एक दलाल चुनना

व्यापर रोक

व्यापर रोक
Image Source : PTI करनाल: इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध से न कोई संदेश, न कोई व्यापार, आम लोग परेशान

पाकिस्तान-अफगान सीमा चौकी गोलीबारी की घटना के बाद तीसरे दिन भी बंद

बलूचिस्तान में चमन सीमा रविवार को उस समय बंद कर दी गयी थी जब अफगानिस्तान की ओर से एक सशस्त्र व्यक्ति ने बाब-ए-दोस्ती के समीप पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों पर गोलियां चलायी जिसमें अर्द्धसैन्य बल फ्रंटियर कोर (एफसी) के एक जवान की मौत हो गयी। गोलीबारी में दो अन्य जवानों को चोटें आयी हैं।

पाकिस्तानी प्राधिकारियों ने इस घटना के बाद अफगानिस्तान के साथ व्यापार रोक दिया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘सीमा पर लगातार तीसरे दिन द्विपक्षीय व्यापार और आव्रजन प्रणाली रोक दी गयी है तथा पैदल आने-जाने वाले लोग के लिए रास्ता बंद कर दिया गया है।’’

चमन दोनों देशों के बीच व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण सीमा चौकी है।

ऐसा बताया जा रहा है कि गोलीबारी के लिए जिम्मेदार आतंकवादी खुद को तालिबानी अधिकारी बता रहा था। उसकी तलाश चल रही है।

अफगानिस्तान के स्पिन बोल्दाक जिले की सीमा से लगते चमन शहर के उपायुक्त अब्दुल हमीद जेहरी ने मीडिया को बताया कि अफगानिस्तान में पाकिस्तानियों को उनकी पहचान की पुष्टि करने के बाद देश में प्रवेश करने दिया जा रहा है।

उपायुक्त ने कहा, ‘‘पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर समस्याओं पर चर्चा करने के लिए उच्च स्तरीय वार्ता की जा रही है और दोनों पक्षों के बीच मंगलवार को बैठक होने की उम्मीद है।’’

उन्होंने बताया कि जब तक इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए जिम्मेदार शख्स को पाकिस्तानी प्राधिकारियों को नहीं सौंपा जाता है तब तक सीमा बंद रहेगी।

उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिला अस्पताल के साथ ही सीमा के समीप इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि सामान से भरे सैकड़ों ट्रक सीमा के दोनों ओर फंसे हैं।

अधिकारियों ने अभी यह नहीं बताया कि चमन में सीमा चौकी फिर से व्यापर रोक कब खुलेगी।

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

'मेहमानों की संख्या 200 करें या विवाह समारोह पर भी रोक लगे'

कोरोना संक्रमण व्यापर रोक के बढ़ते दायरे और राज्य सरकार की सख्ती के बाद प्रदेश के 80 प्रतिशत विवाह स्थलों में बुकिंग निरस्त हो गई है। विवाह समारोह से जुड़े अन्य व्यवसाय पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ऐसे हालात ने पहले से परेशान विवाह स्थल संचालक, टैंट डीलर्स और इससे जुड़े अन्य व्यपारियों की चिंता बढ़ा दी है।

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जयपुर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते दायरे और राज्य सरकार की सख्ती के बाद प्रदेश के 80 प्रतिशत विवाह स्थलों में बुकिंग निरस्त हो गई है। विवाह समारोह से जुड़े अन्य व्यवसाय पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ऐसे हालात ने पहले से परेशान विवाह स्थल संचालक, टैंट डीलर्स और इससे जुड़े अन्य व्यपारियों की चिंता बढ़ा दी है।

उन्होंने परिवहन मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को इस मामले में पत्र लिखकर दखल देने की जरूरत जताई है। उन्होंने विवाह समारोह में आगंतुकों की संख्या 200 करने या व्यापर रोक ऐसे समारोह पर भी पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। राजस्थान टैंट डीलर्स किराया व्यवसाय समिति के चेयरमैन रवि जिंदल और अध्यक्ष रासबिहारी शर्मा का दावा है कि पिछले वर्ष विवाह समारोह से जुड़े व्यापर रोक व्यापारियों का करीब 5 हजार करोड़ रूपए का व्यपार प्रभावित व्यापार का आंकड़ा और बढ़ता जा रहा है।

वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े व्यापार
विवाह स्थल, टैंट, लाइट, जनरेटर, फ्लॉवर डेकोरेशन, घोड़ी, लवाजमा, बैंड, कैटरिंग, हलवाई, डीजे साउंड, वैले पार्किंग व अन्य।

यह है मांगें
-पिछले वर्ष मार्च से जुलाई तक वेंडिंग से जुड़ी इंडस्ट्री को 5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

- इस वर्ष मई से जुलाई के बीच ही राज्य में करीब 6 हजार करोड़ रूपए का व्यापार होना संभावित था। लेकिन अब इसमें भी 80 प्रतिशत की बुकिंग निरस्त हो गई।

-यदि विवाह समारोह में वापस 200 व्यक्तियों की संख्या नहीं की जा सकती है तो ऐसे आयोजन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी जाए। इससे जब भी रोक हटेगी तब तो व्यापार होने की उम्मीद होगी।

- राज्य में करीब 3 लाख व्यापारी वेंडिंग इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। इस आधार पर 20 से व्यापर रोक 22 लाख लोग इस व्यापर पर आश्रिक हैं।

भारत के साथ व्यापार को लेकर पाकिस्तान का रुख : मुख्य बिंदु

भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी व्यापार रोक दिए थे। साथ ही, पाकिस्तानी सरकार ने घोषणा की थी कि वह तब तक भारत से बात नहीं करेगी, जब तक कि भारत सरकार जम्मू-कश्मीर में हुए परिवर्तनों को पूरी तरह से वापस नहीं ले लेती। हाल ही में पाकिस्तान अपने रुख में नरमी बरत रहा है। दो साल बाद भारत से कपास व्यापर रोक और चीनी के आयात के लिए वाघा सीमा को फिर से खोल दिया गया है!

भारत-पाकिस्तान व्यापार (India-Pakistan Trade)

  • उरी हमले के बाद 2016-17 में पाकिस्तान को भारतीय निर्यात 16% तक गिर गया। 2015-16 में भारत ने 17 बिलियन अमरीकी डालर का निर्यात किया था। 2016-17 में, पाकिस्तान को भारतीय निर्यात 1.82 बिलियन अमरीकी डालर तक गिर गया। दूसरी ओर, भारत ने उसी वर्ष पाकिस्तान से 454.49 मिलियन अमरीकी डालर के सामान का आयात किया।
  • 2017-18 में, भारतीय निर्यात में 6% की वृद्धि हुई और यह आंकड़ा 92 बिलियन अमरीकी डॉलर था। भारतीय आयात 7.5% बढ़ा और यह 488.56 मिलियन अमरीकी डालर था।
  • 2018-19 में, पाकिस्तान को भारतीय निर्यात फिर से 5% बढ़ा और यह 2.07 बिलियन अमरीकी डॉलर था। हालाँकि, भारत ने इस वित्तीय वर्ष में पाकिस्तान से अपने आयात को कम कर दिया। 2018-19 में, पाकिस्तान से भारत में आयात 494.87 मिलियन अमरीकी डालर था।

पाकिस्तान अपना रुख क्यों बदल रहा है?

भारत का वर्षों से पाकिस्तान के साथ व्यापार अधिशेष है। 2018-19 में, पाकिस्तान भारत के शीर्ष पचास व्यापार भागीदारों में से एक था। हालांकि, पाकिस्तान को 2019-20 में सूची से बाहर कर दिया गया था। यह पाकिस्तान को बुरी तरह प्रभावित करता है क्योंकि पाकिस्तान अपने कच्चे माल, विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स और कपड़ा उद्योग के लिए भारत पर बहुत अधिक निर्भर है।

2018-19 में, जैविक रसायनों और कपास का भारत से पाकिस्तानी आयात का आधा हिस्सा था। भारत से अन्य प्रमुख पाकिस्तानी आयात परमाणु रिएक्टर, प्लास्टिक, रंगाई अर्क, बॉयलर, यांत्रिक उपकरण, मशीनरी हैं। प्रतिबंध के बाद, इन उत्पादों के आयात में भारी गिरावट आई। COVID-19 संकट ने पाकिस्तान के लिए स्थिति और खराब कर दी। यह अब पाकिस्तान को भारत के साथ व्यापार संबंधों को आसान बनाने के लिए मजबूर कर रहा है।

भारत पर प्रभाव

जहां व्यापार पर प्रतिबंध के कारण पाकिस्तान परेशानियों का सामना कर रहा है, वहीं भारत इस मुद्दे के बावजूद स्थिर रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत को सऊदी अरब, चिली और यूएई जैसे वैकल्पिक व्यापारिक गंतव्य मिले हैं।

भारत मुख्य रूप से पाकिस्तान से तेल, सल्फर, खाद्य फल, खनिज ईंधन, पलस्तर सामग्री, चमड़ा और अयस्कों का आयात करता है।

करनाल: इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध से न कोई संदेश, न कोई व्यापार, आम लोग परेशान

दरअसल हरयाणा के 5 जिलों, करनाल, जींद, पानीपत, कैथल और कुरुक्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर पहले रोक लगी हुई थी, हालांकि 4 जिलों में सामान्य रूप से नेट चालू हो चुका है लेकिन करनाल में अभी भी इंटरनेट सेवाओ पर रोक बरकरार व्यापर रोक व्यापर रोक है।

Reported by: IANS
Published on: September 09, 2021 14:47 IST

करनाल: इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध से न कोई संदेश, न कोई व्यापार, आम लोग परेशान- India TV Hindi

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नई दिल्ली: करनाल लघु सचिवालय के बाहर किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध है। इस वजह से स्थानीय निवासी, दुकानदार, व्यापारी आदि लोगों के लिए बहुत परेशानी होने लगी है। न कोई संदेश मिल पा रहा है और न ही पैसों का लेनदेन हो रहा है। दरअसल हरयाणा के 5 जिलों, करनाल, जींद, पानीपत, कैथल और कुरुक्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर पहले रोक लगी हुई थी, हालांकि 4 जिलों में सामान्य रूप से नेट चालू हो चुका है लेकिन करनाल में अभी भी इंटरनेट सेवाओ पर रोक बरकरार है।

स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, इस समय हर कोई ऑनलाइन पेमेंट करता है, 50 फीसदी ग्राहक के पास नकदी नहीं है। ग्राहक लौट जाते है, जिन्हें हम जानते है उन्हें तो उधारी पर सामान दे देते हैं, लेकिन व्यापर रोक अनजान लोगों को उधार कैसे दें? हालांकि जिन दफ्तरों और घरों में वाईफाई लगा हुआ है वही इंटरनेट चलाने में सक्षम है, इसके अलावा हर कोई बस अपने फोन को निहार ही रहा है।

सचिवालय के बाहर बैठने वाले टाइपिस्ट भी इंटरनेट बंद होने के कारण परेशान है। सरकारी दस्तावेज तैयार कराने वाले आम नागरिकों ने बीते 3 दिन से आना ही बन्द कर दिया है। सरकारी दफ्तर में लोगो के कम आने से इनके व्यापर पर भी असर पड़ रहा है। दूसरी ओर ड्राइविंग लाइंसेंस बनाने वाले, ऑनलाइन रजिस्ट्री कराने वाले भी बेहद मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

सचिवालय के बाहर टेम्परेरी ऑफिस डाले बैठे लखविंदर ने बताया कि, मेरा सारा काम ऑनलाइन का है, इंटरनेट के बिना कोई काम नहीं हो सकता। बीते तीन दिनों में दो दिन छुट्टी के निकल गए हैं क्योंकि इंटरनेट नहीं है तो आकर भी क्या करेंगे।

स्थानीय निवासी आदेश पंचाल ने बताया , घर के रोजमर्रा के काम रुके हुए हैं, न कोई संदेश जा रहा है और न ही कोई संदेश आ रहा है। इसके अलावा न कोई जानकारी मिल पा रही है क्या करना है , क्या नहीं ? नकदी भी लेकर नहीं घूम रहे, वहीं न पैसे कहीं भेज पा रहे हैं।

हालांकि किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने इंटरनेट बंद होने पर आईएएनएस से कहा , इंटरनेट बंद करना लोगों की जुबान पर ताला लगाने का एक कानून है। हर किसी को बोलने की आजादी है, सोशल मीडिया हमारी बात सही दिखाता है, उसको बंद नहीं करना चाहिए और इंटरनेट को जल्द चालू कर देना चाहिए।

करनाल शहर में टेक्सी चालक जगजिंदर सिंह ने बताया, इंटरनेट बंद होने के कारण हम कोई बुकिंग नहीं ले पा रहें हैं। यदि किसी को कहीं जाना है उसके पास हमारा नम्बर नहीं है वो इंटरनेट के जरिये ही हमें ढूंढता है। बीते दो तीन दिनों में जो यात्री आने चाहिए व्यापर रोक थे उतने यात्री नहीं आ सके।

जानकारी के अनुसार, सचिवालय के अंदर करीब 40 विभाग है। सचिवालय के आस पास में ही करीब 10 बीमा कंपनियां,15 से अधिक बैंक और करीब 40 निजी कार्यलय मौजूद हैं। इस जगह हर दिन हजारों की संख्या में लोग यहां काम करने आते हैं।

दरअसल 28 अगस्त को करनाल में मुख्यमंत्री एक बैठक होने के कारण किसान अपना विरोध दर्ज कराने के आगे बढ़े तो पुलिस के साथ झड़प हुई। झड़प में कई किसान घायल हुए, वहीं एक किसान की मृत्यु भी हो गई।

इसके अलावा ड्यूटी मजिस्ट्रेट आयुष सिन्हा की किसानों के सिर फोड़ने की वीडियो वायरल होने के बाद किसानों में आक्रोश दिखा, मामले ने इतना तूल पकड़ा की किसानों ने महापंचायत की और लघु सचिवालय का घेराव व्यापर रोक कर दिया।

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