स्वचालित ट्रेडिंग

विदेशी मुद्रा मूल बातें

विदेशी मुद्रा मूल बातें
ऊंची उत्पादकता का गलत दावा : गौरतलब है कि डीएमएच-11 के बारे में जीईएसी का ज्यादा उत्पादकता का दावा सही नहीं है, क्योंकि भारत के सरसों एवं रेपसीड शोध संस्थान का कहना विदेशी मुद्रा मूल बातें है कि देश में डीएमएच-11 से कम से कम 25 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादकता देने वाली किस्में पहले से ही विकसित की जा चुकी हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि सरकार उन किस्मों को बढ़ावा दे।

ऑस्ट्रेलियाई महिला का हत्यारा 4 साल बाद दिल्ली से गिरफ्तार, 5 करोड़ का था इनाम

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में चार साल पहले एक महिला की हत्या करने वाले आरोपी विदेशी मुद्रा मूल बातें को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में साल 2018 में एक ऑस्ट्रेलियाई महिला का मर्डर कर दिया गया था. हत्या के बाद इस घटना का आरोपी भागकर भारत आ गया था. आरोपी का नाम राजविंदर सिंह है, जिसपर हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने 10 लाख डॉलर (5.5 करोड़ रुपए) का इनाम घोषित किया था. ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने मार्च 2021 में भारत से सिंह के प्रत्यर्पण के लिए अपील की थी. इस साल नवंबर में भारत द्वारा इस अपील को मंजूरी दी गई थी.

जानकारी के मुताबिक, क्वींसलैंड में चार साल पहले (21 अक्टूबर 2018 में) एक समुद्र तट पर 24 साल की ऑस्ट्रेलियाई महिला टोया कॉर्डिंगली की हत्या कर दी गई थी. यह घटना उस दौरान घटी जब कॉर्डिंगली क्वींसलैंड के वांगेटी बीच पर अपने कुत्ते को टहला रही थी. आरोपी राजविंदर सिंह महिला की हत्या करने का बाद ऑस्ट्रेलिया से भागकर भारत आ गया था. सिंह इनफिसल टाउन में रहता था, जहां उसने नर्सिंग असिस्टेंट के तौर पर काम किया था. हालांकि वो मूल रूप से पंजाब के बुत्तर कलां के रहने वाला हैं.

यह भी पढ़ें | दिन पैसा जोड़कर भाई-बहन ने राहुल को दिया गुल्लक, कहा- ये पैसे भारत जोड़ो यात्रा में लगाएं

ऑस्ट्रेलियाई पुलिस रखा था इनाम
क्वींसलैंड पुलिस ने एक बयान में बताया था कि इनिसफेल में कार्यरत 38 वर्षीय राजविंदर सिंह इस हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध है. वो कॉर्डिंगली की हत्या करने के दो दिन बाद देश से फरार हो गया और अपनी पत्नी तथा तीन बच्चों को यहीं छोड़ गया. ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए उसपर 10 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का इनाम रखा था. यह क्वीन्सलैंड पुलिस द्वारा अब तक के सबसे बड़े इनाम की पेशकश थी. इससे पहले, कॉर्डिंगली की मां ने अपनी बेटी को आध्यात्मिक बताया था.

हत्या के दो दिन बाद हो गया था फरार
उन्होंने कहा था, ‘कॉर्डिंगली बहुत जल्दी दुनिया छोड़ गई. मैं उसके दोस्तों को शादी करते हुए और बच्चों के साथ देख रही हूं. अब सोचती हूं कि उसने अपने जीवन में काफी कुछ मिस कर दिया. उसे अभी बहुत कुछ देखना था.’ क्वींसलैंड के एक पुलिस अधिकारी ने 3 नवंबर को एक बयान में कहा था, ‘हम विदेशी मुद्रा मूल बातें जानते हैं कि टोया के मर्डर के अगले ही दिन यानी 22 अक्टूबर (2018) को आरोपी सिंह ने ऑस्ट्रेलिया को छोड़ फरार हो गया था. उसने 23 अक्टूबर को सिडनी से भारत के लिए फ्लाइट पकड़ी थी और फिर भारत आ गया था.’

