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फॉरेक्स में बार क्या है?

फॉरेक्स में बार क्या है?
सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 79.76 पर खुला और दिन में 80 का स्तर छूने के बाद 79.98 पर बंद हुआ

फॉरकॉक्स टैबलेट (Forecox Tablet)

फॉरकॉक्स टैबलेट (Forecox Tablet) के बारे में जानकारी

फॉरकॉक्स टैबलेट (Forecox Tablet) एक संयोजन दवा है जो टीबी के उपचार में कार्यरत है, यह संक्रमण पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोककर काम करता है। फॉरेक्स एक जीवाणुरोधी दवा है जो जीवों के क्षय रोग को मारती है। इसलिए, इसका उपयोग टीबी के उपचार और रोकथाम के लिए किया जाता है। इसका प्रभाव बढ़ाने तक इसे अन्य दवाओं के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

फॉरकॉक्स टैबलेट (Forecox Tablet) एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है और डॉक्टर द्वारा निर्देशित के रूप में ली जाती है। यह दवा केवल अनुशंसित खुराक में ली जानी चाहिए, इससे अधिक का सेवन करने से प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो सकती है। अगर आपको किसी भी लिवर की बीमारी है या यदि आपको किसी दवा से हेपेटाइटिस हुआ है, तो इस टैबलेट का उपयोग करने से बचें। अपने डॉक्टर को बताएं अगर आपको है:

  • डायबिटीज
  • शराब या अन्य मादक द्रव्यों के सेवन का इतिहास
  • किडनी से संबंधित समस्याएं
  • नसों की समस्याएँ
  • एकसमान इंजेक्शन की दवा की आदतें
  • एचआईवि
  • लिवर की समस्याओं का इतिहास

फॉरकॉक्स टैबलेट (Forecox Tablet) के उपचार का कोर्स पूरा हो जाना चाहिए, भले ही लक्षण समाप्त हो जाएं बंद करने से दवा की शक्ति प्रभावित हो सकती है। दवा के प्रभाव को अपना प्रभाव दिखाने में समय लगता है, हालांकि, स्वास्थ्य स्थितियों के फॉरेक्स में बार क्या है? तेज होने की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श करें।

आपको अपने डॉक्टर को यह भी बताना होगा कि क्या आपकी उम्र 35 वर्ष से अधिक है, आपने हाल ही में जन्म दिया है, या आपने पहले आइसोनियाज़िड लिया है। यह दवा भोजन से 1 या 2 घंटे पहले लेनी चाहिए। खुराक आपकी चिकित्सा स्थिति, उम्र और आप दवा की पहली खुराक पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं, उसपर आधारित है।

फॉरकॉक्स टैबलेट (Forecox Tablet) शुरू करने से पहले, किसी भी एलर्जी, हाल की दवाओं और किडनी और लीवर की बीमारियों जैसे स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में डॉक्टर को सूचित करें क्योंकि यह स्वास्थ्य की स्थिति में हस्तक्षेप कर सकता है या नहीं। गर्भवती, गर्भावस्था की योजना बना रही, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को फॉरकॉक्स फॉरेक्स में बार क्या है? टैबलेट (Forecox Tablet) शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त, फॉरकॉक्स टैबलेट (Forecox Tablet) लेते समय शराब के सेवन से बचें क्योंकि इससे अत्यधिक उनींदापन हो सकता है। यह पर्याप्त आराम करने और तेजी से ठीक होने के लिए स्वस्थ आहार लेने की सलाह दी जाती है, इसके अलावा, चिकित्सक शरीर पर दवा के प्रभाव को जानने के लिए कुछ परीक्षणों का आदेश दे सकता है।

हैदराबाद में बुर्के में मिली 50 करोड़ के स्कैम की आरोपी, ऐसे हुई बेनकाब

इंदौर में हुए 50 करोड़ के फोरेक्स ट्रेडिंग स्कैम की आरोपी मोनिका विष्ट हैदराबाद से गिरफ्तार..

Published: August 21, 2022 03:46:39 pm

इंदौर. इंदौर में हुए 50 करोड़ के फोरेक्स ट्रेडिंग स्कैम की आरोपी को पुलिस ने हैदराबाद की एक होटल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला अपनी पहचान छिपाकर बुर्के की आड़ में नकली नाम से होटल में ठहरी हुई थी। जिसकी भनक इंदौर पुलिस को लग गई। पुलिस हैदराबाद पहुंची और हैदराबाद पुलिस की मदद से होटल के कमरे से शातिम ठग को बेनकाब कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अपने साथ आरोपी महिला के भाई को भी लेकर गई थी जिससे कि आरोपी महिला की पहचान हो सके।

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बुर्का हटाते ही हुई बेनकाब
पुलिस ने बताया कि 50 करोड़ रुपए के फोरेक्स ट्रेडिंग स्कैम की आरोपी मोनिका बिस्ट फरार थी जिसकी पुलिस तलाश कर रही थी इसी दौरान उसके हैदराबाद की एक होटल में छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस हैदराबाद पहुंची और लोकल पुलिस के साथ मिलकर होटल पहुंची जहां होटल का एंट्री रजिस्टर चेक करने पर मोनिका नाम का कोई नहीं मिला लेकिन मोना नाम से एक महिला होटल में रुकी हुई थी। पुलिस को शक हुआ तो मोनिका के भाई को साथ लेकर पुलिस उसके कमरे में पहुंची। जहां एक महिला बुर्का पहने हुई थी उसने अपना नाम मोना बताया। पुलिस ने सच्चाई जानने के लिए जब उससे सवाल किए तो वो कुछ सवालों के सही जवाब नहीं दे पाई जिससे पुलिस को शक हुआ और पुलिस ने बुर्का हटवाया तो बुर्के के पीछे जो चेहरा था वो मोनिका ही थी।जिसे उसके भाई ने पहचान लिया, इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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क्या था फॉरेक्स ट्रेडिंग स्कैम ?
बता दें कि मार्च 2022 में बिजलपुर के रहने वाले देवेश नाम के व्यक्ति ने फोरेक्स ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी का मास्टर माइंड अतुल नेतनराम था जो अब भी फरार है। कंपनी के जरिए फेक सर्व बनाकर ट्रेडिंग करवाई जाती थी। कंपनी से जुडेे लोग सामने वाले के अकाउंट में कई गुना ज्यादा डॉलर या दूसरी विदेशी करंसी शो कराते थे लेकिन जब वह रकम निकालने जाता तो उसे ब्लॉक का मैसेज मिलता। पुलिस इस स्कैम से जुड़े चेतन, सोनिया, हरदीप और मोनिका के पति अनिल बिष्ट को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था जबकि अब मोनिका को पकड़ा है। वहीं कंपनी का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।

Dollar-Rupee Rate Today: रुपये ने पहली बार छुआ 80 का आंकड़ा, 79.98 पर हुआ बंद

Rupee-Dollar Exchange Rate Outlook: मोतीलाल ओसवाल के गौरांग सोमैया के मुताबिक शॉर्ट टर्म में डॉलर के मुकाबले रुपये का स्पॉट रेट 79.79 से 80.20 के बीच रह सकता है

Dollar-Rupee Rate Today: रुपये ने पहली बार छुआ 80 का आंकड़ा, 79.98 पर हुआ बंद

सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 79.76 पर खुला और दिन में 80 का स्तर छूने के बाद 79.98 पर बंद हुआ

Rupee Crashes Further Against Dollar : अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का सिलसिला सोमवार 18 जुलाई को भी जारी रहा. इंट्रा डे कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी ने पहली बार 80 का आंकड़ा भी छू लिया. हालांकि कारोबार बंद होने तक इसमें कुछ सुधार हुआ और पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले यह 16 पैसे की गिरावट के साथ 79.98 पर बंद हुआ. दिन की शुरुआत में डॉलर के मुकाबले रुपया 79.फॉरेक्स में बार क्या है? 76 फॉरेक्स में बार क्या है? पर खुला था.

जानकारों की राय में सोमवार को रुपये में गिरावट के लिए क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के अलावा विदेशी फंड्स का देश से लगातार बाहर पैसे भेजना ही सबसे बड़ी वजह हैं. इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में भारतीय करेंसी सुबह डॉलर के मुकाबले 79.76 पर खुली, लेकिन जल्द ही इस पर बिकवाली का दवाब नजर आने लगा. दोपहर करीब 12 बजे इसने 80 का मनोवैज्ञानिक आंकड़ा छू लिया. इसके बाद दिन के कारोबार के दौरान बेहद थोड़े समय के लिए ही यह स्तर फिर से देखने को मिला. बाजार बंद होने तक रुपया मामूली रूप से संभला और 79.98 पर बंद हुआ. हालांकि यह आंकड़ा भी 80 के बेहद करीब है. इसके पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 17 पैसे की बढ़त के साथ 79.82 पर बंद हुआ था.

79.79 से 80.20 के बीच रह सकता है रुपया

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के फॉरेक्स एनालिस्ट गौरांग सोमैया के मुताबिक शुक्रवार को आए सुधार के बावजूद रुपये पर दबाव बना हुआ था. फेडरल रिजर्व के नई पॉलिसी के एलान से पहले बाजार के खिलाड़ी सावधानी बरत रहे हैं. सोमैया का कहना है कि आने वाले दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये का स्पॉट रेट शॉर्ट टर्म में 79.79 से 80.20 के बीच रह सकता है.

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 30% इजाफे का अनुमान, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े टीडीएस नियमों में हो सकता है बदलाव

India CSR Outlook Report: देश की 301 बड़ी कंपनियों के CSR स्पेंड की रिपोर्ट जारी, RIL, HDFC बैंक, TCS, ONGC और टाटा स्टील सामाजिक कामों पर खर्च करने में सबसे आगे

Central Govt Jobs : केंद्र सरकार ने 8 साल में 7.22 लाख लोगों को दी नौकरी, 22 करोड़ से ज्यादा मिले आवेदन

रिलायंस सिक्योरिटी के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट श्रीराम अय्यर का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और भारत से विदेशी फंड्स द्वारा लगातार देश से बाहर पूंजी भेजने की वजह से रुपये पर दबाव बढ़ गया है. इसी का परिणाम भारतीय मुद्रा में गिरावट के रूप में देखने को मिल रहा है. हालांकि सोमवार को रुपये के अलावा कई और एशियाई मुद्राओं में कुछ सुधार देखने को मिला.

सोमवार को दोपहर में एशियाई बाजारों में डॉलर इंडेक्स में कुछ कमजोरी दिखाई दे रही थी. 6 मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी करेंसी के प्रदर्शन का संकेत देने वाला डॉलर इंडेक्स 0.58 फीसदी की कमजोरी के साथ 107.47 पर ट्रेड कर रहा था. अय्यर के मुताबिक ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कई अधिकारियों ने ऐसे संकेत दिए थे कि वे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की तेज रफ्तार से खुश नहीं हैं. भारतीय कैपिटल मार्केट में विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII सोमवार को भी नेट सेलर ही बने रहे और 1649.36 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की.

foreign exchange reserve न्यूज़

चीन के पास है दुनिया का सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार, 3 लाख करोड़ डॉलर से है अधिक

सेफ के प्रवक्ता फॉरेक्स में बार क्या है? वांग छुनइंग ने बताया कि विदेशी मुद्रा भंडार विनिमय दर और संपत्ति की कीमतों में बदलाव आदि कई कारकों से प्रभावित होता है।

विदेशी मुद्रा भंडार 44.6 करोड़ डॉलर घटकर 428.6 अरब डॉलर पर, जानिए इसका इकोनॉमी पर क्या असर होता है?

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में कमी आने से 44.6 करोड़ डॉलर घटकर 428.60 अरब डॉलर रह गया। रिजर्व बैंक की ओर से शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार पहुंचा सर्वकालिक ऊंचाई पर, 430.57 अरब डॉलर का स्‍तर छुआ

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिलने वाला विशेष आहरण अधिकार इस दौरान 67 लाख डॉलर बढ़कर 1.441 अरब डॉलर हो गया।

RBI: विदेशी मुद्रा भंडार 1.3 अरब डॉलर घटकर 422.2 अरब डॉलर पर पहुंचा

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14 जून को समाप्त सप्ताह में 1.35 अरब डॉलर घटकर 422.2 अरब डॉलर पर आ गया।

Forex reserves में आई 1.3 अरब डॉलर की कमी, विदेशी मुद्रा भंडार घटकर रह गया 422.2 अरब डॉलर

आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश का स्वर्ण भंडार बिना किसी बदलाव के 22.95 अरब डॉलर पर स्थिर रहा।

लाइफटाइम हाई के करीब पहुंचा Forex reserves, 1.68 अरब डॉलर बढ़कर हुआ 423.55 अरब डॉलर

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से विशेष आहरण अधिकार 61 लाख डॉलर बढ़कर 1.44 अरब डॉलर हो गया।

मोदी सरकार बनने के बाद पहली बार विदेशी मुद्रा भंडार में आया उछाल, 1.8 अरब डॉलर बढ़कर हुआ 421.8 अरब डॉलर

डॉलर में व्यक्त किए जाने वाले विदेशी मुद्रा संपत्ति पर भंडार में मौजूद गैर-अमेरिकी मुद्रा जैसे यूरो, पौंड और येन में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव पड़ता है।

विदेशी मुद्रा भंडार में आई 2.05 अरब डॉलर की कमी, घटकर रह गया 417.99 अरब डॉलर

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश के स्वर्ण भंडार में कोई बदलाव नहीं आया और यह 23.021 अरब डॉलर के स्तर पर स्थिर बना रहा।

चुनाव नतीजों से पहले मोदी सरकार के लिए आई खुशखबरी, फॉरेक्‍स रिजर्व बढ़कर हुआ 420.05 अरब डॉलर

उल्लेखनीय है कि 13 अप्रैल 2018 को विदेशी मुद्रा भंडार ने 426.028 अरब डॉलर का सर्वकालिक ऊंचा स्तर छूकर एक रिकॉर्ड बनाया था।

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी लगातार है जारी, 406.66 अरब डॉलर पर पहुंचा

देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 13 अप्रैल, 2018 को समाप्त सप्ताह में 426.02 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद से इसमें काफी गिरावट आई है।

देश के फॉरेक्‍स रिजर्व में आया 3.6 अरब डॉलर का उछाल, कुल 405.6 अरब डॉलर पर पहुंचा भंडार

देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 13 अप्रैल, 2018 को समाप्त सप्ताह में 426.02 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद से इसमें काफी गिरावट आई है।

विदेशी मुद्रा भंडार ने एक बार फ‍िर पार किया 400 अरब का आंकड़ा पार, 2.599 अरब डॉलर की हुई वृद्धि

इससे पिछले सप्ताह के दौरान मुद्रा भंडार में 94.47 करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई थी और यह 399.217 अरब डॉलर हो गया था।

देश के विदेशी मुद्राभंडार में हुई 94.4 करोड़ डॉलर की वृद्धि, बढ़कर हुआ 399.21 अरब डॉलर

डॉलर में अभिव्यक्त किए जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियां, मुद्राभंडार में रखे यूरो, पौंड और जापानी येन जैसे गैर-अमेरिकी मुद्राओं की मूल्यवृद्धि और मूल्यह्रास के प्रभावों को भी समाहित करता है।

देश का विदेशी मुद्राभंडार 15 करोड़ डॉलर बढ़ा, पहुंचा 398.3 अरब डॉलर के स्‍तर पर

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 13 अप्रैल, 2018 को समाप्त सप्ताह में 426.028 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छू गया था लेकिन तब से इसमें कुल मिला कर काफी गिरावट आई है।

भारत पर बढ़ा निवेशकों का भरोसा, देश का विदेशी मुद्राभंडार 2.06 अरब डॉलर बढ़कर 400.24 अरब डॉलर हुआ

केंद्रीय बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में देश का आरक्षित स्वर्ण भंडार 76.49 करोड़ डॉलर बढ़कर 22.686 अरब डॉलर हो गया।

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में हुई वृद्धि, 11.64 करोड़ डॉलर बढ़कर हुआ 393.404 अरब डॉलर

विदेशी मुद्रा भंडार 13 अप्रैल, 2018 को समाप्त तिमाही में 426.028 अरब डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था। उसके बाद से ही इसमें लगातार कमी दर्ज की जा रही थी।

2018 खत्‍म होने से पहले आई खुशखबरी, विदेशी मुद्रा भंडार 16.72 करोड़ डॉलर बढ़कर 393.28 अरब डॉलर पर पहुंचा

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 21 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 16.72 करोड़ डॉलर बढ़कर 393.28 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो 27,536.6 अरब रुपए के बराबर है।

विदेशी मुद्रा भंडार 61.39 करोड़ डॉलर घटा, आया 393.12 अरब डॉलर के स्‍तर पर

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में 61.39 करोड़ डॉलर घटकर 393.12 अरब डॉलर पर आ गया, जो 28,156.9 अरब रुपए के बराबर है।

5 राज्‍यों के चुनाव परिणामों से पहले आई खुशखबरी, देश के फॉरेक्‍स रिजर्व में हुई 93.28 करोड़ डॉलर की वृद्धि

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान 93.28 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ 393.718 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

देश के विदेशी पूंजी भंडार में आई 79.50 करोड़ डॉलर की कमी, घटकर रह गया 392.78 अरब डॉलर

देश का विदेशी पूंजी भंडार 23 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 79.50 करोड़ डॉलर घटकर 392.78 अरब डॉलर रह गया, जो 28,015.2 अरब रुपए के बराबर है।

Lot Size क्या है?

शेयर बाजार में, लॉट साइज एक लेनदेन में आपके द्वारा खरीदे गए शेयरों की संख्या को दर्शाता है। ऑप्शंस ट्रेडिंग में, लॉट साइज एक डेरिवेटिव सिक्योरिटी में निहित अनुबंधों की कुल संख्या का प्रतिनिधित्व करता है। लॉट साइज का सिद्धांत वित्तीय बाजारों को मूल्य उद्धरणों को विनियमित करने की अनुमति देता है। यह मूल रूप से उस व्यापार के आकार को संदर्भित करता है जो आप वित्तीय बाजार में करते हैं। कीमतों के नियमन के साथ, निवेशक हमेशा इस बात से अवगत होते हैं कि वे एक व्यक्तिगत अनुबंध (Individual Contract) की कितनी इकाइयाँ खरीद रहे हैं और आसानी से यह आकलन कर सकते हैं कि वे प्रत्येक इकाई के लिए कितनी कीमत चुका रहे हैं।

यदि कोई Lot Size परिभाषित नहीं किया गया है, तो कीमत का कोई मानकीकरण नहीं होगा और Option Contract का मूल्यांकन और व्यापार भारी और खपत वाला होगा। उत्पादन का एक छोटा सा हिस्सा कई दुबला विनिर्माण रणनीतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सूची (List) और विकास (Development) सीधे लॉट आकार को प्रभावित करते हैं। अन्य कारक भी हैं, जो कम स्पष्ट हैं लेकिन समान रूप से आवश्यक हैं।

Lot Size क्या है?

एक छोटा लॉट आकार प्रणाली में परिवर्तनशीलता में कमी का कारण बनता है और सुचारू उत्पादन सुनिश्चित करता है। यह गुणवत्ता को फॉरेक्स में बार क्या है? बढ़ाता है, शेड्यूलिंग को सरल करता है, इन्वेंट्री को कम करता है और निरंतर सुधार को प्रोत्साहित करता है। डेरिवेटिव बाजार में, वायदा और विकल्प अनुबंधों का लॉट आकार समय-समय पर स्टॉक एक्सचेंज द्वारा निर्धारित किया जाता है। किसी दिए गए Underlying के लिए विभिन्न F&O Contract का लॉट साइज हमेशा समान होता है।

फॉरेक्स लॉट साइज क्या है? [What is Forex Lot size? In Hindi]

एक विदेशी मुद्रा व्यापारी आमतौर पर एक विशिष्ट इकाई के रूप में मुद्रा खरीदता या बेचता है जिसे लॉट कहा जाता है। तो हम कह सकते हैं कि 'लॉट' विदेशी मुद्रा में व्यापार की इकाई है।

एक विदेशी मुद्रा व्यापारी के रूप में, जब आप एक विदेशी मुद्रा मंच पर एक आदेश देते हैं, तो उस आदेश को लॉट में उद्धृत आकार में रखा जाता है।

फॉरेक्स में चार तरह के लॉट होते हैं। मानक लॉट में मुद्रा की 100,000 इकाइयाँ होती हैं। Iron Condor क्या है?

एक मिनी लॉट मुद्रा जोड़ी में आधार मुद्रा की 10,000 इकाइयों के बराबर होता है और मानक लॉट आकार की तुलना में मात्रा में दसवां हिस्सा होता है।

जब कोई निवेशक एक मिनी लॉट का व्यापार करता है, तो वह currency pair की संबंधित आधार मुद्रा की 10,000 इकाइयां खरीद या बेचेगा। उदाहरण के लिए, GBP/USD currency pair में, जब कोई निवेशक एक मिनी लॉट में ट्रेड करता है, तो वह 10,000 GBP खरीदता या बेचता है।

एक विदेशी मुद्रा व्यापार में, आधार मुद्रा की 1,000 इकाइयाँ एक माइक्रो लॉट के बराबर होती हैं। आधार मुद्रा एक currency pair में पहली मुद्रा को इंगित करती है, और यह वह मुद्रा है जिसे एक व्यापारी विदेशी मुद्रा बाजार में खरीदता या बेचता है। माइक्रो-लॉट बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि वे व्यापारियों को जोखिम को कम करने के लिए छोटे वेतन वृद्धि में व्यापार करने की अनुमति देते हैं।

जब कोई व्यापारी माइक्रो लॉट के लिए ऑर्डर निष्पादित (Order Execute) करता है, तो इसका मतलब है कि वह currency pair की आधार मुद्रा की 1,000 इकाइयां खरीदेगा या बेचेगा। उदाहरण के लिए, USD/GBP Pair में, एक माइक्रो लॉट ऑर्डर 1,000 USD खरीदेगा या बेचेगा।

नैनो लॉट माइक्रो लॉट का दसवां हिस्सा होता है और इसमें मुद्रा जोड़ी की आधार मुद्रा की 100 इकाइयां शामिल होती हैं।

उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यापारी माइक्रो लॉट के लिए ऑर्डर निष्पादित करता है, तो वह उस मुद्रा जोड़ी की आधार मुद्रा की 100 इकाइयां खरीद या बेचेगा।

यह शुरुआती लोगों के लिए आसान है। क्योंकि यह पूंजी के जोखिम को कम करता है और शुरुआती लोग माइक्रो-लॉट में व्यापार कर सकते हैं और समय के साथ अपनी रणनीतियों और पोर्टफोलियो में सुधार कर सकते हैं।

अब जब आप लॉट साइज और उनके अंतर के बारे में समझ गए हैं। आइए कुछ ऐसे सवालों के जवाब दें जो हमसे सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं।

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