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डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें

डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें

खोलना चाहते हैं डीमैट अकाउंट, आइए हम बताते हैं कैसे चुने नए युग का डिस्काउंट ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म

ट्रे़डिंग पोर्टल पर इजी-टू-यूज इंटरफेस से नए निवेशकों को आसानी से सौदे डालने की सुविधा होती है। नए जमाने के डिजिटल टेक्नोलॉजी पर आधारित डिस्काउंट ब्रोकरेज हाउस इजी-टू-यूज इंटरफेज पर फोकस करते हैं

सेबी चेयरमैन अजय त्यागी ने नवंबर में इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में बोलते हुए बताया था कि वर्तमान वित्त वर्ष में हर महीने करीब 26 लाख डीमैट अकाउंट खोले गए हैं जबकि 2019-20 में हर महीने करीब 4 लाख डीमैट अकाउंट खोले गए थे।

कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान तमाम नई पीढ़ी के निवेशक इक्विटी बाजार में किस्मत आजमाते दिखे हैं। सेबी चेयरमैन अजय त्यागी ने नवंबर में इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में बोलते हुए बताया था कि वर्तमान वित्त वर्ष में हर महीने करीब 26 लाख डीमैट अकाउंट खोले गए हैं जबकि 2019-20 में हर महीने करीब 4 लाख डीमैट अकाउंट खोले गए थे।

कम उम्र में निवेश की शुरुआत बहुत अच्छी बात है लेकिन इसके साथ ही इस बात की भी बहुत अहमियत होती है कि आप कहां निवेश कर रहे हैं और किसके जरिए निवेश कर रहे हैं। इस समय बाजार में कई पुरानी और नई पीढ़ी के ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध है जिसमें Zerodha, Upstox, Groww, FYERS और Paytm Money जैसे नाम शामिल हैं। सही ब्रोकर का चुनाव इक्विटी इन्वेस्टमेंट में काफी अहमियत रखता है। इसको ध्यान में रखते हुए यहां हम आपको कुछ ऐसी गाइडलाइन दे रहे हैं जिसके जरिए आप डीमैट अकाउंट खोलने के लिए सही ब्रोकरेज फर्म का चुनाव कर सकते हैं।

ट्रेडिशनल बनाम डिस्काउंट ब्रोकरेज

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बता दें कि ट्रेडिशनल ब्रोकरेज फर्म अपने ग्राहकों को रेगुलर ट्रेडिंग टिप्स देते हैं। उनका बिजनेस मॉडल इस सोच पर आधारित होता है कि अधिकांश लोगों को इक्विटी मार्केट में निवेश के लिए ट्रेडिंग आइडियाज की जरुरत होती है जबकि डिस्काउंट ब्रोकरेज एक फिनटेक प्लेटफॉर्म होते हैं जो स्टैंडर्डाइज्ड एक्सीक्यूशन सेवाएं उपलब्ध कराते हैं लेकिन परंपरागत ब्रोकिंग फंडो की तरह अपने ग्राहको को कोई ट्रेडिंग टिप्स नहीं देते।

FYERS के Tejas Khoday का कहना है कि डिस्काउंट ब्रोकरेज भारत में उस तेजी से बढ़ते ट्रेडिंग कम्यूनिटी को अपनी सेवाएं देते हैं जो सेल्फ एजूकेटेड होते हैं और जो स्वतंत्र रुप से अपने निर्णय लेते हैं।

एक fintech consultant पारिजात गर्ग का कहना है कि अगर कोई निवेशक अपने निवेश के लिए इंस्टीट्यूशनल रिसर्च एडवाइस, ऑर्डर के लिए डेस्क सपोर्ट, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस और मार्जिन आधारित ट्रेडिंग की मांग करता है तो उसको फुल ब्रोकरेज हाउसों में अपना डीमैट अकाउंट खुलवाना चाहिए।

जानकारों का कहना है कि डिस्काउंट ब्रोकरेज हाउसों का कारोबार पारदर्शी होता है और इनका फीस स्ट्रक्चर उनकी वेबसाइट पर दिया होता है। वे लगभग 20 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन के आधार पर अपनी फीस लेते हैं। इसके लिए ट्रेड वैल्यू की सीमा नहीं होती है। इससे ट्रेडरों और इन्वेस्टरों को लगभग 95-98 फीसदी की बचत हासिल होती है। ऐसे में जो लोग भारी मात्रा में इंट्राडे और पोजिशनल ट्रेडिंग करते हैं उनकी ब्रोकरेज फीस में काफी कटौती होती है।

