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म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा?

म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा?
Minor के नाम पर पेेरेंट्स म्‍यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद अडल्‍ट में म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? चेंज कराया जा सकता है। (Photo By Financial Express)

म्यूच्यूअल फंड में कौन सा तरीका सही – एकमुश्त निवेश या एस आए पी (सिप)?

क्या आप म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के लिए तैयार हैं? अगर आपका जवाब हाँ हैं तो क्या आपने क्निश्चित कर लिया म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? हैं की आप किस तरह अपना पैसा म्यूच्यूअल फंड में निवेश करेंगे – एकमुश्त (लम्प सम ) या फिर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) में करेंगे?

अगर आप इसी सवाल में उलझ रहे हैं यह समझ ले की यह दोनों सिर्फ रिटर्न की दृष्टि से अलग नहीं हैं बल्कि पैसे इन्वेस्ट या निवेश करने के तरीके से भी काफी अलग हैं |

लेकिन एक बात समझ ली जिये अगर आप एकमुश्त (लम्प सम) इन्वेस्टमेंट करना चाह रहे हैं तो आप के पास एक बार में इन्वेस्ट’करने के लिए बहुत पैसा होना ज़रूरी हैं | और आप सिप का रूट तब ले सकते हैं जब आप जानते हैं की आप हर महीने एक निश्चित रकम इन्वेस्ट कर सकते हैं | चलिए इन दोनों इन्वेस्टमेंट प्लान को और नज़दीक के समझ लेते हैं |

सिप (SIP) क्या हैं

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP में आपके चुने गए समय अंतराल पर आपके अकाउंट से एक निश्चित राशि निकल कर आपके चुने हुए मुटुआल फंड में इन्वेस्ट किया जाता हैं |

बस इतना समझ ले की यहाँ आपका इन्वेस्टमेंट अमाउंट को कई किश्तों में बाट दिया जाता हैं| इससे आप की सिर्फ नकदी संकट से बच सकते हैं बल्कि आप अचानक मार्किट क्रैश होने के कारण जो रिस्क होता हैं, आप उससे भी बच जाते हैं | अब आप पूछेंगे कैसे? तो जवाब सरल हैं – क्योंकि SIP में आप अपना सारा पैसा एक बार में निवेश नहीं करते हैं।

सिप निवेशक को रूपी कॉस्ट एवरेजिंग का फ़ायदा देता हैं, इसलिए बुरी मार्किट कंडीशन में भी यह आप को प्रॉफिट या लाभ देता हैं| सीधे लफ़्ज़ों में SIP आप के इन्वेस्टमेंट प्लान का रिस्क कम करता हैं| और क्या, आप अपने SIP की किश्तको भविष्य में बढ़ा भी सकते हैं|

स्कीम चुनते वक़्त आप अपनी जोखम उठानी क्षमता, रिटर्न की उम्मीद औवित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखे| इस लिए आवश्यक रकम पर विचार करें और फिर इन्वेस्ट करे।

एकमुश्त निवेश क्या हैं

अगर आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेन्ट प्लान कर रहें हैं और आप के पास फंड भी हो तो आप

एकमुश्त निवेश यानी लम्प सम इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं | क्यों की एकमुश्त निवेश आप को शानदार रिटर्न दे सकता है, बशर्ते आपने पैसा लॉन्ग टर्म क लिए इन्वेस्ट किया हो और मार्केट को ठीक से समझ लिया हो। एक बात गाठ बांधले जब मार्केट डाउन हो, उस समय इन्वेस्टमेंट करने से अच्छा रिटर्न मिलने की अपेक्षा होती है।

यदि आप मिड-टर्म रेतुर्न चाहते हैं तो डेट फंड में लम्प सम इन्वेस्टमेंट करना सही रहेगा। अगर आप ज्यादा रिस्क उठाने की चाहत रखते हैं तो इक्विटी म्यूच्यूअल फंड में लम्प सम इन्वेस्टमेंट करना आप के लिए सही होगा |

मार्केट डाउन होने पर और बहुत जल्द रिकवरी की उम्मीद रखने वालो को हमेशा लम्प सम इन्वेस्टमेंट करना म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? चाहिए | लेकिन यदि आप रिटायरमेंट के करीब हैं या सीनियर सिटीजन हैं तो एकमुश्त रकम के साथ एक इक्विटी फंड में कोई बड़ा रिस्क लेने से बचना चाहिए |

SIP में निवेश करने की फायदे एकमुश्त निवेश कीतुलना में

  • SIP नए निवेशकों के लिए बेहतर होता हैं
  • SIP निवेशकों में अनुशासन लता हैं क्यों की आप हर महीने एक नियंत्रित रकम निवेश करते हैं
  • आप को बाजार ट्रैक नहीं करना पढता हैं अगर आप SIP में निवेश करते हैं| यहाँ आप कम पैसा नियंत्रित रूप से निवेश करते हैं, इससे आपकी रिस्क म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? फैक्टर कम हो जाती हैं| एकमुश्त इन्वेस्टमेंट में रिस्क ज्यादा होता हैं और रेतुर्न भी|
  • SIP द्वारा आप नियमित निवेश करते हैं| इसलिए जब बाजार कमज़ोर होता हैं तब आप ज़्यादा म्यूच्यूअल फंड यूनिट् खरीद सकते हैं और जब मजबूत होती है बाजार तब कम|एकमुश्त इन्वेस्टमेंट आप को यह फ़ायदा नहीं मिलता हैं |
  • SIP में इन्वेस्ट करने वालो को मार्किट की अस्थिरता से कम तनाव होती हैं

अब आपको SIP और लम्प सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर हैं और क्या फायदे हैं जान चुके हैं| लेकिन इन दोनों में सेएकसहीऑप्शन चुनने के लिए आप एक्सपर्ट सलाह ले सकते हैं| इन्वेस्टमेंट करते वक़्त म्यूच्यूअल फंड से होने वाली मुनाफ़े पे लगने वाली टैक्स का भी ध्यान रखना चाहिए| इन्वेस्टकरतेवक़्तअपने फाइनैंशल टार्गेट और रिस्क उठाने की चाहत के हिसाब से पैसा निवेश करें| कोई भी निवेश से पहले अपने इन्वेस्टमेंट अडवाइजर से कंसल्ट करे, इसी में बुद्धिमानी है।

डिस्क्लेमर : म्यूच्यूअल फंड निवेस बाज़ार के जोखमों के अधीन है | निवेश करने से पहले पड़ताल करले और अपने फाइनेंसियल अद्विसेर से सलाह लेकर निवेश करें |

SIP Calculator: हर महीने जमा करें 1000 रुपए, घर बैठे मिलेंगे 2 करोड से ज्यादा

छोटी छोटी बचत कर बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आप हर महीने 1000 रुपए म्यूचुअल फंड में सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) में निवेश करते है तो करोड़पति बन सकते हैं। पिछले दो दशक में म्यूचुअल फंड शानदार रिटर्न दे रहा है। कुछ फंड्स 20 फीसदी तक रिटर्न दे रहे है।

SIP Calculator

SIP Calculator: हर इंसान को भविष्य के लिए बचत करनी चाहिए। कुछ लोग छोटी बचत करते है तो कुछेक मोटा रिटर्न चाहते है। इसलिए बैंक और पोस्ट ऑफिस में हर महीने जमा करते है। अगर आप भी कम निवेश पर ज्यादा रिटर्न चाहते है तो म्‍यूचुअल फंड में एसआईपी बेहतरीन विकल्प हो सकता है। बीते कुछ सालों से म्‍यूचुअल फंड काफी पसंद आ रहा है। क्योंकि निवेशकों का निवेश किया हुआ पैसा अच्‍छा बेनिफ‍िट दे रहा है। आप हर महीने 1000 रुपए जमाकर 2 करोड़ से भी ज्यादा रिटर्न पा सकते है। हालांकि इसमें समय ज्यादा देना होता है। आइए जाते है म्‍यूचुअल फंड में एसआईपी में कितना ब्याज मिलता है और कितने समय के लिए जमा करवाना होगा।

बैंक और पोस्ट ऑफिस से ज्यादा रिटर्न
आमतौर पर लोग सुरक्षित निवेश के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस में FD करवाते है। हालांकि इसमें ज्यादा रिटर्न नहीं मिलता है। यदि आप किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस महीने के 1000 रुपए 20 साल तक जमा करवाते है। इस अवधि के दौरान आपके 2.40 लाख रुपए जमा होते है। इतने ही पैसे आप म्यूचुअल फंड में म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? जमा करवाते है तो आप ज्यादा फायदा मिलता है।

हर महीने 1000 का निवेश
सुरक्षित निवेश के साथ ज्यादा मुनाफे के लिए म्यूचुअल फंड में SIP में जमा करवाना चाहिए। कम निवेश की शुरुआत कर आप बड़े लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। आज के समय में 1000 म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? मोटी रकम नहीं है, कोई भी इतने पैसे तो बचा ही सकता है। हर महीने 1000 रुपए म्यूचुअल फंड में सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) में निवेश कर करोड़पति बन सकते हैं। कुछ फंड्स ने 20 फीसदी तक रिटर्न दिया है।

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20 साल में मिलेगा इतना रिटर्न
यदि आप 1000 रुपए महीने 20 साल तक निवेश करते हैं। इस पर 12 फीसदी रिटर्न मिलता है तो आपको 20 साल के बाद कुल 9,99,148 रुपए मिलते है। 20 साल में आपको कुल 2,40,000 रुपए जमा होगा। अगर आपको निवेश पर 15 प्रतिशत रिटर्न मिलता है तो 15 लाख से ज्यादा (15,15,995 रुपए) मिलते है। वहीं 20 फीसदी रिटर्न मिलता है तो 1000 रुपए महीने के निवेश पर 20 साल के बाद आपके 31,61,479 रुपए जमा होते है।

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30 साल बाद 2.33 करोड़
आपको म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? निवेश पर ज्यादा रिटर्न चाहिए तो 30 साल तक 1000 रुपए जमा करवाने होंगे। 1000 रुपए महीने की SIP पर 30 साल के बाद 12 फीसदी रिटर्न के अनुसार 35,29,914 रुपए मिलते है। अगर ब्याज थोड़ा ज्यादा मिलता है, 15% के हिसाब से 70 लाख रुपए मिलते है। हर महीने 1000 रुपए जमा करने पर 20 फीसदी का रिटर्न मिलता है तो फिर 30 के बाद 2,33,60,802 रुपये (2 करोड़ से ज्यादा) मिलेगा। 30 साल में आपके सिर्फ 3 लाख 60 रुपए ही जमा होंगे।

आपके बच्‍चे भी कर सकते हैं म्‍यू‍चुअल फंड में निवेश, जानिए किन डॉक्‍युमेंट्स की होती है जरुरत

18 साल से कम उम्र के बच्चे या नाबालिग अपने माता-पिता या पेरेंट्स की मदद से म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि निवेश बच्चे के नाम पर किया जाएगा, लेकिन इसका प्रतिनिधित्व माता-पिता या अभिभावक द्वारा होगा।

आपके बच्‍चे भी कर सकते हैं म्‍यू‍चुअल फंड में निवेश, जानिए किन डॉक्‍युमेंट्स की होती है जरुरत

Minor के नाम पर पेेरेंट्स म्‍यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद अडल्‍ट में चेंज कराया जा सकता है। (Photo By Financial Express)

बच्चों में बचत, आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने और सोच-समझकर खर्च करने की आदत शुरू से ही डालना काफी जरूरी है। रुपयों को लेकर बच्‍चों से बात करना उतना ही जरूरी है, जितना हेल्‍दी फूड के बारे में बताना। अगर बच्‍चों में रुपयों के प्रबंधन की समझ शुरू से पैदा कर दी जाए तो भविष्‍य में उन्‍हें किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। ऐसे में बच्‍चों में निवेश की समझ भी बचपन से डालने की काफी जरुरत है। अगर बच्‍चों इस बारे में स्‍वाभाविक रूप से बात की जाए तो बेहतर है। ताकि उनमें धीरे-धीरे दिलचस्‍ती बढ़ सके। बच्‍चों में निवेश को लेकर जागरुकता के साथ साथ दि‍लचस्‍पी बढ़ाने का सबसे बेहतर उपाय है म्‍यूचुअल फंड। आइए आपको भी बताते हैं कि आख‍िर बच्‍चे भी म्‍यूचुअल फंड में किस तरह से निवेश कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले बच्चे
आउटलुक मनी से बात करते हुए मास्‍टर कैपि‍टल सर्विसेज की सीनियर वाइस प्रेसीडेंट पलका चोपड़ा बताती हैं कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे या नाबालिग अपने माता-पिता या पेरेंट्स की मदद से म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि निवेश म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? बच्चे के नाम पर किया जाएगा, लेकिन इसका प्रतिनिधित्व माता-पिता या अभिभावक द्वारा होगा। जिन्हें ट्रांजेक्‍शन पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होगी। हालांकि, यह बच्चे के स्वामित्व अधिकारों को हनन नहीं करेगा।

इस प्रक्रिया का पालन तब तक करना होता है जब तक कि बच्चा 18 साल का नहीं हो जाता और उसके बाद उसके खाते के स्‍टेटस एक वयस्क में बदलना पड़ता है। हालांकि, स्‍टेटस अपने आप नहीं बदलता है। उसके लिए आधिकारिक फंड हाउस को संचार माध्‍यम से इस बारे में जानकारी देनी होती है। साथ ही, जब तक खाता अवयस्क की श्रेणी में नहीं आता है, तब तक लाभांश की प्राप्ति या रिडेंप्‍शप से उत्पन्न होने वाले किसी भी टैक्‍स का भुगतान माता-पिता या अभिभावक को करना होगा। नाबालिगों के नाम पर सभी लाभांश या आय को टैक्‍सेशप पर्पस के लिए माता-पिता या नामित अभिभावकों की आय के साथ जोड़ा जाएगा। जबकि बच्चा फंड का मालिक है, उसके पास कोई कानूनी जिम्मेदारी नहीं है।

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किन म्युचुअल फंड स्‍कीम्‍स में कर सकते हैं निवेश
पलका चोपड़ा के अनुसार म्यूच्यूअल फंड में निवेश के लिए जिस प्रकार सही योजना की तलाश की की जाती है, उसी प्रकार बच्चों की ओर से निवेश की प्रक्रिया भी होती है। दिलचस्प बात यह है कि नाबालिग वयस्कों के लिए उपलब्ध किसी भी म्यूचुअल फंड योजना में निवेश कर सकता है। साथ ही, कुछ योजनाएं विशेष रूप से बच्चों के लिए डिज़ाइन की गई हैं जिन्हें आमतौर पर “हाइब्रिड” या ‘चाइल्ड केयर प्लान’ या ‘चिल्ड्रन गिफ्ट फंड’ के रूप में कैटेगराइज किया जाता है।

इन योजनाओं को आमतौर पर इक्विटी शेयरों में 60 प्रतिशत -70 प्रतिशत के महत्वपूर्ण जोखिम के साथ निश्चित आय प्रतिभूतियों और इक्विटी के मिश्रण के रूप में संरचित किया जाता है। आमतौर पर, जब कोई अपने बच्चे की ओर से निवेश कर रहा होता है, तो उसे तत्काल धन की आवश्यकता नहीं होती है। जबकि कोई डेट सिक्‍योरिटीज और इक्विटी का एक हाइब्रिड पोर्टफोलियो चुन सकता है, एक अच्छी गुणवत्ता वाली शुद्ध इक्विटी योजना चुनना बेहतर है।

किन डॉक्‍युमेंट्स की होती म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? है आवश्‍यकता
नाबालिग का म्यूचुअल फंड फोलियो खोलने के लिए दो महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। सबसे पहले, एक दस्तावेज जो बच्चे और अभिभावक के बीच संबंध स्थापित करता है, अनिवार्य है। यदि अभिभावक माता-पिता हैं, तो जन्म प्रमाण पत्र या माता-पिता के नाम का उल्लेख करने वाला कोई ऐसा दस्तावेज पर्याप्त है। किसी और के मामले में कोर्ट के आदेश की कॉपी जरूरी है।

दूसरे, नाबालिग का जन्म प्रमाण पत्र या उनकी उम्र का प्रमाण आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, नाबालिग के माता-पिता या अभिभावक को नियमों के अनुसार केवाईसी-अनुपालन करना होगा। एक बार नाबालिग के वयस्क हो जाने पर उसके नाम पर पूरी केवाईसी प्रक्रिया चलानी होगी। ऐसे मामलों में जहां किसी को अभिभावक को बदलने की आवश्यकता होती है, नए अभिभावक की नियुक्ति के अदालत के आदेश के अलावा वर्तमान अभिभावक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की आवश्यकता होगी।

टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड क्या होता है, जानिए Tax बचाने में कैसे मदद मिलती है

टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड की मदद से टैक्स बचाने में मदद जरूर मिलती है लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि निवेश से पहले किसी तरह की प्लानिंग नहीं की जाए.

टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड क्या होता है, जानिए Tax बचाने में कैसे मदद मिलती है

म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) को लेकर एक कहावत है कि आप निश्चिंत होकर सोते हैं, लेकिन आपक पैसा बढ़ रहा होता है. कोई भी निवेशक (Investors) निवेश संबंधी फैसला करने से पहले तीन प्रमुख बातों का खयाल रखता है. पहला कि उसके निवेश से वेल्थ क्रिएट हो, दूसरा उसे म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा? रेग्युलर रिटर्न मिले और तीसरा सबसे महत्वपूर्ण कि टैक्स बचाने में मदद मिले. ELSS यानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम निवेशक को तीनों तरह से लाभ पहुंचाता है. ELSS एक इन्वेस्टमेंट टूल है जिसे म्यूचुअल फंड कंपनियों की तरफ से ऑफर किया जाता है. हालांकि, इसके लिए तीन सालों का लॉक-इन पीरियड होता है.

ELSS को दूसरी भाषा में टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड भी कहते हैं. चूंकि 3 सालों का लॉक-इन पीरियड होता है ऐसे में आपका निवेश भी अच्छा ग्रोथ करता है. मार्केट में जैसे-जैसे तेजी आती है आपका पोर्टफोलियो चमकने लगता है.

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