इमेज – प्रधानाचार्य का संदेश

मानव पूंजी किसी भी संगठन की सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है, यही कारण है कि कर्मचारियों को सबसे मूल्यवान संपत्ति माना जाता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि इस मानव पूंजी का पोषण और विकास एक संरचित प्रशिक्षण प्रक्रिया के माध्यम से किया जाये, जो उनके ज्ञान को अद्यतन करने और कौशल को बढ़ावा देने में सहायक हो।

एक साथ बड़े पैमाने पर हुई सेवानिवृत्ति और नए युवा पदधारियों के आगमन की वजह से विशेषज्ञता और ज्ञान में हुई कमी ,ये सब मिलकर कोविड 19 महामारी, शुरू- शुरू में, प्रत्यक्ष रूप से एक बड़ा झटका था । लेकिन कोविड 19 संकट से उपजी नई वास्तविकताओं ने डिजिटल प्रशिक्षण उपकरणों की सहायता से निरंतर सीखते रहने के महत्व को रेखांकित किया है।

तदनुरूप, डिजिटल मोड के माध्यम से प्रशिक्षण शुरू किया गया और जिसने तेजी से गति पकड़ी। ऋण, एमएसएमई वित्त , कृषि वित्त , विदेशी विनिमय, ऋण निगरानी, घाटे में चल रही शाखाओं का लाभ में बदलना , लिपिक / परिवीक्षाधीन अधिकारियों के लिए प्रेरणा प्रशिक्षण तथा संगठन को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सभी कर्मचारियों को विभिन्न क्षमता क्षेत्रों के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान करने एवं कौशल और दृष्टिकोण को विकसित करने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म ‘ ई पाठशाला ‘ को भी नए मॉड्यूल और ई प्रोग्राम के साथ मजबूत किया गया है।

भारत के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार, जानिए इसके क्या फायदे हैं

भारत के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार, जानिए इसके क्या फायदे हैं

TV9 Bharatvarsh | Edited By: शशांक शेखर

Updated on: Dec 06, 2021 | 9:30 PM

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को कहा कि भारत के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार है. उन्होंने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 19 नवंबर, 2021 की स्थिति के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 640.4 अरब डॉलर है.

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 19 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 2.713 अरब डॉलर घटकर 637.687 अरब डॉलर रह गया. रिजर्व बैंक के आंकड़े के अनुसार इससे 19 नवंबर को समाप्त पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 28.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 640.401 अरब डॉलर हो गया था. तीन सितंबर, विदेशी मुद्रा मूल बातें 2021 को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार 642.453 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था.

रुपए को मिलती है मजबूती

रिजर्व बैंक के लिए विदेशी मुद्रा भंडार काफी अहम होता है. आरबीआई जब मॉनिटरी पॉलिसी तय करता है तो उसके लिए यह काफी अहम फैक्टर होता है कि उसके पास विदेशी मुद्रा भंडार कितना है. जब आरबीआई के खजाने में डॉलर भरा होता है तो करेंसी को मजबूती मिलती है.

जैसा कि हम जानते हैं भारत बड़े पैमाने पर आयात करता है. जब भी हम विदेशी से कोई सामान खरीदते हैं तो ट्रांजैक्शन डॉलर में होते हैं. ऐसे में इंपोर्ट को मदद के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का होना जरूरी है. अगर विदेश से आने वाले निवेश में अचानक कभी कमी आती है तो उस समय इसकी महत्ता और ज्यादा बढ़ जाती है.

FDI में तेजी के मिलते हैं संकेत

अगर विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी आ रही है तो इसका मतलब होता है कि देश में बड़े पैमाने पर FDI आ रहा है. अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी निवेश बहुत अहम है. अगर विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में पैसा डाल रहे हैं तो दुनिया को यह संकेत जाता है कि इंडियन इकोनॉमी पर उनका भरोसा बढ़ रहा है.

चौधरी ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि पिछले सात वित्तीय वर्षों में पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क के जरिये 16.7 लाख करोड़ रुपए का राजस्व एकत्रित हुआ. उधर, वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इस साल सितंबर तक देश में एटीएम की कुल संख्या 2.13 लाख से अधिक थी और इनमें से 47 फीसदी ग्रामीण एवं छोटे शहरों में हैं.

