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बिटकॉइन निवेश

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बिटकॉइन सिटी की घोषणा

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गोल्ड बनाम बिटकॉइन: क्या आप अभी भी करते हैं गोल्ड में निवेश

ग्रेस्केले ने २०१९ में एक विज्ञापन प्रसारित किया था, जिसमें निवेशकों से अपील की गई थी कि वो गोल्ड से पल्ला झाड़कर डिजिटल करेंसी में निवेश करें। इस विज्ञापन में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टों को भविष्य की करेंसी भी कहा गया था।

इस विज्ञापन के चलते फाइनेंस जगत से जुड़े दिग्गजों के बीच एक नई बहस की शुरुआत भी हो गई थी। इस बात पर चर्चा होने लगी थी कि किसको हमें नया मानना चाहिए और किसे पुराना।

हालांकि यह एक मजाकिया विज्ञापन था। लेकिन इसने एक नई बहस को जन्म दिया। निवेश विकल्प के रूप में गोल्ड का समर्थन करने वालों का मानना है कि गोल्ड सिर्फ एक संग्रह की वस्तु नहीं है, बल्कि इसका महत्व कहीं ज्यादा है। यह निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। मानव सभ्यता हजारों साल से गोल्ड को सुरक्षित निवेश विकल्प मानती आई हैं।

प्राचीन काल से लेकर औद्योगिक क्रांति के शुरुआत के बाद और आधुनिक युग में भी गोल्ड को पूरे देश की आर्थिक स्थिरता का आधार माना जाता रहा है। इसके चलते दुनिया भर के देश गोल्ड स्टैंडर्ड को मान्यता देते हैं। हालांकि पिछले कुछ दशकों के दौरान बेचमार्क के तौर पर गोल्ड की चमक थोड़ी हल्की हुई है। १९३१ में इंग्लैंड ने गोल्ड स्टैंडर्ड को त्याग दिया। इसी तरह अमेरिका ने भी १९७० के शुरुआत में गोल्ड स्टैंडर्ड को छोड़ दिया। इसका मतलब ये नहीं है कि अब कोई गोल्ड में पैसे नहीं लगाता है।

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कीमत में स्थिरता के नजरिए से देखें तो गोल्ड में बिटकॉइन की तुलना में ज्यादा स्थिरता होती है। बिटकॉइन की कीमतें कभी अर्श पर और कभी फर्श बिटकॉइन निवेश पर नजर आती हैं। जबकि सोने में ऐसा नहीं होता । अगर सोने के पिछले १० साल की कीमतों में नजर डालें तो २०१२ में बिटकॉइन निवेश इसका भाव ५८,००० डॉलर प्रति किलोग्राम था।

साल २०१० में इसकी कीमतों में कुछ गिरावट देखने को मिली। लेकिन उसके बाद से २०२१ तक इसकी बिटकॉइन निवेश कीमतों में बढ़त देखने को मिली। वहीं बिटकॉइन पर नजर डालें तो इसके भाव में अक्सर हमें अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इसलिए यह मंहगाई के खिलाफ एक बेहतर हेज इस्ट्रूमेंट नहीं है। हालांकि शार्ट टर्म में बिटकॉइन से पैसा बनाया जा सकता है। रिटर्न के नजरिए से देखें तो बिटकॉइन जैसी फ्लैगशिप क्रिप्टोकरेंसी ने गोल्ड की तुलना में बहुत ज्यादा रिटर्न दिया है।

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क्रिप्टोकरेंसी के लिए फिलहाल भारत में कोई कानून नहीं है।

महब कुरैशी. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिसकी सबसे बड़ी वजह है कि, इसमें शेयर बाजार के विपरीत तेजी से उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे में बहुत से लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करके बड़ा लाभ कमाया है। वहीं जिन लोगों ने अभी तक इसमें कभी निवेश नहीं किया है। अब वह भी बिटकॉइन, डॉगकोइन और एथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना चाहते हैं। आपको बता दें क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत हुए अभी केवल 10 साल ही पूरे हुए है। लेकिन इसके बावजूद इसमें लोगों की रूचि दिन दूनी रात चौगनी बढ़ रही है। ऐसे में अगर आप भी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की सोच रहे हैं। तो आपको इस खबर को पूरा पढ़ना चाहिए। क्योंकि इसके बिना आपको तकड़ा नुकसान हो सकता है।

बिटकॉइन को बड़ा झटका, एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने क्रिप्टो में निवेश 75% घटाया


नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला ने फरवरी 2021 में 1.5 बिलियन डॉलल डिजटिल करेंसी बिटकॉइन में निवेश करने की घोषणा की थी। उसके कुछ समय बाद अप्रैल महीने में Tesla कंपनी ने अपने बिटकॉइन पोर्टफोलियों का दस फीसदी हिस्सा बेच दिया था। अब खबरें आ रही हैं कि टेस्ला ने बीते दिनों में अपने बिटकॉइन पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा (75%) बेच दिया है।

टेस्ला ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया है कि कंपनी की डिजिटल संपत्ति 218 मिलियन डॉलर कम हो गई है और क्रिप्टो बार में बिटकॉइन के लगातार टूटने से दूसरी तिमाही में लाभ प्रदाता कंपनी को नुकसान पहुंचा है। बता दें कि बिटकॉइन में एलन मस्क की कंपनी टेस्ला के निवेश ने ही दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा को दुनिया के कई देशों में वैध बनाने में मदद की थी।

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कंपनी ने शेयरधारकों को अपनी आय की रिपोर्ट शेयर करते हुए बताया है कि बिटकॉइन पोर्टफोलियों में 75% तक की हिस्सेदारी कम करने से दूसरी तिमाही में कपनी को 936 मिलियन डॉलर नकद की आमदनी हुई है। कंपनी के सीईओ एलन मस्क ने कंपनी की आमदनी पर एक कान्फ्रेंस कॉल के दौरान कहा है कि कोरोना संकट के बाद पैदा हुई अनिश्चितताओं से निपटने के लिए और कंपनी में नकदी बिटकॉइन निवेश की स्थिति को बढ़ाने के लिए कपनी ने बिटकॉइन के बड़े हिस्से को बेचने का फैसला लिया है।

साथ ही मस्क ने इस दौरान यह भी कह है कि कंपनी के इस फैसले को देखकर लोगो को बिटकॉइन पर अपनी धारणा नहीं बनानी चाहिए। आपको बता दें कि क्रिप्टाकरेंसी बिटकॉइन में पिछले साल नवंबर में 69000 डॉलर का हाई लगा था पर उसके बाद से इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई है। एलन मस्क की कंपनी टेस्ला के उसके बिटकॉइन में शेयर बेचने की खबर के बाद बाद बिटकॉइन 1.6 प्रतिशत गिरकर 22928 अमेरिकी डॉलर के लेवल पर कारोबार कर रहा है।

Bitcoin: यहां बनने जा रही दुनिया की पहली बिटकॉइन सिटी, ज्वालामुखी से होगा पावर स्पलाई, टैक्स से लोगों को राहत

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नई दिल्ली। दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के बारे में सभी जानते हैं। अब भारत में भी लाखों लोग इस क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर रहे हैं। हालांकि करेंसी की उथल-पुथल होती कीमतों की वजह से निवेशकों की परेशानी काफी बढ़ रही है। लेकिन अभी तक इस क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले लाखों-करोंड़ों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल दक्षिण अमेरिकी देश अल सल्वाडोर में दुनिया में पहली ‘बिटकॉइन सिटी’ बनाए जाने की योजना बनाई जा रही है।

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बिटकॉइन क्या है?

बिटकॉइन एक क्रिप्टोकरेंसी (वर्चुअल करेंसी) है, जिसे उपयोगकर्ता बिचौलिये के बिना एक पीयर-टू-पीयर नेटवर्क पर भेज सकता है। साल 2008 में सातोषी नाकामोतो नाम के एक व्यक्ति/समूह ने बिटकॉइन ईजाद की। बिटकॉइन को कंप्यूटर आधारित तकनीक द्वारा जनरेट किया जाता है। बिटकॉइन सबके सामने पहली बार साल 2009 में बिटकॉइन निवेश आई। इसे शुरुआत में ‘माइनिंग’ के रिवार्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। बिटकॉइन की सप्लाई लिमिट को 21 मिलियन यानी 2 करोड़ 10 लाख रखा गया है, यानी इसके बाद और अधिक बिटकॉइन का उत्पादन नहीं किया जाएगा।

साल 2009 में जब बिटकॉइन को लोगों के सामने लाया गया तो एक बिटकॉइन की कीमत महज 0.0009 डॉलर यानी लगभग 6 पैसे थी, हालांकि यह कीमत आधिकारिक नहीं थी। बिटकॉइन की कीमत में बदलाव ट्रैंज़ैक्शन पर निर्भर करती है। अब तक बिटकॉइन की सर्वाधिक कीमत 19 हज़ार 783 डॉलर (करीब14 लाख 82 हज़ार रुपये) तक जा चुकी है। वर्तमान में इसकी कीमत करीब 6,230 डॉलर (करीब 4 लाख 66 हज़ार) रुपये है। अगर आपने अक्टूबर 2010 में बिटकॉइन में 937 रुपये का निवेश किया होता, तो आज के रेट के हिसाब से आपका वह निवेश करीब 4 करोड़ 68 लाख रुपये का हो गया होता, हालांकि यह रेट सर्वाधिक नहीं है। बीते साल बिटकॉइन के रेट में बड़ी गिरावट दर्ज़ की गई है।

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