इसके विपरीत ट्रेडिशनल ब्रोकरों का फीस स्ट्रक्चर एक क्लाइंट से दूसरे क्लाइंट के लिए अलग-अलग होता है और यह वॉल्यूम पर भी निर्भर करता है। कभी -कभी परंपरागत ब्रोकरेज फर्म अपने पुराने ग्राहकों की फीस कम कर देते हैं। इसके अलावा कुछ परंपरागत ब्रोकर फर्म मोलभाव को भी मंजूरी देते हैं। परंपरागत ब्रोकर फर्मों की फीस ट्रांजैक्शन वैल्यू के 0.3-0.5 फीसदी तक हो सकती है।

FYERS के तेजस खोडे (Tejas Khoday) का कहना है कि ब्रोकर का चुनाव करते हुए आपको उसके फाउंडर की विश्वनीयता को ध्यान में रखना चाहिए। अगर ब्रोकरेज फर्म की मैनेजमेंट टीम मजबूत, अनुभवशाली, ईमानदार और विश्वनीय है तो वह आपके लिए बेहतर साबित हो सकते हैं।

इसके अलावा ट्रे़डिंग पोर्टल पर इजी-टू-यूज इंटरफेस से नए निवेशकों को आसानी से सौदे डालने की सुविधा होती है। नए जमाने के डिजिटल टेक्नोलॉजी पर आधारित डिस्काउंट ब्रोकरेज हाउस इजी-टू-यूज इंटरफेज पर फोकस करते हैं जिससे की नए निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। इसके साथ ही ब्रोकरेज फर्म का चुनाव करते समय वैल्यू एडेड सर्विसेस को भी ध्यान में रखें। इस तरह की सर्विसेज में कैपिटल गेन रिपोर्ट, ट्रेड कन्फर्मेशन की रिपोर्ट, दूसरे तरह के टूल और कैल्क्यूलेटर शामिल होते हैं।

PrimeInvestor.in. के Srikanth Meenakshi का कहना है कि कुछ डिस्काउंट ब्रोकर डोमेस्टिक और इंटरनेशनल स्टॉक मार्केट में निवेश की सुविधा देते हैं। इस तरह की वैल्यू एडेड सेवाएं उस समय काम की होती है जब कोई निवेशक विदेशी शेयरों में निवेश करना चाहता है। इसके अलावा डिस्काउंट ब्रोकर्स आपको हाई क्वालिटी रिसर्च रिपोर्ट भी उपलब्ध कराते हैं जो इनडिपेंडेंट रिसर्च संगठनों द्वारा जारी किए जाते हैं। उदाहरण के लिए FYERS ने इक्विटी रिसर्च रिपोर्ट के लिए William O'Neil के साथ करार कर रखा है जिसकी सुविधा अतरिक्त भुगतान करके ली जा सकती है। कई डिस्काउंट ब्रोकर ब्लॉग, वीडियो और पॉडकास्ट के जरिए आपको तमाम जानकारी उपलब्ध कराते हैं।

जानकारों को सलाह है कि अगर आप किसी डिस्काउंट ब्रोकर फर्म के जरिए निवेश करना चाहते हैं तो इसके लिए उन लोगों से बात करें जो इस तरह के ऐप यूज करते हैं। इसके अलावा आप गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर जाकर ऐप की रिव्यू और रेटिंग देखें। उन पर निवेशकों के अपने अनुभव पढ़ें और उसके आधार पर अच्छे स्टॉक रेटिंग वाले ऐप का चुनाव करें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर जाकर भी डिस्काउंट ब्रोकर से संबंधित शिकायतों, अपडेट आदि के बारे में जानकारी ली जा सकती है।

डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें

Written by Web Desk Team | Published :November 17, 2022 , 12:39 pm IST

महंगाई का मुकाबला करने के लिए, शेयर बाजारों और अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट में निवेश और ट्रेडिंग पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. यदि आप अपनी गाढ़ी कमाई को केवल फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे ट्रेडिशनल फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट (traditional financial instrument) में सेव करते हैं, तो आप अपने फाइनेंशियल गोल को पूरा करने से पीछे रह सकते हैं.

एक बिगिनर के रूप में आपको शेयर बाजार चुनौतीपूर्ण लग सकता है, हालांकि हम आपको आश्वस्त करते हैं कि ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखना बहुत आसान है. ऑनलाइन ट्रेडिंग के आने से पहले, जो व्यक्ति बॉन्ड, शेयर, या अन्य सिक्योरिटीज जैसे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट को खरीदना या बेचना चाहते थे, उन्हें अपनी ब्रोकरेज फर्मों से संपर्क करना पड़ता था और उन्हें उनकी ओर से लेनदेन की व्यवस्था करने के लिए कहना पड़ता था. इसके बाद, प्राइस चेक करने, कॉन्ट्रैक्ट वेरीफाई करने और अंत में ट्रेड की पुष्टि करने की एक लंबी प्रक्रिया का पालन करना पड़ता था. हमें उस फीस को नहीं भूलना चाहिए जो ये ट्रेडिशनल ब्रोकर सर्विस के लिए मांगते थे. फिर आया डिस्काउंट ब्रोकर्स या ऑनलाइन ब्रोकर्स का युग, जिसने खेल को पूरी तरह से बदल दिया. इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग जो पहले कुछ चुनिंदा लोगों के लिए विशेष रूप से उपलब्ध थी अब बहुत बड़ी संख्या में आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है.

ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है?
ऑनलाइन ट्रेडिंग फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट को ऑनलाइन खरीदने और बेचने का एक सुविधाजनक तरीका है. इन लेन-देन को ऑनलाइन ब्रोकर्स के माध्यम से आसान बनाया जा सकता है जो इक्विटी, कमोडिटीज, बॉन्ड, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड, फ्यूचर्स आदि जैसे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश करते डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें हैं.

ऑनलाइन ट्रेडिंग के क्या फायदे हैं?
किसी भी समय कहीं से भी ट्रेड करने की सुविधा: यदि आपके पास स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन तक पहुंच है तो आप अपने मोबाइल ट्रेडिंग ऐप से किसी भी समय (बाजार के घंटों के दौरान) कहीं से भी ट्रेड/निवेश कर सकते हैं.

अपने निवेश को रियल-टाइम के आधार पर ट्रैक करें और निवेश का निर्णय आसानी से लें: आप अपने निवेश और ट्रेंड्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर ट्रैक कर सकते हैं. अधिकांश प्लेटफ़ॉर्म ढेर सारे डेटा पॉइंट भी प्रदान करते हैं जिनसे आप खुद भी रिसर्च डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें कर स्टॉक और अन्य वित्तीय साधनों में ट्रेड कर सकते हैं. यह आपको स्मार्ट निवेश और ट्रेडिंग डिसीजन लेने में मदद कर सकता है. जब भी आप अपने फोन या कंप्यूटर से लॉग इन करते हैं तो आप रीयल-टाइम प्रॉफिट या लॉस देख सकते हैं.

ट्रेड करने से पहले अपने ब्रोकर से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं: आपको कोई भी लेनदेन करने से पहले अपने ब्रोकर से बात करने की भी आवश्यकता नहीं है. इनफॉर्म्ड इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग डिसीजन लेने के लिए, आपको ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखनी चाहिए और डेटा पॉइंट, पैटर्न, ट्रेंड और प्राइस मूवमेंट की समझ प्राप्त करनी चाहिए.

शुरुआती लोग ऑनलाइन ट्रेडिंग कैसे शुरू कर सकते हैं?
1) ब्रोकर का चयन करें: शुरुआती लोगों के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग में पहला कदम यह निर्धारित करना है कि ब्रोकर वैध है या नहीं. यह देखना होगा कि यह सेबी पंजीकृत ब्रोकर है या नहीं. हर एक ब्रोकर को अपनी सेबी पंजीकृत आईडी को अपनी आधिकारिक डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें वेबसाइटों पर डिस्प्ले करना जरूरी है. एक बार जब आप ब्रोकर की वैधता चेक कर लेते हैं, तो आपको दो प्रकार के ऑनलाइन ब्रोकरों में से चुनना होगा:

– डिस्काउंट ब्रोकर या
– फुल-सर्विस ब्रोकर्स

एक डिस्काउंट ब्रोकर आपको कम शुल्क में सभी आवश्यक ट्रेडिंग टूल प्रदान करेगा, एक फुल-सर्विस ब्रोकरेज फर्म आपको उच्च शुल्क में निवेश सलाह प्रदान करेगी. इस प्रकार आपकी आवश्यकताओं के आधार पर, आप यह तय कर सकते हैं कि आप डिस्काउंट ब्रोकर या फुल-सर्विस ब्रोकर के साथ जाना चाहते हैं. असल में, डी-आई-वाई ट्रेडर बनने के लिए इंटरनेट पर कई संसाधन उपलब्ध हैं जिनके माध्यम से आप ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजारों के बारे में सीख सकते हैं. आप डिस्काउंट ब्रोकरेज चुन सकते हैं. यदि आपके पास अपने दम पर ट्रेड करने का ज्ञान है, यदि आप निवेश करना चाहते हैं, लेकिन आपके पास बाज़ार का समय या समझ नहीं है, तो एक फुल-सर्विस ब्रोकरेज अकाउंट एक बेहतर विकल्प हो सकता है.

2) डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलें: शुरुआती लोगों के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू करने के लिए अगला कदम और आरंभ करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना है. डीमैट अकाउंट एक बैंक खाते की तरह होता है जहां यह आपके स्टॉक, एमएफ इत्यादि को डीमैटरियलाइज्ड रूप में रखता है जैसे बैंक आपकी नकदी रखता है. जबकि, डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें ट्रेडिंग अकाउंट एक इंटरफ़ेस है जिससे आप एक्चुअल ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. इन दिनों डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना बेहद सहज, तेज और पेपरलेस हो गया है. एक बार जब आप कुछ बेसिक डॉक्यूमेंट प्रस्तुत कर देते हैं तो आप उसी दिन से ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं.

3) ट्रेडिंग शुरू करें: निवेश या ट्रेडिंग शुरू करने से पहले, ऑनलाइन ट्रेडिंग डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें सीखना, शेयर बाजारों का कुछ ज्ञान हासिल करना और वर्चुअल ट्रेडिंग का अभ्यास करना एक अच्छा आईडिया है. एक बार जब आप इसे जान लें तो अपने ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से ट्रेडिंग शुरू करें. D-I-Y (do-it-yourself) इन्वेस्टिंग और ट्रेडिंग को आसान बनाने के लिए अपने ब्रोकर के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विभिन्न टूल्स का उपयोग करें.

निष्कर्ष ये है कि शेयर बाजार में शुरुआत करने के लिए आपको एक ऑनलाइन ब्रोकर का चयन करना होगा, एक डीमैट और ट्रेडिंग खाता खोलना होगा और ट्रेडिंग शुरू करनी होगी. सुनिश्चित करें कि आप अपने ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म और वेब पर उपलब्ध लर्निंग मटेरियल और टूल्स का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करते हैं

स्टॉक मार्केट में नए हैं तो निवेश के लिए फुल सर्विस ब्रोकरेज की सेवाएं बेहतर

प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar

यूटिलिटी डेस्क. स्टॉक मार्केट के डिजिटलाइजेशन ने ट्रेडिंग में काफी बदलाव कर दिया है। टेक्नालॉजी में बदलाव आने से ऑनलाइन और रियल टाइम ट्रेडिंग आसान हो गई है। रोजाना हजारों स्टॉक्स की ट्रेडिंग होती डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में अच्छे स्टॉक्स को चुनने की क्षमता और ट्रेडिंग की क्षमता केवल कुछ निवेशकों के पास ही होती है। निवेशकों के पास स्टॉक ट्रेडिंग के लिए दो तरह की सेवाएं मौजूद हैं- फुल सर्विस ब्रोकरेज और डिस्काउंट ब्रोकरेज। आमतौर पर फुल सर्विस ब्रोकरेज के पास बड़ा पोर्टफोलियो होता है और वे रिसर्च, सलाह, वेल्थ मैनेजमेंट और रिलेशनशिप मैनेजर जैसी सेवाएं ऑफर करते हैं। उनके पास अपने ग्राहकों के लिए डेडिकेटेड सर्विस होती है। इसके उलट डिस्काउंट ब्रोकरेज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर केवल इक्विटी को बेचने और खरीदने की ही सुविधाएं मुहैया कराते हैं और वे केवल सलाह या रिसर्च सेवाएं नहीं देते हैं। इन ब्रोकरेज की उपस्थिति भी ज्यादा नहीं होती और रिलेशनशिप मैनेजर जैसी सेवाएं भी नहीं होती है, कोई समस्या आने पर निवेशकों को फोन पर केवल रिकॉर्डेड मैसेज ही ज्यादा सुनने को मिलता है। लागत कम करने के लिए यह फर्में ऑफिस स्पेस या स्टाफ पर ज्यादा खर्च डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें नहीं करती है और रिसर्च सर्विस, आईपीओ अप्लीकेशन, म्यूचुअल फंड या रिलेशनशिप मैनेजर जैसी सेवाएं मुहैया नहीं कराती हैं। अगर डिस्काउंट ब्रोकरेज से तुलना करें तो फुल सर्विस ब्रोकरेज की सेवाएं अपेक्षाकृत महंगी है, लेकिन अतिरिक्त सेवाओं के कारण फुल टाइम ब्रोकरेज की सेवाएं लंबे समय में निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित होता है। डिस्काउंट ब्रोकरेज आमतौर पर एक समान शुल्क चार्ज करते हैं जबकि फुल सर्विस ब्रोकरेज परसेंटेज के रूप में चार्ज करते हैं।

डिस्काउंट ब्रोकरेज की फीस फुल सर्विस ब्रोकरेज से कम
निवेश के लिए एक सही स्टॉक ब्रोकर को चुनना बेहद जरूरी है। आमतौर पर डिस्काउंट ब्रोकरेज की फीस उसी ट्रेड के लिए फुल सर्विस ब्रोकरेज से कम होती है। वैल्यू ज्यादा मिलने के कारण फुल सर्विस ब्रोकरेज बेहतर होते हैं। अच्छी जानकारी रखने वाले निवेशकों के लिए डिस्काउंट ब्रोकरेज अच्छे हो सकते हैं लेकिन नए निवेशकों के लिए फुल सर्विस ब्रोकरेज बेहतर है।

डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें

Written by Web Desk Team | Published :November 17, 2022 , 12:39 pm IST

महंगाई का मुकाबला करने के लिए, शेयर बाजारों और अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट में निवेश और ट्रेडिंग पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. यदि आप अपनी गाढ़ी कमाई को केवल फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे ट्रेडिशनल फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट (traditional financial instrument) में सेव करते हैं, तो आप अपने फाइनेंशियल गोल को पूरा करने से पीछे रह सकते हैं.

एक बिगिनर के रूप में आपको शेयर बाजार चुनौतीपूर्ण लग सकता है, हालांकि हम आपको आश्वस्त करते हैं कि ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखना बहुत आसान है. ऑनलाइन ट्रेडिंग के आने से पहले, डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें जो व्यक्ति बॉन्ड, शेयर, या अन्य सिक्योरिटीज जैसे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट को खरीदना या बेचना चाहते थे, उन्हें अपनी ब्रोकरेज फर्मों से संपर्क करना पड़ता था और उन्हें उनकी ओर से लेनदेन की व्यवस्था करने के लिए कहना पड़ता था. इसके बाद, प्राइस चेक करने, कॉन्ट्रैक्ट वेरीफाई करने और अंत में ट्रेड की पुष्टि करने की एक लंबी प्रक्रिया का पालन करना पड़ता था. हमें उस फीस को नहीं भूलना चाहिए जो ये ट्रेडिशनल ब्रोकर सर्विस के लिए मांगते थे. फिर आया डिस्काउंट ब्रोकर्स या ऑनलाइन ब्रोकर्स का युग, जिसने खेल को पूरी तरह से बदल दिया. इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग जो पहले कुछ चुनिंदा लोगों के लिए विशेष रूप से उपलब्ध थी अब बहुत बड़ी संख्या में आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है.

ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है?
ऑनलाइन ट्रेडिंग फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट को ऑनलाइन खरीदने और बेचने का एक सुविधाजनक तरीका है. इन लेन-देन को ऑनलाइन ब्रोकर्स के माध्यम से आसान बनाया जा सकता है जो इक्विटी, कमोडिटीज, बॉन्ड, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड, फ्यूचर्स आदि जैसे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश करते हैं.

ऑनलाइन ट्रेडिंग के क्या फायदे हैं?
किसी भी समय कहीं से भी ट्रेड करने की सुविधा: यदि आपके पास स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन तक पहुंच है तो आप अपने मोबाइल ट्रेडिंग ऐप से किसी भी समय (बाजार के घंटों के दौरान) कहीं से भी ट्रेड/निवेश कर सकते हैं.

अपने निवेश को रियल-टाइम के आधार पर ट्रैक करें और निवेश का निर्णय आसानी से लें: आप अपने निवेश और ट्रेंड्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर ट्रैक कर सकते हैं. अधिकांश प्लेटफ़ॉर्म ढेर सारे डेटा पॉइंट भी प्रदान करते हैं जिनसे आप खुद भी रिसर्च कर स्टॉक और अन्य वित्तीय साधनों में ट्रेड कर सकते हैं. यह आपको स्मार्ट निवेश और ट्रेडिंग डिसीजन लेने में मदद कर सकता है. जब भी आप अपने फोन या कंप्यूटर से लॉग इन करते हैं तो आप रीयल-टाइम प्रॉफिट या लॉस देख सकते हैं.

ट्रेड करने से पहले अपने ब्रोकर से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं: आपको कोई भी लेनदेन करने से पहले अपने ब्रोकर से बात करने की भी आवश्यकता नहीं है. इनफॉर्म्ड इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग डिसीजन लेने के लिए, आपको ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखनी चाहिए और डेटा पॉइंट, पैटर्न, ट्रेंड और प्राइस मूवमेंट की समझ प्राप्त करनी चाहिए.

शुरुआती लोग ऑनलाइन ट्रेडिंग कैसे शुरू कर डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें सकते हैं?
1) ब्रोकर का चयन करें: शुरुआती लोगों के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग में पहला कदम यह निर्धारित करना है कि ब्रोकर वैध है या नहीं. यह देखना होगा कि यह सेबी पंजीकृत ब्रोकर है या नहीं. हर एक ब्रोकर को अपनी सेबी पंजीकृत आईडी को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर डिस्प्ले करना जरूरी है. एक बार जब आप ब्रोकर की वैधता चेक कर लेते हैं, तो आपको दो प्रकार के ऑनलाइन ब्रोकरों में से चुनना होगा:

– डिस्काउंट ब्रोकर या
– फुल-सर्विस ब्रोकर्स

एक डिस्काउंट ब्रोकर आपको कम शुल्क में सभी आवश्यक ट्रेडिंग टूल प्रदान करेगा, एक फुल-सर्विस ब्रोकरेज फर्म आपको उच्च शुल्क में निवेश सलाह प्रदान करेगी. इस प्रकार आपकी आवश्यकताओं के आधार पर, आप यह तय कर सकते हैं कि आप डिस्काउंट ब्रोकर या फुल-सर्विस ब्रोकर के साथ जाना चाहते हैं. असल में, डी-आई-वाई ट्रेडर बनने के लिए इंटरनेट पर कई संसाधन उपलब्ध हैं जिनके माध्यम से आप ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजारों के बारे में सीख सकते हैं. आप डिस्काउंट ब्रोकरेज चुन सकते हैं. यदि आपके पास अपने दम पर ट्रेड करने का ज्ञान है, यदि आप निवेश करना चाहते हैं, लेकिन आपके पास बाज़ार का समय या समझ नहीं है, तो एक फुल-सर्विस ब्रोकरेज अकाउंट एक बेहतर विकल्प हो सकता है.

2) डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलें: शुरुआती लोगों के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें करने के लिए अगला कदम और आरंभ करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना है. डीमैट अकाउंट एक बैंक खाते की तरह होता है जहां यह आपके स्टॉक, एमएफ इत्यादि को डीमैटरियलाइज्ड रूप में रखता है जैसे बैंक आपकी नकदी रखता है. जबकि, ट्रेडिंग अकाउंट एक इंटरफ़ेस है जिससे आप एक्चुअल ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. इन दिनों डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना बेहद सहज, तेज और पेपरलेस हो गया है. एक बार जब आप कुछ बेसिक डॉक्यूमेंट प्रस्तुत कर देते हैं तो आप उसी दिन से ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं.

3) ट्रेडिंग शुरू करें: निवेश या ट्रेडिंग शुरू करने से पहले, ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखना, शेयर बाजारों का कुछ ज्ञान हासिल करना और वर्चुअल ट्रेडिंग का अभ्यास करना एक अच्छा आईडिया है. एक बार जब आप इसे जान लें तो अपने ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से ट्रेडिंग शुरू करें. D-I-Y (do-it-yourself) इन्वेस्टिंग और ट्रेडिंग को आसान बनाने के लिए डिस्काउंट ब्रोकरेज में निवेश करें अपने ब्रोकर के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विभिन्न टूल्स का उपयोग करें.

निष्कर्ष ये है कि शेयर बाजार में शुरुआत करने के लिए आपको एक ऑनलाइन ब्रोकर का चयन करना होगा, एक डीमैट और ट्रेडिंग खाता खोलना होगा और ट्रेडिंग शुरू करनी होगी. सुनिश्चित करें कि आप अपने ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म और वेब पर उपलब्ध लर्निंग मटेरियल और टूल्स का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करते हैं

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