पेट्रोल-डीजल का रेट समान बनाए रखने का विचार नहीं

केंद्र सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को एक समान बनाए रखने के लिए कोई योजना उसके पास विचाराधीन नहीं है. राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने यह जानकारी दी. यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को एक समान बनाए रखने के लिए कोई योजना बना रही है, इसके जवाब में तेली ने कहा, ‘‘ऐसी कोई योजना सरकार के विचाराधीन नहीं है.’’ उन्होंने कहा कि भाड़ा दर, वैट और स्थानीय उगाही आदि जैसे अनेक घटकों के कारण पेट्रोल और डीजल के मूल्य अलग-अलग बाजारों में अलग-अलग होते हैं.

पेट्रोल, डीजल और गैस को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाए जाने संबंधी एक सवाल के जवाब में तेली विदेशी मुद्रा मूल बातें ने कहा कि CGST अधिनियम की धारा 9(2) के अनुसार पेट्रोलियम उत्पादों को GST में शामिल करने के लिए GST परिषद की सिफारिश अपेक्षित होगी. उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक GST परिषद ने तेल और गैस को GST में शामिल करने की सिफारिश नहीं की है.’’

जीएम सरसों : जरूरत या मुसीबत?

कहा जा सकता है कि देश में जहां जीएम खाद्य पदार्थों की कोई जरूरत नहीं है, विदेशी मुद्रा मूल बातें विदेशी मुद्रा मूल बातें व्यावसायिक ताकतों के दबाव में इनको दी जाने वाली अनुमतियों से देश की खेती-किसानी, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं निर्यातों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। सरकार का दायित्व है कि जीईएसी की सिफारिशों को दरकिनार करे…

अक्तूबर 18, 2022 को भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की एक समिति जैनेटिक इंजीनियरिंग अप्रैजल कमेटी यानी जीईएसी ने जीएम सरसों की एक किस्म डीएमएच-11 को एक बार फिर से किसानों के खेतों में लगाने की सिफारिश की है। गौरतलब है कि इससे पहले मई 2017 में भी जीईएसी ने इसी किस्म को अपनी हरी झंडी दी थी। लेकिन इसका किसानों और वैज्ञानिकों द्वारा भारी विरोध होने के कारण सरकार ने जीईएसी की सिफारिशों को मानने से मना कर दिया था। विदेशी मुद्रा मूल बातें लेकिन 18 अक्तूबर 2022 की बैठक में जीईएसी ने पुन: इसकी सिफारिश कर दी है। यह बताया जा रहा है कि यह किस्म प्रो. दीपक पेंटल द्वारा देश में ही विकसित की गई है और पूर्णतया स्वदेशी है।

Shikhar Dhawan: शिखर धवन ने 10 साल बड़ी और तलाकशुदा लड़की से की थी शादी, ज्यादा दिन नहीं टिका रिश्ता

शिखर धवन ने आयशा मुखर्जी (Ayesha Mukherjee) से साल 2012 में शादी की थी. साल 2014 में दोनों के एक बेटा हुआ, जिसका नाम जोरावर रखा. वहीं, आयशा मुखर्जी को पहली शादी से दो बेटियां भी हैं, जिनके नाम लिया और रिया हैं.

आयशा मुखर्जी का जन्म भारत के पश्चिम बंगाल में 27 अगस्त 1975 में हुआ था. उनके पिता भारतीय बंगाली समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. वहीं, उनकी मां ब्रिटिश मूल की हैं. आयशा के जन्म के बाद उनका परिवार ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट हो गया.

शिखर धवन और आयशा मुखर्जी (Ayesha Mukherjee) की मुलाकात फेसबुक पर हुई. फिर बातें शुरू हुईं इसके बाद ये दोस्ती प्यार में बदल गई. धवन से आयशा 10 साल बड़ी हैं, लेकिन प्यार में उम्र की सीमा नहीं देखी जाती है. आयशा पहले ही शादीशुदा थीं, उन्होंने धवन से शादी करने से पहले एक ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायी से शादी की थी.

रेटिंग: 4.23
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 813
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *