स्वचालित ट्रेडिंग

IFC मार्केट

IFC मार्केट
टाटा पावर परियोजना में IFC के निवेश में नियमों का उल्लंघन, वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई ने जताई चिंता

टाटा पावर परियोजना में IFC के निवेश में नियमों का उल्लंघन, वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई ने जताई चिंता

वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई CAO ने टाटा पावर की कंपनी CGPL में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन मामले में IFC की ओर से पूरी कार्रवाई नहीं किए जाने पर चिंता जताई है।

Manish Mishra
Published on: March 21, 2017 14:50 IST

टाटा पावर परियोजना में IFC के निवेश में नियमों का उल्लंघन, वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई ने जताई चिंता- India TV Hindi

टाटा पावर परियोजना में IFC के निवेश में नियमों का IFC मार्केट उल्लंघन, वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई ने जताई चिंता

नयी दिल्ली। वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई CAO ने टाटा पावर की कंपनी कोस्टल गुजरात पॉवर लिमिटेड (CGPL) में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन मामले में IFC की ओर से पूरी कार्रवाई नहीं किए जाने पर चिंता जताई है। वर्ल्‍ड बैंक की निवेश इकाई IFC ने CGPL में निवेश किया है।

यह भी पढ़ें :मर्जर के बाद SBI बंद करेगा सहयोगी बैंकों के 47 प्रतिशत कार्यालय, 3 बैंकों के हेड ऑफि‍स भी होंगे खत्‍म

CAO ने CGPL के ऑडिट की अपनी दूसरी निगरानी रिपोर्ट में कहा है कि इस मामले में शिकायतकर्ताओं की बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए IFC मार्केट और उसका निदान होना चाहिए। CGPL के खिलाफ मछुआरा समुदाय ने शिकायत की है। CAO यानी अनुपालन सलाहकार लोकपाल एक स्वतंत्र संस्था है जो कि वर्ल्‍ड बैंक को रिपोर्ट करती है। संस्था वर्ल्‍ड बैंक की ऋण देने वाली इकाई IFC की परियोजनाओं के खिलाफ समुदायों से मिलने वाली शिकायतों की समीक्षा करती है और आगे सुझाव देती है।

यह भी पढ़ें :तत्काल टिकट कैंसल करवाने पर भी मिलेगा 50 फीसदी रिफंड, 1 जुलाई से बदल सकते हैं ये नियम

CAO ने जुलाई 2012 में CGPL संयंत्र की अनुपालन समीक्षा में पाया कि कई तरह के मुद्दे इसमें सामने आए हैं। संयंत्र के ईद गिर्द पानी और वायु प्रदूषण भी इसमें शामिल है। संस्था ने इसके निदान के लिये आगे और जांच पर जोर दिया। CAO ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है, CAO इस बात को लेकर चिंतित है कि IFC ने जो कार्रवाई की है वह संयंत्र की समीक्षा में सामने आये मुद्दों के निदान के लिए काफी नहीं है।

टाटा पावर परियोजना में IFC के निवेश में नियमों का उल्लंघन, वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई ने जताई चिंता

वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई CAO ने टाटा पावर की कंपनी CGPL में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन मामले में IFC की ओर से पूरी कार्रवाई नहीं किए जाने पर चिंता जताई है।

Manish Mishra
Published on: March 21, 2017 14:50 IST

टाटा पावर परियोजना में IFC के निवेश में नियमों का उल्लंघन, वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई ने जताई चिंता- India TV Hindi

टाटा पावर परियोजना में IFC के निवेश में नियमों का उल्लंघन, वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई ने जताई चिंता

नयी दिल्ली। वर्ल्‍ड बैंक की जांच इकाई CAO ने टाटा पावर की कंपनी कोस्टल गुजरात पॉवर लिमिटेड (IFC मार्केट CGPL) में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन मामले में IFC की ओर से पूरी कार्रवाई नहीं किए जाने पर चिंता जताई है। वर्ल्‍ड बैंक की निवेश इकाई IFC ने CGPL में निवेश किया है।

यह भी पढ़ें :मर्जर के बाद SBI बंद करेगा सहयोगी बैंकों के 47 प्रतिशत कार्यालय, 3 बैंकों के हेड ऑफि‍स भी होंगे खत्‍म

CAO ने CGPL के ऑडिट की अपनी दूसरी निगरानी रिपोर्ट में कहा है कि इस मामले में शिकायतकर्ताओं की बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए और उसका निदान होना चाहिए। CGPL के खिलाफ मछुआरा समुदाय ने शिकायत की है। CAO यानी अनुपालन सलाहकार लोकपाल एक स्वतंत्र संस्था है जो कि IFC मार्केट वर्ल्‍ड बैंक को रिपोर्ट करती है। संस्था वर्ल्‍ड बैंक की ऋण देने वाली इकाई IFC की परियोजनाओं के खिलाफ समुदायों से मिलने वाली शिकायतों की समीक्षा करती है और आगे सुझाव देती है।

यह भी पढ़ें :तत्काल टिकट कैंसल करवाने पर भी मिलेगा 50 फीसदी रिफंड, 1 जुलाई से बदल सकते हैं ये नियम

CAO ने जुलाई 2012 में CGPL संयंत्र की अनुपालन समीक्षा में पाया कि कई तरह के मुद्दे इसमें सामने आए हैं। संयंत्र के ईद गिर्द पानी और वायु प्रदूषण भी इसमें शामिल है। संस्था ने इसके निदान के लिये आगे और जांच पर जोर दिया। CAO ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है, CAO इस बात को लेकर चिंतित है कि IFC ने जो कार्रवाई की है वह संयंत्र की समीक्षा में सामने आये मुद्दों के निदान के लिए काफी नहीं है।

आईएफसी ने भारत में रिकॉर्ड 2.6 अरब डॉलर का निवेश किया, दो साल में 136 फीसद की वृद्धि

IFC invested record 2.6 billion dollar in india

वर्ल्ड बैंक समूह के एक सदस्य आईएफसी ने भारत में वित्त वर्ष 2018 में रिकॉर्ड 2.6 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो पिछले दो साल के मुकाबले 136 फीसदी अधिक है। आईएफसी ने इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, समावेशन और स्थायित्व जैसे प्रमुख प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश किया है।

ये सभी निवेश दीर्घकालिक हैं। इसके तहत आईएफसी ने 40 से ज्यादा कंपनियों से साझेदारी की है। इनमें कवरफॉक्स और बिजोंगो जैसे नए स्टार्ट-अप्स के अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचडीएफसी जैसे स्थापित नाम भी शामिल हैं।

आईएफसी द्वारा किया गया सर्वकालिक उच्च निवेश है। यह चुनिंदा और व्यवस्थित हस्तक्षेप के जरिए किफायती आवास, छोटे एवं मध्यम उद्यमों, प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स, लॉजिस्टिक्स, कृषि, संकट में फंसी संपत्तियां, अक्षय ऊर्जा और टिकाऊ मोबिलिटी क्षेत्र में प्रमुख विकास अंतराल को संबोधित करता है। ये क्षेत्र आगामी वर्षों में भारत में आईएफसी के निवेश और सलाहकार गतिविधियों के आधारशिला बने रहेंगे।

आईएफसी ने इस साल कई मील के पत्थर स्थापित किए। इस साल उसने पहली बार इंफ्रास्ट्रक्टर के क्षेत्र में 1 अरब डॉलर का निवेश किया है। जलवायु से संबंधित निवेश भी रिकॉर्ड स्तर को छूने के लिए 1 अरब डॉलर का स्तर पार कर गया।

वर्ल्ड बैंक समूह के एक सदस्य आईएफसी ने भारत में वित्त वर्ष 2018 में रिकॉर्ड 2.6 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो पिछले दो साल के मुकाबले 136 फीसदी अधिक है। आईएफसी ने इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, समावेशन और स्थायित्व जैसे प्रमुख प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश किया है।

ये सभी निवेश दीर्घकालिक हैं। इसके तहत आईएफसी ने 40 से ज्यादा कंपनियों से साझेदारी की है। इनमें कवरफॉक्स और बिजोंगो जैसे नए स्टार्ट-अप्स के अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा और IFC मार्केट एचडीएफसी जैसे स्थापित नाम भी शामिल हैं।

