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सिक्का बाजार

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Image Credit From hindi.krishijagran लोगो को पुराने सिक्के जमा करने का बहुत शौक होता है. आपको बता दे जैसे जैसे समय बीतता जा रहा वैसे वैसे पुराने सिक्कों की कीमत भी बढ़ रही है. अगर आपके पास पुराने पुराने सिक्के (old coins) है तो आप उनको बेच कर बेचकर मिनटों में लखपति बन सकते हैं. आज हम आपको पुराने सिक्कों की कीमत के बारें में बताने जा रहे है. जिसकी कीमत बाजार में 3.75 लाख रुपए तक है.

बाजार में आएगा 20 रुपये का सिक्का, जानिए इससे जुड़ी 10 खास बातें

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। 20 रुपये की नोट के बाद अब जल्द ही आपके हाथों में 20 रुपये का सिक्का आने वाला है। वित्त मंत्रालय ने इस सिक्कों की घोषणा करते हुए जानकारी दी कि जल्द ही ये सिक्के बाजार में आने वाले हैं। वित्त मंत्रालय द्वारा इन सिक्कों को लेकर नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है। आपको बता दें इससे पहले साल 2009 में सरकार द्वारा 10 रुपये का सिक्का जारी किया गया था।

जानिए 20 रुपये के सिक्के से जुड़ी 10 खास बातें
1.
इस सिक्के को तांबा, जस्ता और निकल धातु को मिलाकर बनाया जा रहा है।
2. इस सिक्के का साइज 27 एमएम होगा।
3. सिक्के के आगे वाले हिस्से में अशोक स्तम्भ का सिंह होगा।
4. सिक्के के इसी हिस्से में अशोक स्तम्भ के नीचे 'सत्यमेव जयते' लिखा होगा।
5. इसके साथ ही सिक्के में एक ओर (बायीं) 'भारत'।
6. हिन्दी में भारत लिखे होने के साथ-साथ उसके दूसरी ओर (बायीं) 'INDIA' लिखा होगा।
7. सिक्के के दूसरे हिस्से में 20 को अंतरराष्ट्रीय अंकों में लिखा गया है।
8. इसके अलावा सिक्के पर आपको रुपये का सिम्बल भी दिखेगा।
9. इसके साथ ही आपको सिक्के पर अनाज का डिजाइन भी नजर आएगा।
10. इस सिक्के का वजन कितना होगा अभी तक इसकी कोई भी जानकारी नहीं मिली है।

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1 रुपए के पुराने (1 Rupee Coin) सिक्के से आप बन सकते हैं लखपति

1 Rupee Coin

Image Credit From hindi.krishijagran लोगो को पुराने सिक्के जमा करने का बहुत शौक होता है. आपको बता दे जैसे जैसे समय बीतता जा रहा वैसे वैसे पुराने सिक्कों की कीमत भी बढ़ रही है. अगर आपके पास पुराने पुराने सिक्के (old coins) है तो आप उनको बेच कर बेचकर मिनटों में लखपति बन सकते हैं. आज हम आपको पुराने सिक्कों की कीमत के बारें में बताने जा रहे है. जिसकी कीमत बाजार में 3.75 लाख रुपए तक है.

एक रुपये का पुराना सिक्का (One Rupee Old Coins)
एक रुपए का सिक्का आपको लखपति बाना सकता है. यह पुराना सिक्का 1942 में जारी किया गया था. इस सिक्के पर ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज छठे किंग (British Emperor George VI King) की तस्वीर छपी है. यह सिक्का आपको 3.75 लाख रुपए तक दिला सकता है. आपको बता दे इस तरह का सिक्का कुछ महीने पहले लगभग 10 लाख रुपए तक का नीलाम किया गया था. जिनको लोगो को सिक्कों का कलेक्शन करने का शौक होता है वे कुछ भी कीमत देने को तैयार हो जाते है.

कहा बेचें अपने पुराने सिक्के (Sell ​​your old coins like this)
अगर आपके पास भी यह पुराने जमाने का पुराना सिक्का है, जिस पर अंग्रेजी और उर्दू में एक रुपये इंडिया 1972 लिखा और दूसरी और ​ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज षष्ठम (George VI King Emperor) की पुरानी तस्वीर छपी है, तो आप इसे सरलता से ऑनलाइन साइड ई कॉमर्स वेबसाइट OLX (https://www.olx.in/) पर सरलता से बेच सकते हैं. इस सिक्के को बेचने के लिए आपको सबसे पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म olx पर सेलर के तौर पर रजिस्टर करना होगा. इसके बाद आप साइट के दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और आगे की प्रक्रिया को पूरा करें.

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अन्य वेबसाइट पर भी बेचें सिक्के (Coins sold on other websites also)
ऑनलाइन बाजार में ऐसी कई वेबसाइट हैं, जो लोगों की जरूरत के हिसाब से पुराने सिक्के व नोटों को बेचती है. इन्हीं वेबसाइट में से quicker, ebay, indian coin mill,Indiamart और CoinBazar कुछ बेहतरीन साइट के नाम हैं, जो ऑनलाइन बाजार में सिक्के खरीदने के लिए बेहद लोकप्रिय है.

