ट्रेडिंग प्लेटफार्मों

विदेशी खाते

विदेशी खाते
महाठग सुकेश ने चिट्ठी में लिखा है कि अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि ऐसा अंतरराष्ट्रीय प्रमोशन हो, जैसा अब तक किसी और ने नहीं किया। उसने आरोप लगाया है कि पहले पूरी रकम अमेरिकी बैंक खाते में डालने के लिए कहा गया। बाद में सत्येंद्र जैन ने इसे कैश में देने के लिए कहा। उसने सवाल पूछा है विदेशी खाते कि आपने मेरे माध्यम से ब्लैकमनी को व्हाइट बनाकर पेमेंट क्यों किया? सुकेश ने अपनी नई चिट्ठी में सभी आरोपों की जांच के लिए लाइव पॉलीग्राफ टेस्ट की चुनौती भी केजरीवाल और जैन को दी है। उसने फिर लिखा है कि आरोपों के सबूत देने को तैयार है। सुकेश ने चिट्ठी में ये भी लिखा है कि केजरीवाल जी को याद होगा कि उन्होंने मुझे वाट्सएप पर पटेक फिलिप Patek Filippe और कार्टियर पैंथर वीमेंस एडिशन Cartier Panther Womens Edition घड़ियां लाने के लिए कहा। घड़ियों के स्ट्रैप को ब्लैक से ब्लू कराने के लिए कहा। जिसके लिए घड़ियों को चार्टर्ड प्लेन से दुबई भेजा गया।

.

कतर विश्व कपः 'सुधार नहीं पीआर'

कतर में विवादास्पद फुटबॉल विश्व कप मुकाबलों के शुरू होने में दो सप्ताह से भी कम का समय रह गया है. लेकिन इस अमीरात राज्य में मानवाधिकारों की स्थिति अभी भी दयनीय मानी जाती है.

आसमान साफ चमकता नीला है, दूर दूर तक बादलों के निशान नहीं. करीब 35 डिग्री सेल्सियस की गर्मी हवा को तपा रही है. दोहा के अल-साद जिले की तंग सड़कों पर असंख्य कारें एक दूसरे से चिपकती हुई खिसक रही हैं. उमस है और कारों और इमारतों में एयर कंडिश्निग फुल स्पीड में चल रहे हैं. एक चौराहे पर कुछ मजदूरों ने धूप से बचने के लिए अपने सिरों और चेहरों पर स्कार्फ ओढ़ लिए हैं. कुछ लोग छोटा सा ब्रेक लेकर छाया में जाकर बैठ गए हैं. 20 नवंबर को विश्व कप का आगाज हो रहा है, और दोहा एक विशाल निर्माण स्थल की तरह दिखता है.

मरुस्थलीय देश की राजधानी में सड़कों पर कोलतार बिछाया जा रहा है, इमारतों को संवारा जा रहा है और फुटपाथ पर पत्थर लग रहे हैं. छोटे से देश कतर में शुरुआती टीमों, अधिकारियों और प्रशंसकों के आने से पहले निर्माण कार्य पूरा करना जरूरी है. लेकिन समय कम है. 2022 के फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी कतर को सौंपे हुए फीफा को 12 साल हुए. फुटबॉल की इस आधिकारिक संस्था के इतिहास में, मेजबानी को लेकर शायद ये सबसे ज्यादा विवादास्पद फैसला था.

'हर मौत बड़ी है'

कतर में प्रवासी मजदूरों के हालात की भी हाल के वर्षों में खासी कड़ी आलोचना हुई है. बेशुमार पत्रकारों और गैर सरकारी संगठनों ने कतर का दौरा किया है. और शेल्टरों और निर्माण स्थलों पर जीवनयापन के कभी कभी नारकीय हालात दर्ज किए हैं. डीडब्ल्यू को दिए इंटरव्यू में मैल्कम बिडाली ने बताया कि "मैंने ऐसे शेल्टर देखे हैं जहां 12 लोग एक साथ एक छोटे से कमरे में ठुंसे हुए थे. बेहद दयनीय हाल में था उनका जीना." 29 साल के बिडाली को एक सुरक्षा कंपनी ने दोहा में नौकरी दी थी. उनका काम था सबवे निर्माण ठिकानों की चौकसी जहां से विश्व कप के दर्शक-प्रशंसक स्टेडियमों में आएंगे.

मैल्कम बिडालीतस्वीर: © Private/Amnesty International

असहनीय जीवन के अलावा, बताया जाता है कि हजारों आप्रवासी मजदूरों ने हाल के वर्षों में अपनी जान गंवा दी. हालांकि मौतों की वास्तविक संख्या अलग अलग बताई जाती है. कतर में आप्रवासी मजदूरों के उत्पीड़न को अपने ब्लॉगों के जरिए उजागर करने वाले बिडाली कहते हैं, "हम देखते हैं कि मरने वालों में ज्यादातर 18 से 40 की उम्र के युवा स्वस्थ लोग थे. उनके मृत्यु प्रमाणपत्रों पर भी यही दिखाया गया था कि उनकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी. लेकिन संख्या चाहे कितनी भी ज्यादा विदेशी खाते क्यों न हो, एक एक मौत बहुत भारी है बहुत ज्यादा है."

'ना के बराबर कोशिश'

लंबे समय तक, कतर की आलोचना और विश्व कप की मेजबानी को फीफा और विदेशी खाते कतर सरकार दोनों नजरअंदाज करती आई थी. सुधार रोक दिए गए थे या उनकी गति विदेशी खाते बहुत ही धीमी थी. लेकिन बदलाव होते रहे हैं. मिचालस्की समझाते हैं, "कागज पर तो बहुत कुछ बदल गया है. नियोक्ताओं पर कर्मचारी की पूरी निर्भरता का कफाला सिस्टम आधिकारिक तौर पर खत्म किया जा चुका है. लेकिन इस सिस्टम के कुछ हिस्से अभी भी अमल में हैं. अपेक्षा के हिसाब से सुधार लागू ही नहीं किए गए. जो कुछ हुआ है वो बहुत कम है और उसमें भी बहुत देर कर दी गई है."

नेपाल में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगनठ (आईएलओ) में नेपाल की ट्रेड यूनियन फेडरेशन की एक प्रतिनिधि बिंदा विदेशी खाते पांडे के मुताबिक सुधार दिखते हैं, लेकिन वे नाकाफी हैं. पांडे मानती हैं कि करीब पांच लाख लोग नेपाल से प्रवासी मजदूर के रूप में कतर गए हैं. वो कहती हैं, "कुछ बड़ी कंपनियां और कुछ सरकारी कंपनियां नये श्रम कानूनों का पालन कर रही हैं. लेकिन छोटे और मंझौले उद्यम नहीं करते हैं. वेतन अब बैंक खाते में जाता है और कतर बड़ी संख्या में लेबर इंस्पेक्टरों को ट्रेनिंग दे रहा है."

बस्तर के पर्यटन उद्योग को लगे पंख: कभी गूंजती थी गोलियों की आवाज, अब पर्यटकों से है रात विदेशी खाते गुलजार

Bastar's tourism industry got wings: बस्तर में नक्सली दहशत कम होने के बाद बस्तर के पर्यटन उद्योग को पंख लग गए हैं। कोरोना काल के बाद सम्भवत: यह विदेशी खाते पहला अवसर है जब बड़ी संख्या में सैलानी न सिर्फ बस्तर पहुंच रहे बल्कि अंदरूनी इलाकों बिना सुरक्षा के रात में बेखौफ होकर कैम्प फायर भी कर रहे हैं।

Published: November 17, 2022 01:04:32 pm

Bastar's tourism industry got wings: बस्तर में नक्सली दहशत कम होने के बाद बस्तर के पर्यटन उद्योग को पंख लग गए हैं। कोरोना काल के बाद सम्भवत: यह पहला अवसर है जब बड़ी संख्या में सैलानी न सिर्फ बस्तर पहुंच रहे बल्कि अंदरूनी इलाकों बिना सुरक्षा के रात में बेखौफ होकर कैम्प फायर भी कर रहे हैं, इनमें से कई वे इलाके भी है जो कि धुर नक्सलगढ़ माने जाते थे। बता दें कि कभी यहां नक्सलियों की गोली की आवाज गूजती रहती थी। लेकिन अब वहां शांति है और इलाका पर्यटकों से गुलज़ार है।

भागलपुर: नवगछिया जगतपुर झील में आने लगे विदेशी पक्षी, वन विभाग अलर्ट

Bhagalpur: जिले के नवगछिया जगतपुर झील में विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है. हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर इस झील में रूस, मंगोलिया और सेंट्रल एशियन सहित कई देशों से पक्षी पहुंचते हैं. ये पक्षी यहां कई महीनों तक रहते हैं. गर्मी शुरू से होने से पहले फिर वापस लौट जाते हैं. बताया जाता है कि यहां पर 300 से अधिक प्रजातियों की पक्षी पहुंचते हैं. यहां झील के आसपास प्रवास करते हैं. पक्षियों के आते ही यहां लोगों की चहल-पहल बढ़ जाती है. पर्यावरणविद भी यहां आकर इन पक्षियों का अध्ययन करते हैं. उसकी तस्वीरें लेते हैं. इस झील में नॉर्दर्न सोभलर, गडवाल डक, कॉमन पोचार्ड, कॉमन डक, कॉमन टिल, पिनटेल डक और लालसर सहित कई विदेशी पक्षी पहुंचते हैं.

Conman Sukesh On Kejriwal: महाठग सुकेश विदेशी खाते ने फिर फोड़ा केजरीवाल पर लेटर बम, विदेशी अखबारों में प्रचार के लिए 8.50 लाख डॉलर खर्च करने का लगाया आरोप

सुकेश ने चिट्ठी में ये भी लिखा है कि केजरीवाल विदेशी खाते जी को याद होगा कि उन्होंने मुझे वाट्सएप पर पटेक फिलिप Patek Filippe और कार्टियर पैंथर वीमेंस एडिशन Cartier Panther Womens Edition घड़ियां लाने के लिए कहा। इनके स्ट्रैप को ब्लैक से ब्लू कराने के लिए कहा। जिसके लिए घड़ियों को चार्टर्ड प्लेन से दुबई भेजा गया।

November 12, 2022

kejriwal and conman sukesh chandrashekhar

नई दिल्ली। दिल्ली की जेल में कैद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने सीएम अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री सत्येंद्र जैन पर नया लेटर बम फोड़ा है। इस लेटर बम में सुकेश ने अमेरिकी अखबारों में दिल्ली सरकार के प्रचार के लिए 8 लाख डॉलर से ज्यादा कमीशन देने का आरोप केजरीवाल पर लगाया है। उसने अपने दावों की परख के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की चुनौती भी दी है। जानकारी के मुताबिक अपनी पांचवीं चिट्ठी में सुकेश ने लिखा है कि अगर मैं महाठग हूं, तो आपने मुझे दिल्ली सरकार के स्कूलों के प्रमोशन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीआर अरेंज करने को क्यों विदेशी खाते बोला? उसका दावा है कि वॉशिंगटन पोस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स में विज्ञापन के लिए 850000 डॉलर का कमीशन दिया गया।

बस्तर के पर्यटन उद्योग को लगे पंख: कभी गूंजती थी गोलियों की आवाज, अब पर्यटकों से है रात गुलजार

Bastar's tourism industry got wings: बस्तर में विदेशी खाते नक्सली दहशत कम होने के बाद बस्तर के पर्यटन उद्योग को पंख लग गए हैं। कोरोना काल के बाद सम्भवत: यह पहला अवसर है जब बड़ी संख्या में सैलानी न सिर्फ बस्तर पहुंच रहे बल्कि अंदरूनी इलाकों बिना सुरक्षा के रात में बेखौफ होकर कैम्प फायर भी कर रहे हैं।

Published: November 17, 2022 01:04:32 pm

Bastar's tourism industry got wings: बस्तर में नक्सली दहशत कम होने के बाद बस्तर के पर्यटन उद्योग को पंख लग गए हैं। कोरोना काल के बाद सम्भवत: यह पहला अवसर है जब बड़ी संख्या में सैलानी न सिर्फ बस्तर पहुंच रहे बल्कि अंदरूनी इलाकों बिना सुरक्षा के रात में बेखौफ होकर कैम्प फायर भी कर रहे हैं, इनमें से कई वे इलाके भी है जो कि धुर नक्सलगढ़ माने जाते थे। बता दें कि कभी यहां नक्सलियों की गोली की आवाज गूजती रहती थी। लेकिन अब वहां शांति है और इलाका पर्यटकों से गुलज़ार है।

रेटिंग: 4.49
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 457
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *