन की दर्जनों कार्रवाइयां शामिल हैं।

सीएम सन्दर्भ शिकायतों पर भी नहीं गंभीर

जिला पूर्ति विभाग में सीएम सन्दर्भ में तमाम शिकायतें लम्बित पड़ी हुई हैं, उन पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं हैं कि जब सीएम सन्दर्भ की शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा

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