इस्तीफे के बाद विशाल सिक्का और Infosys की सिक्का बाजार प्रेस कांफ्रेंस, कहा लड़ाई बोर्ड vs फाउंडर

देश की दूसरी सबसे बड़ी IT कंपनी इंफोसिस के CEO-MD पद से विशाल सिक्का ने इस्तीफा दे दिया है. विशाल की जगह प्रवीण राव को अंतरिम CEO-MD बनाया गया है. इसके साथ की विशाल सिक्का को कंपनी के एक्जिक्यूटिव वाइस-चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया गया है.

विशाल सिक्का ने दिया इस्तीफा, नारायणमूर्ति से विवाद

मोहित ग्रोवर/रोहिणी स्‍वामी/देविना गुप्ता/राहुल मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 18 अगस्त 2017,
  • (अपडेटेड 18 अगस्त 2017, 3:07 PM IST)

देश की दूसरी सबसे बड़ी IT कंपनी इंफोसिस के CEO-MD पद से विशाल सिक्का ने इस्तीफा दे दिया है. विशाल की जगह प्रवीण राव को अंतरिम CEO-MD बनाया गया है. इसके साथ की विशाल सिक्का को कंपनी के एक्जिक्यूटिव वाइस-चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया गया है.

गौरतलब है कि विशाल सिक्का का इस्तीफा कंपनी की पोर्ड मीटिंग से ठीक एक दिन पहले आया. इस बोर्ड मीटिंग में इंफोसिस को कंपनी के शेयर्स बायबैक पर अहम फैसला करना था. इस्तीफे की खबर आते ही भारतीय शेयर बाजार पर कंपनी के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली.

कंपनी के शेयर 7.49% फीसदी लुढ़ककर 965 रुपये पर पहुंच गए. वहीं इस खबर के असर से प्रमुख सेंस्टिव इंडेक्स सेंसेक्स 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 185 अंक नीचे चला गया.

इंफोसिस और सिक्का की प्रेस कांफ्रेस

सिक्का के इस्तीफे के बाद इंफोसिस की प्रेस कांफ्रेस करते हुए बताया कि विशाल सिक्का ने 3 महीने तक कंपनी को अपनी सेवाएं बतौर एक्जिक्यूटिव वाइस चेयरमैन की रजामंदी दी है. इस दौरान इंफोसिस मैनेजमेंट उनकी जगह पर उपयुक्त व्यक्ति की तलाश करेगी. कंपनी की इस प्रेस कॉंफ्रेंस में खुद विशाल सिक्का ने कैलिफॉर्निया से वीडियो लाइव के जरिए शिरकत की.

इंफोसिस की तरफ से बाजार नियामक सेबी को दी गई जानकारी के मुताबिक उनकी जगह पर प्रवीण राव को नियुक्त किया गया है.

इंफोसिस के इस विवाद की जड़ में पूर्व चीफ फाइनेंनशियल ऑफिसर राजीव बंसल को दिया गया हर्जाना भत्ता है. बंसल को कंपनी ने 24 महीने की सैलरी कंपनी छोड़ते वक्त दी थी. इस रकम पर सेबी ने सवाल उठाया था जिसके बाद नारायण मूर्ति समेत अन्य फाउंडर्स ने विशाल सिक्का समेत कुछ शीर्ष अधिकारियों को कंपनी से मिल रही सैलरी और हर्जाने पर सवाल खड़ा कर इंफोसिस बोर्ड के सामने सवाल खड़ा कर दिया था.

इंफोसिस के विवाद पर भारत पर असर

इंफोसिस के मौजूदा बोर्ड और फाउंडर्स में यह विवाद ऐसे वक्त में देखने को मिल रहा है जब देश का पूरा सॉफ्टवेयर सर्विस सेक्टर मंदी के संकेत दे रहा है. वहीं अमेरिका में इमीग्रेशन नीति में संभावित बदलाव के खतरे देश की आईटी कंपनियों के सामने है. जानकारों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से यदि भारतीय कंपनियां अमेरिका में पर्याप्त वर्कर्स नहीं भेज पाती तो वहां सर्विस देना भारतीय कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगी. वहीं सिक्का के कार्यकाल में इंफोसिस ने कंपनी की निर्भरता ऑटोमेशन और आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ा दी है क्योंकि उसे क्लाइंट द्वारा खर्चों में कमी की उम्मीद है.

इससे पहले फाउंडर्स और कंपनी बोर्ड के विवाद को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को इंफोसिस ने कहा था कि उसने नारायण मूर्ति और अन्य फाउंडर्स से संवाद के लिए लॉ फर्म की सेवाएं ली है जिससे फाउंडर्स और कंपनी के बीच सभी संवाद पूरी पारदर्शिता के साथ सामने रखे जा सकें. बहरहाल, अब मूर्ति के बयान से साफ था कि उन्होंने बोर्ड और फाउंडर्स के बीच मची जंग को शांत करने की कवायद की थी.

क्या कोई पुराना सिक्का आपको बना सकता है करोड़पति, जानिये किन खासियतों पर मिलती है ऊंची कीमत

इस साल 1933 में जारी हुआ अमेरिका का आधिकारिक रूप से जारी हुआ आखिरी सोने का सिक्का करीब 2 करोड़ डॉलर में बिका था.

क्या कोई पुराना सिक्का आपको बना सकता है करोड़पति, जानिये किन खासियतों पर मिलती है ऊंची कीमत

अक्सर हम ऐसी खबरें पढ़ते हैं जिसमें सिक्का बाजार कहा जाता है कि आपके पास रखा कोई पुराना सिक्का आपको लखपति या करोड़पति बना सकता है. और शायद आप तुरंत अपने घर में रखे बेहद पुराने सिक्के और नोट पर नजर दौड़ाने लग जाते होंगे. लेकिन आपके बता दें कि हर पुराना सिक्का आपको मालामाल नही करता.कई बार उनकी कीमत आपके अनुमानों से भी काफी कम निकलती है. ऐसे में हम आपको आज उदाहरण के साथ बता रहे हैं कि किस तरह के सिक्कों के लिये पुराने सिक्कों के शौकीन ऊंची कीमत देने को तैयार होते हैं

किसी बड़े बदलाव या घटना से सिक्का बाजार जुड़े दुर्लभ सिक्के, नोट

इस साल जून में एक सिक्का पूरी दुनिया की खबरों में छा गया था. दरअसल ये सिक्का एक ऑक्शन में करीब 2 करोड़ डॉलर में बिका था. ये सिक्का डबल ईगल अमेरिका में आधिकारिक रूप से जारी हुआ आखिरी सोने का सिक्का था, जो 1933 मे जारी हुआ था, चलन में आने से पहले सरकार ने इनके सार्वजनिक इस्तेमाल के खिलाफ फैसला लिया और इन सभी सिक्कों को हटा लिया गया, हालांकि कुछ सिक्के बच गये और आज इनकी कीमत करोड़ों में है, इनवेस्टर ऐसे किसी सिक्के या नोट को लेकर ज्यादा उत्सुक रहते हैं जिसे किसी बड़े बदलाव के सबूत की तरह प्रदर्शित किया जा सके, या उन्हे किसी घटना या बदलाव से जोड़ा जा सके साथ ही उनकी संख्या बेहद कम भी हो.

किसी गलत छपाई वाला नोट/सिक्का

इस साल जनवरी में एक ऑक्शन के दौरान 20 डॉलर के एक नोट की कीमत 57 हजार डॉलर से भी ऊपर पहुंच गयी थी. दरअसल छपाई के दौरान गलती से कागज पर एक स्टीकर गिर गया था और वो भी नोट पर प्रिंट हो गया. बाद में एक स्टूडेंट को ये नोट एटीएम से मिला था. छपाई सिक्का बाजार के दौरान ऐसी गलती वाले नोट को obstructed error notes कहते हैं. ये नोट इसलिये दुर्लभ होते हैं क्योंकि गलती होने पर उस नोट या सिक्के को नष्ट कर दिया जाता है, हालांकि फिर भी ऐसे सिक्के और नोट किसी भूल की वजह से चलन में आ जाते हैं और मूल्यवान हो जाते हैं. इसमें गलत कटाई, गलत छपाई, रंगों में बदलाव जैसी बाते शामिल होती हैं. कीमत इस बात पर तय होती है कि उस नोट पर होने वाली भूल कितनी बड़ी है.

किसी खास शख्स से जुड़ा दुर्लभ सिक्का

1933 में छपे गवर्नर जे डब्लू कैली के हस्ताक्षर वाले एक रुपये और 1943 में जारी सी डी देशमुख के हस्ताक्षर वाले 10 रुपये के नोट के लिये लोग ऊंची कीमत देने को तैयार हैं। बेहद कम समय के लिये बने अधिकारी के हस्ताक्षर या राजा के द्वारा जारी किये गये सिक्के जिन्होने आगे कोई अहम काम किया हो कीमती और दुर्लभ की श्रेणी में आ सकते हैं

क्या है सबसे अहम बात

दुलर्भ सिक्कों की कीमत डिमांड और सप्लाई पर सीधे तौर पर निर्भर होती है. और डिमांड बाजार की स्थिति. देश के कानून, सिक्कों की दुर्लभता, सिक्के और नोटों की स्थिति, जैसी कई बातों पर निर्भर करती है. भारत सहित कई देश दुलर्भ वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हैं. हर देश में दुलर्भ वस्तुओं की एक तय परिभाषा होती. गंभीर निवेशक इन सभी बातों पर ध्यान देते हैं. ऐसे में अगर आपको भी लगता है कि आपके पास कोई दुलर्भ सिक्का या नोट है तो पहले किसी सिक्कों के इतिहास के जानकार से उसकी जांच करायें और आगे के बारे में उनसे राय लें.

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