आईएफसी द्वारा किया गया सर्वकालिक उच्च निवेश है। यह चुनिंदा और व्यवस्थित हस्तक्षेप के जरिए किफायती आवास, छोटे एवं मध्यम उद्यमों, प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स, लॉजिस्टिक्स, कृषि, संकट में फंसी संपत्तियां, अक्षय ऊर्जा और टिकाऊ मोबिलिटी क्षेत्र में प्रमुख विकास अंतराल को संबोधित करता है। ये क्षेत्र आगामी वर्षों में भारत में आईएफसी के निवेश और सलाहकार गतिविधियों के आधारशिला बने रहेंगे।

आईएफसी ने इस साल कई मील के पत्थर स्थापित किए। इस साल उसने पहली बार इंफ्रास्ट्रक्टर के क्षेत्र में 1 अरब डॉलर का निवेश किया है। जलवायु से संबंधित निवेश भी रिकॉर्ड स्तर को छूने के लिए 1 अरब डॉलर का स्तर पार कर गया।

SBI के 1295 ब्रांचों के नए नाम और IFSC कोड की पूरी लिस्ट, चेक करें अपनी डिटेल

बदलाव के बाद एसबीआई ने सभी 1295 ब्रांच के नए कोड और आईएफएससी कोड जारी किए हैं.

SBI के 1295 ब्रांचों के नए नाम और IFSC कोड की पूरी लिस्ट, चेक करें अपनी डिटेल

बदलाव के बाद एसबीआई ने सभी 1295 ब्रांच के नए कोड और आईएफएससी कोड जारी किए हैं. (Reuters)

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक आॅफ इंडिया (SBI) ने देशभर में 1295 ब्रांच के नाम IFC मार्केट और आईएफएससी कोड में बदलाव किए हैं. बदलाव के बाद एसबीआई ने सभी 1295 IFC मार्केट ब्रांच के नए कोड और आईएफएससी कोड जारी किए हैं. 6 एसोसिएट बैंक और भारतीय महिला बैंक के मर्जर के बाद ग्राहकों की सुविधा के लिए एसबीआई ने यह कदम उठाया है. बैंक ने जारी किए गए नए कोड की जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी दी है.

पूरी लिस्ट देखिए.

Stock Market: सेंसेक्‍स की 762 अंक मजबूती के साथ रिकॉर्ड क्‍लोजिंग, निफ्टी 18514 पर, Infosys- HCL टॉप गेनर्स

Stocks in News: HEG, IndiGo, Inox, Fino Payments Bank समेत ये शेयर दिखाएंगे एक्‍शन, इंट्राडे में रखें नजर

Bikaji Foods के IPO में पैसा लगाने वालों की भर रही है जेब, लगातार दूसरे दिन 10% अपर सर्किट, रिकॉर्ड हाई पर शेयर

1 अप्रैल 2017 से प्रभावी है मर्जर

बता दें कि एसबीआई के साथ 6 एसोसिएट बैंक और महिला भारतीय बैंक का मर्जर देश में 1 अप्रैल 2017 से प्रभावी है. एसबीआई ने ग्लोबल स्तर पर बड़े बैंकों से कॉम्पिटीट करने के लिए मर्जर का फैसला लिया था. इससे न केवल बैंक का साइज बढ़ा है, बैंक की एसेट और वैल्युएशन भी बढ़ी है.

कम हुए ब्रांच

मर्जर के बाद एसबीआई के 1805 ब्रांच कम हुए हैं, वहीं 244 एडमिनिस्ट्रेटिव आॅफिसर भी कम हुए हैं. बैंक की वर्कफोर्स 2 लाख के आस-पास है.

बैंक की एसेट बढ़ी

मर्जर के बाद एसबीआई ग्लोबल स्तर एसेट के मामले में टॉप बैंकों में 53वें पोजिशन पर है. जून 2018 तक बैंक की कुल एसेट बढ़कर 33.45 लाख करोड़ रुपये हो गई है. एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक​ है, जिसका पूरे देश में 22428 ब्रांच हैं. डिपॉजिट, एडवांस, बैंकिंग आउटलेट और कस्टमर्स एक्विजिशन के मामले में एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक ​है. डिपॉजिट के मामले में बैंक का मार्केट शेयर 22.84 पफीसदी और एडवांस के मामले में मार्केट शेयर 19.92 फीसदी है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

रेटिंग: 4.11
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 614
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *