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शेयर दलाल क्या है

शेयर दलाल क्या है
Key Points

शेयर मार्केट क्या है शेयर कैसे खरीदते है

Share Stock और Equity भी कहा जाता है Share का मतलब होता है किसी company में हिस्सा यानी अगर आपके पास किसी company के Share है तो आप उस company के उतने हिस्से के मालिक बन जाते हैं जितने Share आपके पास है और इस तरीके से आप किसी company में Share Holder बन जाते हैं किसी company के Share खरीद लेने के बाद में आपको वह सभी अधिकार मिल जाते हैं जो Share Holder के पास होते है अपने हिस्से को आप Share बाजार में खरीदने के साथ-साथ बेच भी सकते हैं

Share Market क्या होता है

मार्केट का नाम सुनते ही हमें लगता है कि बहुत बड़ा बाजार होगा बहुत सारी दुकानें होंगी लेकिन Share Market इस कल्पना से अलग है Share Market में Share खरीदने और बेचने का काम कंप्यूटर से होता है और अगर बात करें Share Market मैं Share खरीदने और बेचने की प्रक्रिया (Process) के बारे में तो यह प्रक्रिया थोडी सी अलग होती है तो यहां दलाल (Brokers) होते हैं जो Share बाजार के सदस्य होते हैं और Share बाजार में Trending करने का अधिकार सिर्फ इन्हें होता है उम्मीदवार सीधे जाकर Share खरीद या बेच नहीं सकते हैं बल्कि दलाल (Brokers) की मदद से ही यह काम पूरा किया जा सकता है

Share कहाँ खरीदे और बेचे जाते है

Shares को खरीदने और बेचने का काम Stock Market में होता है और भारत में यह काम सबसे ज्यादा दो Share बाजार में होता है BSE (Bombay Stock Exchange) और NSE National Stock Exchange तो ये दुनिया के बड़े Stock Exchange माने जाते है और अभी भारत में लगभग 25 Stock Exchanges है और ऐसी ज्यादातर कंपनियां जिनके Share मार्केट में खरीदे और बेचे जाते हैं वो कंपनियां इन दोनों में से किसी भी एक Stock Exchange पर या दोनों Stock Exchange पर Listed होती है

तो इस जानकारी से आपको यह तो पता चल गया होगा कि Share खरीदना और बेचना मुश्किल काम नहीं है

Share खरीदने का Process क्या है

1. पैन कार्ड बनवाना

सबसे पहले आपके पास अपना पैन कार्ड होना चाहिए क्योंकि Share खरीदने कि प्रक्रिया में पैसों के लेन – देन के लिए आपके पास पैन कार्ड होना चाहिए तो इसके लिए आप अपना पन कार्ड तैयार रखें

2. दलाल (Brokers) का चुनाव करना

आप दलाल (Brokers) से मिलिए आपको यह तो पता होगा कि Share खरीदने और बेचने का काम आप खुद नहीं कर सकते बल्कि दलाल (Brokers) की सहायता से ही Share मार्केट में काम हो सकता है तो इसलिए आप दलाल (Brokers) से मिले दलाल (Brokers) एक आदमी भी हो सकता है या फिर Online company या कोई एजेंसी भी हो सकती है जो SEBI द्वारा मान्य हो उम्मीदवार को लुभाने के लिए कई दलाल (Brokers) अलग अलग Brokerage योजनाएं बनाती है जिनकी फीस अलग अलग होती है जो 0.001% से 0.005% तक होती है तो इसलिए दलाल (Brokers) का चुनाव ध्यान से करें

3. Demat और Trading Account बनवाना

इसमें आपको अपना Demat और Trading Account बनाना होगा दलाल (Brokers) का चुनाव करने के बाद आपके पास Demat और Trading Account भी होना चाहिए तभी आप Shares को खरीद पाएंगे और बेच पाएंगे Demat Account में आपके Shares Electronic Format में रहते है और Trading Account के जरिये आप Shares खरीद और बेच सकते है भारत में SEBI की Guideline के अनुसार Demat Service दो संस्थाएं देती है NSDL (The National Securities Depository Limited) और CDSL (Central Depository Service Limited) इन दोनों संस्थाओं को Depository कहा जाता है यह दोनों Account खोलने के लिए आपको सिर्फ दलाल (Broker) के पास जाना है जहां आपके दोनों Account आसानी से खोल दिए जाएंगे

4. Share खरीदना

तो यदि आपके पास पैन कार्ड है और आपने दलाल का चुनाव भी कर लिया है और आपने अपने Demat और Trading Accounts भी बनवा लिए हैं तो अब आपकी बारी Share खरीदने की है Share खरीदते समय आप दो तरह से आर्डर दे सकते हैं यानी मार्केट रेट पर और लिमिटेड रेट पर मार्केट रेट का मतलब है जिस रेट में Share बाजार में Share ट्रेड हो रहा है उसी रेट पर खरीद लेना और लिमिटेड शेयर दलाल क्या है रेट का मतलब होता है कि आप एक लिमिट बता सकते हैं जिसे ज्यादा रेट होने पर दलाल आपके लिए Share ना खरीदें

5. DIVIDENDS मिलना

DIVIDENDS वह हिस्सा है जो Share Holder को उस company के द्वारा दिया जाता है जिसकी Share Share Holder के द्वारा खरीदे गए हैं company के लाभ का वह हिस्सा जो उन Shares पर मिलता है उसे DIVIDENDS कहा जाता है अपने शेयरो पर DIVIDEND प्राप्त करना Share Holder का अधिकार होता है यह DIVIDEND Cash या Stock के रूप में हो सकता है और अगर DIVIDEND Cash के रूप में है तो शेयर दलाल क्या है डायरेक्ट आपके बैंक Account में पहुंच जाएगा

Share खरीदने की इस प्रक्रिया को समझाने के बाद अब Share बेचने के बारे में भी आपको पता होना चाहिए

Share बेचना

अगर आप Share बेचना चाहते हैं तो जो Share आप बेचना चाहते हैं वह आपके Demat Account में होना चाहिए इसके बाद आप जैसे ही दलाल की मदद से Share को बेचेगे तो Share आपके Demat Account से हट जाएंगे और लगभग 3 दिन में आपके बेचे गए Share का पैसा आपके बैंक Account में पहुंच जाएगा और इन पैसों में से दलाल का पैसा कट कर आपके पास आएगा शेर बेजने का पैसा कितने दिन में आपके Account में आएगा यह Share की Category पर निर्भर करेगा है

किस company से Share खरीदने चाहिए

Blue Chip Share और FMCG Share हमेशा से खरीददारों की पसंद रहे हैं जबकि Large Cap Share Investment Presto को कम करते हैं वही Mid Cap और Small cap shares में वृद्धि की संभावना ज्यादा रहती है किसी भी company के Share खरीदते समय आपको इन सब बातों को ध्यान में रखना होगा ताकि आपकी बचत सही जगह पर लगे आपके बच्चे ज्यादा से ज्यादा हो जैसे की company पिछले 3 से 5 साल में आर्थिक रूप से मजबूत, और आप company का 3 महीनों का रिकॉर्ड भी चेक कर सकते हो जिसमें ईपीएस कितना है पीई रेशो कितना है बुक वैल्यू कितनी है और company लगातार मुनाफा दे रही है या नहीं यह बातें आपको चेक करनी चाहिए इसके अलावा आप company की बैलेंस शीट को भी पढ़ सकते हैं और इन सब जानकारियों के बाद यदि आपको लगे कि company सही है तभी उसके Share आप खरीदें इसके अलावा आप उस company के बारे में यह भी जान ले की वह किस प्रकार की सुविधा देती है

Stock Market में Invest करने के लिए कितने पैसे होने चाहिए

Stock Market में Invest करने के लिए पैसों की कोई लिमिट नहीं है यहां पर आप एक रुपए से भी शुरू कर सकते हैं आपको पैसा सही जगह पर लगाना आना चाहिए ताकि आपका लगाया हुआ ₹1 भी आपको लाभ दे सके

Online Share खरीदना

अगर आप Online Share खरीदना चाहते हैं तो एक अच्छा दलाल चूनिए अपना पैन कार्ड बनवाइए Demat और Trading Account बनवाइए Saving Account बनवाइए ताकि आप दलाल के Account में पैसे ट्रांसफर कर सके और दलाल को बताइए कि आप कौन से Share किस रेट में खरीदना चाहते हैं Online Share खरीदते समय अपने दलाल के सॉफ्टवेयर की सही जानकारी जरुर रखे ताकी आप गलत आर्डर करने से बच जाए इस प्रक्रिया को समझकर आप Online Share खरीद सकते हैं Share खरीदना ना तो बहुत आसान बात है और ना ही बहुत मुश्किल इसमें आपको कितना लाभ होगा और कितनी हानि होगी यह सब कुछ आपके जानकरी और आपके Interest और दलाल के सही चुनाव पर पूरा निर्भर करता है

Share Market में कदम रखते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए –
1. जिस company के Share आप खरीदना चाहते हैं उस company के बारे में गहरी जानकारी हासिल करें
2. उसी company के Share में इन्वेस्ट करिए जिसके बारे में आपको अच्छी तरह से जानकारी हो
3. इन्वेस्ट करते समय खुद की समझ का इस्तेमाल करें
4. Share Market में अप एंड डाउन चलता रहता है इसलिए रिस्क लेने के लिए तैयार रहें लेकिन ध्यान रहे यह रिस्क सीमित ही हो
5. Share Market में शामिल होने के साथ ही धीरज रखना शुरू कर दें
6. अपने पोर्टफोलियो में हर तरह की एसेट क्लास को जगह दें यानी पोर्टफोलियो विस्तृत बनाये
7. Share Market में अपना एक्स्ट्रा फंड ही लगाएं
8. Share Market के रिकॉर्ड पर लगातार नजर बनाए रखें

इन बातों को ध्यान में रखकर आप Share Market को अच्छी तरह से समझ पाएंगे और सही जगह पर अपना कीमती पैसा लगाकर अपना लाभ प्राप्त कर सकेंगे.

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How To Choose Best Stock Broker In Hindi – एक अच्छा शेयर ब्रोकर कैसे चुने ?

How To Choose Best Stock Broker

How To Choose Best Stock Broker In Hindi – एक अच्छा शेयर ब्रोकर कैसे चुने ?

Best Stock Broker – बहुत से ऐसे लोग है जो शेयर मार्केट ( Share Market ) में निवेश तो करना चाहते है लेकिन स्टॉक मार्केट की ज्यादा समझ नहीं होने के कारण वे स्टॉक ब्रोकर ( Stock Broker ) की तलाश में रहते जो उन्हें अच्छा रिटर्न दिला सके ! दोस्तों आज के इस लेख में हम आपको बताएँगे कि कैसे आप एक अच्छा शेयर दलाल क्या है स्टॉक ब्रोकर चुन सकते है तो आइये शुरू करते है How To Choose Best Stock Broker In Hindi-

यदि आप शेयर बाजार में अच्छा पैसा कमाना चाहते है तो आपके लिए सही दलाल का चयन करना बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है ! शेयर ब्रोकर के मामले में विश्व के सबसे बड़े निवेशक वोरेन बफे की कहावत है – “ शेयर ब्रोकर आपका दोस्त नहीं है ! वह एक डॉक्टर की तरह होता है , जो मरीज से दवा के बदले शुल्क लेता है ! अब यदि आप सही डॉक्टर के पास नहीं पहुंचेंगे तो खामियाजा आपको ही भुगतना होगा !” हालाँकि यह बात सही है निवेशक इसे मानते है , लेकिन बावजूद इसके उनके व्यवहार में यह नहीं झलकता है कि वे ब्रोकर को लेकर संजीदा है ! ज्यादातर निवेशक तो अपने शेयर ब्रोकर का नाम , उसकी फर्म तथा उसके फोन नंबर से ज्यादा कुछ नहीं जानते और शेयर की खरीद – बिक्री के लिए पूरी तरह से ब्रोकर पर ही निर्भर रहते है और सोचते की ब्रोकर सब हमारे लाभ के लिए ही कर रहा है !

यदि आप भी ऐसा सोचते है तो यह बिल्कुल गलत है क्योंकि की सच तो यह है कि पैसा किसी के कंधे पर सवार होकर नहीं कमाया जा सकता ! यदि आपमें सूझ – बुझ , विश्लेषण करने की क्षमता व् थोड़ी सी जागरूकता नहीं है तो आपकी सहायता कोई नहीं कर सकता ! इसलिए एक सही ब्रोकर का चुनाव करते समय बहुत सी बातो का ध्यान रखना चाहिए जो इस प्रकार है –

ट्रैक रिकॉर्ड देखना

जब भी कभी आप स्टॉक ब्रोकर का चयन करना चाहते है तो सबसे पहले आप उसके पीछे के ट्रैक रिकॉर्ड को देखे अर्थार्त आपको देखना चाहिए कि उस ब्रोकर या ब्रोकर फर्म ने पिछले सालो में अपने clints को कितना रिटर्न दिया है ! आपको उस ब्रोकर के ट्रैक रिकॉर्ड को अच्छे से विश्लेषण करना आना चाहिए ताकि आप अच्छा दलाल चुन सके !

सेवा की गुणवत्ता

एक अच्छे और सही ब्रोकर की पहचान होती है कि वह आपको अच्छी तथा हर प्रकार की सेवा प्रदान करे ! इसलिए शेयर ब्रोकर का चयन करते समय यह जरुर ध्यान रखे कि वह हमें कोन – कोनसी सुविधाए प्रदान कर रहा है और उसके द्वारा प्रदान की गई सेवा की गुणवता का प्रतिशत कितना है !

रिसर्च की सुविधा

बहुत सी ऐसी ब्रोकिंग फर्म होती है जिनके पास रिसर्च करने की सुविधा होती है , जो अन्य ब्रोकर के पास नहीं होती है ! यदि आप शेयर बाजार का अच्छा ज्ञान हासिल करना चाहते है तो आपको मिलने वाली रिसर्च की सुविधा काफी मददगार साबित हो सकती है ! इसलिए एक अच्छे ब्रोकर का चयन करते समय यह जरुर ध्यान रखे की उसके पास रिसर्च की सुविधा है या नहीं !

ब्रोकरेज फ़ीस

एक अच्छे ब्रोकर का चुनाव करते समय आपको उस ब्रोकरेज फर्म की सेवा शुल्क अर्थार्त ब्रोकरेज शुल्क कितना है इस बात का भी ध्यान रखना बहुत आवश्यक है ! यदि किसी ब्रोकर की फ़ीस बहुत अधिक है तो उसकी अधिक फ़ीस को देखकर आपको यह नहीं सोचना चाहिए कि यह ब्रोकर फर्म तो अच्छी होगी ! तथा बहुत कम शुल्क को देखकर भी किसी ब्रोकर का चयन ना करे ! अतः आपको शुल्क के अलावा अन्य fectors को भी ध्यान में रखना चाहिए !

ब्रोकर का व्यवहार

एक अच्छे ब्रोकर का व्यवहार ही होता है कि वह आपको हमेशा सही और सटीक जानकारी दे ! तथा आपके हर सवालों का जवाब दे ! इसलिए ब्रोकर का चुनाव करते समय हमेशा उसके व्यवहार को भी ध्यान में रखे !

कस्टमर केयर सेवा

एक अच्छा ब्रोकर हमेशा आपको Customer Care Services की सुविधा भी प्रदान करता है !

यदि आपका ब्रोकर आपकी जरुरत , वित्तीय स्थिति व् व्यक्तिगत इच्छाओ को जाने बिना आपके लिए ट्रेड करता है तो आपको जोखिम व् हानी उठानी पड़ सकती है ! एक अच्छे ब्रोकर को यह पता होता है कि उसका ग्राहक किस तरह का निवेशक है ! यदि निवेशक को ब्रोकर से शिकायत हो तो शेयर बाजार के सर्विस विभाग के अतिरिक्त सेबी से भी संपर्क किया जा सकता है !

BSE व् NSE की वेबसाइट पर ब्रोकरों की सूची उपलब्ध है ! इसके अलावा अलावा ब्रोकर भी अपनी जानकारियां अन्य माध्यमो द्वारा प्रकाशित करवाते है ! लेकिन ब्रोकर का चयन करते समय उसका ट्रैक रिकॉर्ड अवश्य देखे ! आपके घर या ऑफिस के पास स्थित ब्रोकर आपके लिए सुविधाजनक होता है ! आजकल अनेक बैंक भी ब्रोकिंग का कारोबार कर रहे है ! इसलिए आप जिस बैंक में अपना डी – मेट अकाउंट खुलवा रहे है , यदि वह बैंक ब्रोकिंग कारोबार में भी है तो वही अपना ब्रोकिंग अकाउंट खुलवाना ठीक रहता है !

ब्रोकर स्टॉक एक्सचेंज का सदस्य होता है ! उसके पास यह अधिकार होता है कि वह सवयं के लिए तथा किसी और के लिए भी , जो उस ब्रोकर के पास रजिस्टर्ड हो , शेयर की खरीद – बिक्री कर सकता है ! वह पूरी खरीद – बिक्री होने के हिसाब से अपना कमीशन ( ब्रोकरेज ) लेता है ! इसके अलावा यह अपने ग्राहकों कि शेयर से सम्बन्धित परामर्श और उनके पोर्टफोलियो को संचालित करता है ! कुछ वर्ष पहले तक BSE का शेयर दलाल सदस्य बनना काफी महंगा था ! पहले जो करोडो रूपये का शुल्क था वो अब घटकर कुछ लाख रूपये हो गया है !

दोस्तों उपरोक्त बातो को ध्यान में रखकर ही आपको एक अच्छे शेयर ब्रोकर का चुनाव करना चाहिए !

उम्मीद करता हूँ आपको How To Choose Best Stock Broker In Hindi लेख जरुर अच्छा लगा होगा ! अगर यह लेख आपको अच्छा लगा है तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करे !

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I Am Adv. Jagdish Kumawat. Founder of Financeplanhindi.com . Here We Are Share Tax , Finance , Share Market, Insurance Related Articles in Hindi.

शेयर बाजार में इस्तेमाल किए जाने वाले 23 सबसे महत्वपूर्ण शब्द

भारत में मुख्य रूप से 2 स्टॉक एक्सचेंज हैं: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)l बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दलाल स्ट्रीट, मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में स्थित एक भारतीय शेयर बाजार है। शेयर दलाल क्या है सन 1875 में स्थापित, बीएसई एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज हैl बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, 30 बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य में उतार चढ़ाव की गणना करता हैl ये सभी शब्द बैंकिंग सामान्य ज्ञान के लिए बहुत उपयोगी हैंl

भारत में मुख्य रूप से 2 स्टॉक एक्सचेंज हैं: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)l बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दलाल स्ट्रीट, मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में स्थित एक भारतीय शेयर बाजार है। सन 1875 में स्थापित, बीएसई एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज हैl बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ,30 बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य में उतार चढ़ाव की गणना करता हैl दूसरा स्टॉक एक्सचेंज NSE भी मुंबई में है और इसकी स्थापना 1992 में हुई थीl सामान्य लोगों की जानकारी के लिए शेयर बाजार में इस्तेमाल होने वाले मुख्य शब्द इस प्रकार हैं l
1. इक्विटी शेयर (Equity Share): इक्विटी शेयर वे अंश है जिन्हें कंपनी से मताधिकार प्राप्त होता है l ये अंशधारी ही धारित अंशों के अनुपात में ही कंपनी के स्वामित्वधारी होते हैं l इन्हें लाभांश वितरण में कोई वयीयता प्राप्त नही होती है l
2. वरीयता अंश (Preference Share): ये वे शेयर धारक होते हैं जिन्हें लाभांश वितरण में वरीयता दी जाती शेयर दलाल क्या है हैl लाभ बाँटने के बाद यदि कुछ लाभांश बचता है तो उसे इक्विटी शेयर धारकों में बांटा जाता हैl वरीयता अंश के शेयर धारकों को कंपनी में मताधिकार प्राप्त नही होता है l
3. इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO): इसका सम्बन्ध प्राइमरी बाजार से है जिसमे नयी कंपनियों के अंश बाजार में जारी किये जाते हैं l इस विधि के माध्यम से कम्पनियाँ बाजार से पैसा जुटा कर अपनी आगे की वित्तीय योजनाओं को बनाती है l



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4. फालो पब्लिक ऑफर: जब कोई भी नयी कंपनी अपनी अधिकृत पूँजी की उगाही शेयरों के निर्गमन के द्वारा प्राथमिक बाजार से करती है तो इसे FPO कहते हैं l
5. ब्लू चिप कंपनी (Blue Chip Company): यह एक ऐसी कंपनी होती है जिसके शेयरों को खरीदना बेहद सुरक्षित माना जाता है। इस कंपनी के शेयरों को खरीदने वाला निवेशक जोखिम रहित लाभ प्राप्त करता है l

Image Source:SlideShare
6. इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading): इसका मतलब एक ऐसी सूचना से होता है जो कि एक कंपनी की कार्य प्रणाली से जुडी होती है जिसमे कम्पनी की भावी योजनाओं में बारे में जानकारी होती हैl यदि यह सूचना कंपनी के किसी उच्च अधिकारी (कंपनी के निदेशकों और उच्च स्तरीय अधिकारियों) के माध्यम से सार्वजनिक हो जाती है तो उस कंपनी के शेयरों के दाम अप्रत्याशित रूप से ऊपर या नीचे होते हैं l

Image Source:Insider Monkey
7. वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper): यह एक असुरक्षित वचन-पत्र (Promissory Note) होता है जो कि एक वित्तीय संस्थान द्वारा जारी किया जाता है lइसको जारी करने का मुख्य उद्येश्य अल्पकालीन वित्तीय जरूरतों को पूरा करना होता है l
8. बोनस इश्यू (Bonus Issue):इस प्रकार के शेयर बोनस, उन शेयर धारकों को फ्री में उस अनुपात में दिए जाते हैं जिनके उनके पास उस कंपनी के शेयर पहले से ही होते हैं l ऐसे शेयरों को लाभांश शेयर भी कहते हैं l

भारतीय बजट से जुडी शब्दावली
9. तेजड़िया (Bull): तेजड़िया उस व्यक्ति को कहा जाता है जो कि शेयर बाजार में शेयरों की खरीदारी करता है और इसी खरीदारी के कारण शेयर बाजार ऊपर की ओर जाता हैl यह निवेशक बाजार के बारे में सकारात्मक रुख रखता है क्योंकि वह यह सोचता है कि उसके द्वारा खरीदे गए शेयरों का दाम ऊपर चढ़ेंगेl


Image Source:दैनिक जागरण
10. मंदड़िया(Bear): मंदड़िया उस निवेशक को कहा जाता है जो कि अपने खरीदे गए शेयरों को बेचता क्योंकि उसको लगता है कि उसके द्वारा खरीदे गए शेयरों का दाम बाजार में गिरेंगेl इसलिए वह अपने शेयरों को बेच देता है और कई लोगों के द्वारा ऐसा करने पर बाजार नीचे की ओर गिरता है l

Image Source:Money Bhaskar
11. लाभांश (Dividend): यह कंपनी द्वारा अपने शेयर धारकों को दिया जाने वाला लाभ का हिस्सा होता हैl लाभ का यह हिस्सा कंपनी अपने सभी शेयर धारकों को उनके शेयरों की संख्या के अनुपात में बांटती हैl जिसके पास जितने अधिक शेयर, उसको उतना अधिक लाभांश मिलता हैl

ponzy-schemes

शेयर बाजार में सेबी के मुख्य कार्य क्या हैं?
12. हॉट मनी (Hot Money): यह वह निवेश मनी होती है जो कि अधिक लाभ की तरह भागती हैl इस प्रकार की निवेश मनी बाजार में बहुत ही कम स्थिर होती है इसी कारण इसे हॉट मनी कहते हैंl
13. जंक बांड(Junk Bond): जंक बांड वे बांड है जिनकी रेटिंग नीची हो परन्तु उन पर प्राप्त होने वाले रिटर्न(लाभ) की दर ऊंची हो l
14. कर्ब ट्रेडिंग(Kerb Trading): स्टॉक एक्सचेंज मार्किट की बिल्डिंग के बाहर, स्टॉक एक्सचेंज के ही समय में या उसके बाद प्रतिभूतियों में अवैध ट्रेडिंग को कर्ब ट्रेडिंग कहते हैं l
15. स्टैग (Stag): ऐसे लोग जो प्राइमरी मार्किट में पैसा लगाना पसंद करते है सेकेंडरी मार्किट में नही, स्टैग कहलाते हैं l ये लोग बहुत कम जोखिम उठाते हैं l
16. अल्फ़ा शेयर : इन्हें ग्रुप A का शेयर भी कहा जाता हैl ये ऐसे स्टॉक हैं जिनके क्रय विक्रय में बाधा नही होती है l
17. राइट इशू (Right Issue): जब शेयर या प्रतिभूति के आबंटन में वर्तमान शेयर धारकों को प्राथमिकता दी जाये तो इस प्रकार के निर्गमित शेयर को राइट इशू कहते हैंl वर्तमान शेयर धारकों को इन शेयरों को खरीदने के लिए रुपये देने पड़ते हैं अर्थात ये शेयर, बोनस शेयर की तरह कीमत रहित नही होते हैं l
18. स्नो बालिंग प्रभाव: जब शेयर के मूल्य में थोड़ी बृद्धि से शेयर क्रय के कारण या किसी अन्य कारण कुछ ऐसी स्थिति पैदा हो जाये कि शेयरों का मूल्य बढ़ता ही जाये और इतना अधिक बढ़ जाये कि क्रय विक्रय पर स्टॉप आर्डर आने लगे तो इसे स्नो बालिंग कहते हैं l
19. शोर्ट सेलिंग (Short Selling): जब किसी व्यक्ति या दलाल द्वारा उससे अधिक स्टॉक के विक्रय का सौदा किया जाता जितना उसके पास है या जितना कहीं से लेकर पूर्ती कर सकता हैl यह क्रिया बिलकुल गैर-कानूनी है l
20. लार्ज कैप कम्पनियाँ (Large Cap Companies): ये वे कम्पनियाँ होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 10,000 करोड़ रुपये या इससे अधिक हो l
21. मिड कैप कम्पनियाँ (Mid Cap Companies): ये वे कम्पनियाँ होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 10,000 करोड़ रुपये से कम पर 2500 करोड़ से अधिक हो l
22. स्माल कैप कम्पनियाँ (Small Cap Companies): ये वे कम्पनियां होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 2500 करोड़ रुपये से कम हो l
23. पौंजी स्कीम (Ponzy Schemes): ये वे फर्जी कम्पनियाँ होती हैं जो कि लोगों को कम समय में अधिक रिटर्न की गारंटी देकर निवेशकों का पैसा लेकर गायब हो जातीं हैl ऐसी कंपनियों का सरकार के पास कोई भी रिकॉर्ड नही होता है l

Image Source:INFO FOREX SCAMS
ऊपर दिए गए शब्द उन सभी लोगों के लिए बहुत ही मददगार होंगे जो कि या तो शेयर बाजार में पैसा निवेश करते हैं या शेयर बाजार कैसे काम करता है इस बारे में जानना चाहते हैं l

निम्नलिखित में से कौन सा शेयर बाजार एशिया का पहला शेयर बाजार था?

Key Points

  • बॉम्बे शेयर विनिमय
    • यह 1875 में देशी शेयर और शेयर दलाल संगति के रूप में स्थापित किया गया था।
    • यह एशिया का पहला विनिमय है और भारत में सबसे बड़ा प्रतिभूति बाजार है।
    • यह निवेशकों को सामान्य शेयर , मुद्राओं, ऋण , व्युत्पन्न और म्यूचुअल फंड्स में ट्रेड करने में सक्षम बनाता है।
    • यह अन्य महत्वपूर्ण पूंजी बाजार व्यापार सेवाएं भी प्रदान करता है जैसे जोखिम प्रबंधन, समाशोधन, निपटान और निवेशक शिक्षा।

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    Last updated on Oct 1, 2022

    The Gujarat Public Service Commission (GPSC) has released a new notification for the GPSC Engineering Services Recruitment 2022. The commission has released 28 vacancies for the recruitment process. Candidates can apply for the applications from 15th October 2022 to 1st November 2022 and their selection will be based on Prelims, Mains and Interview. Candidates with a Graduation degree as the basic GPSC Engineering Services Eligibility Criteria are eligible to appear for the recruitment process. The finally selected candidates will get a salary range between Rs. 53100 to Rs. 208700.

    शेयर मार्केट क्या है?, स्टॉक मार्केट क्या है? | What is Share Market In Hindi

    आज हम इस पोस्ट में शेयर बाजार के बारे में जानेंगे की, Share Market क्या है, Share Market के कितने प्रकार होते है और Share Market में पैसा कैसे invest करना चाहिए। शेयर बाजार यह किसी भी विकसित देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उद्योग या व्यवसाय चलाने के लिये capital चाहिए होता है तो यह उन्हें शेयर बाजार से मिलता है। तो दोस्तों आज हम Share Market/शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट क्या है? के बारे विस्तारित रूप से जानेंगे।

    What Is Share Market in Hindi? - शेयर बाज़ार क्या है?

    Share का अर्थ होता है "हिस्सा" या "भाग" लेकिन शेयर बाजार या Share Market की भाषा में बात करे तो Share का अर्थ होता है कंपनियों में हिस्सा लेना, किसी कंपनी का Share खरीदना याने उस कंपनी का हिस्सेदार या भागीदार बन जाना।

    शेयर बाज़ार के माध्यम से आम आदमी भी बड़े से बड़े उद्योग या व्यवसाय मे अपनी भागीदारी कर सकता है लेकिन Share Market यह एक ऐसी जगह है की, यहा पर बहुत से लोग पैसे कमा भी लेते है और पैसे गवा भी लेते है याने Share Market में किसी को बहुत फायदा होता है या फिर किसी का नुकसान भी हो जाता है।

    Share Market में Share ख़रीदे और बेचे जाते है। भारत में मुख्य रूप से Bombay Stock Exchange (BSE) और National Stock Exchange (NSE) यह दो Stock Exchange है।

    Share खरीदने और बेचने के लिए कई शेयर ब्रोकर्स यानी शेयर दलाल होते है, वो अपना कमीशन लेकर किसी व्यक्ति या कंपनी को शेयर खरीदने बेचने का काम करता है। शेयर बाजार में ब्रोकर या दलाल स्टॉक एक्सचेंज के सदस्य होते है और सिर्फ वो ही स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग कर सकते हैं।

    शेयर ब्रोकर्स या शेयर दलाल के जरिये शेयर ख़रीदे या बेचे जाते है। ग्राहक या कंपनी खुद शेयर खरीद या बेच नही सकते। कहा जाता है की, स्टॉक एक्सचेंज, ब्रोकर या दलाल और निवेशक यानी गुंतवणूकदार यह शेयर बाजार या Share Market की तीन कडियाँ है।

    Types of Share Market in Hindi - शेयर मार्केट के कितने प्रकार होते है

    मुख्यतः Share Market के शेयर दलाल क्या है दो प्रकार होते है एक Primary Share Market और दूसरा Secondary Share Market इसका विश्लेषण नीचे दिया गया है।

    1. Primary Share Market (प्राथमिक शेयर मार्केट)

    सबसे पहले कंपनी को अपने शेयर्स की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करवाकर अपने शेयर को बेचती है पर उसे Initial Public Offering या IPO लाना पड़ता है और उसके बाद ही निश्चित किये हुए मूल्य पर अपने शेयर को पब्लिक को ख़रीदने के लिए उपलब्ध किया जाता है।

    स्टॉक एक्सचेंज जैसे BSE, NSE और ब्रोकर के जरिये कंपनियां प्राथमिक बाजार के माध्यम से निवेशकों तक पहुँचती हैं।

    अगर कोई कंपनी को Initial Public Offering या IPO के लिए जाते समय उसको अपने बारे में, promoters, financials, businesses, अपने शेयर या स्टॉक और उनकी कीमत की पूरी जानकारी देनी होती है।

    2. Secondary Share Market (द्वितीयक शेयर मार्केट)

    जब हम शेयर मार्केट में पैसा लगाने की बात करते है तो हम Secondary Share Market की बात करते है और उनमे ही पैसा लगाते है। इस मार्केट में पहले से ही लिस्टेड कंपनी के शेयर की खरेदी बिक्री होती है।

    Secondary Share Market प्रकार के शेयर बाजार में एक स्टॉक या शेयर की कीमत लगाई जाती है और उसे ख़रीदा-बेचा जाता है लेकिन उस शेयर की उसके फायदे या नुकसान के साथ ख़रीदा-बिक्री होती है।

    किसी व्यक्ति के पास जो शेयर बाजार का भाव रहता उस रेट से ही किसी दूसरे व्यक्ति को रियल टाइम मे बेच देते है। दलाल या ब्रोकर के जरिये ही खरेदी-बिक्री होती है।

    इस Secondary Share Market में ऐसा भी होता है की, कोई गुंतवणूकदार अपना शेयर किसी ओर को बेचकर शेयर मार्केट या बाजार से बाहर निकल जा सकता है।

    शेयर बाजार में पैसा कैसे निवेश करें? How to Money Invest in Share Market?

    शेयर मार्केट में Invest करने से पहले हमारे सामने कई सवाल होते हैं जैसे कि, How to invest in share market, कहां निवेश और कैसे निवेश करें या Invest करने में कोई धोखा तो नहीं। इन ही बातो का हमने खयाल रखा तो हम आसानी से शेयर बाजार में निवेश कर सकते हैं।

    • जब कभी भी Invest करना हो उससे पहले उस कंपनियों की हालातों पर नजर रखें।
    • शेयर विकास दर कम हो या महँगाई दर ज्यादा हो तो तब बड़ी कंपनियों पर नजर रखें, क्योंकि ऐसी स्थिति में छोटी कंपनियों के मुकाबले बड़ी कंपनियों के शेयर अच्छी स्थिति में होते हैं।
    • जब भी शेयर बाजार की हालत थोड़ी कमजोर हो तो बड़ी कंपनियों की तरफ ध्यान रखे।
    • कोई भी शेयर खरीदने और बेचने के लिए हमेशा एक स्टॉक ब्रोकर की जरूरत होती है, जब आप स्टॉक मार्केट में निवेश या Invest करने के लिए स्टॉक ब्रोकर के पास जाते है, तो आपको सबसे पहले उनके पास से दो account खोलने पड़ते है " Demat Account " और " Trading Account " यह account खोलने के बाद आप आसानी से कोई भी शेयर की खरेदी-बिक्री कर सकते है।
    • आपको स्टॉक ब्रोकर ऐसा चुनना चाहिए की, वह कम फ़ीस में आपको अच्छी और बेहतरीन सेवा दे।
    • शेयर बाजार में पैसे लगाना ही सबकुछ नही है बल्कि आपको financial plan की भी जरूरत होती है। इन्वेस्ट करने से पहले आपको अपनी financial situation, cash flow और रिक्स लेने की क्षमता पर विचार करना चाहिए।
    • शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने के लिए आपको उसके बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है वरना आपको बहुत बडी कीमत चुकानी पडती है। इसलिए आप किसी जल्दबाजी में कोई फैसला ना ले।

    दोस्तों उम्मीद करते है की आपको Share Market क्या है, Share Market में पैसा कैसे इन्वेस्ट करना चाहिए और शेयर मार्केट के कितने प्रकार है इन सब के बारे में पूरी और सही जानकारी मिली होंगी।

    अब आप भी "What is Share Market in Hindi - Types of share market and Tips" की पूरी जानकारी लेने के बाद ही शेयर बाजार में पैसा इन्वेस्ट करेंगे। तो दोस्तों आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों में शेअर करे और हमे comments करके बताये।

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