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फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें?

फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें?
सिक्योरिटी मार्केट के सभी निवेश विकल्प नियमों में एकरूपता लाने वाला सेबी का नॉमिनी नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा.

आपके पास भी पड़े हैं सालों पुराने 'Physical Shares?' बेकार हो जाएं इससे पहले जानिए इसे बेचने का तरीका

Convert physical paper shares to Demat: शेयर बाजार में सिर्फ डीमैट अकाउंट में पड़े फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? शेयरों को बेचा, ट्रांसफर किया जा सकता है. लेकिन देश में कई लोगों के पास आज भी फिजिकल फॉर्म में कंपनियों के शेयर हैं. साल 2019 में मार्केट रेगुलेटर सेबी ने फिजिकल फॉर्म के शेयरों को डीमेट में कन्वर्ट करके ही बेचने या ट्रांसफर करने का आदेश जारी किया था.

  • फिजिकल पेपर्स शेयरों को डीमैट में कन्वर्ट करने का तरीका
  • फिजिकल शेयरों को डीमैटेरियलाइज्ड करना जरूरी
  • बिना इसके शेयरों को बेचा, ट्रांसफर नहीं किया जा सकता

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आपके पास भी पड़े हैं सालों पुराने

नई दिल्ली: Convert Physical Shares to Demat: अगर अचानक ही आपको अपनी अलमारी में धूल खा रहे फिजिकल शेयरों की पोथी हाथ लग गई है, और आप इस बात को लेकर खुश हैं कि उसे बेचकर आप मोटा मुनाफा कमाएंगे तो जरा अपनी भावनाओं को लगाम दीजिए, ये इतना आसान भी नहीं है. मार्केट रेगुलेटर के नियमों के मुताबिक आप फिजिकल शेयरों को शेयर बाजार फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? में बेच या ट्रांसफर नहीं सकते हैं, इसके लिए पहले उन्हें इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में तब्दील करना होगा यानी डीमैट में कन्वर्ट करना होगा.

फिजिकल शेयरों का क्या करें

हालांकि इसका ये मतलब कतई नहीं है कि फिजिकल फॉर्म में रखे गए शेयर बेकार हो गए, या फिर आप उन्हें रख नहीं सकते, बिल्कुल रख सकते हैं, लेकिन जब भी आप उन्हें बेचने जाएंगे तो उन्हें फिजिकल से इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में बदलना होगा. इसके बाद आप इन शेयरों के साथ जो चाहे करें, सेबी को कोई ऐतराज नहीं होगा. फिजिकल फॉर्म से फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में शेयरों को कन्वर्ट करने को डीमैटेरियलाइजेशन (Dematerialisation) कहते हैं, इस भारी भरकम शब्द पर मत जाइए, ये इतना मुश्किल भी नहीं है.

किन शेयरों को कन्वर्ट कर सकते हैं

आपको इन शेयरों को फिजिकल फॉर्म से डीमैट अकाउंट में डालना होता है. इस प्रक्रिया में एक बात का ध्यान रखना होता है कि केवल उन्हीं शेयरों को आप डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं जिसकी कंपनी के शेयर एक्टिव हों और एक्सचेंज में उनकी ट्रेडिंग हो रही हो. अगर कंपनी के शेयर एक्सचेंज से डीलिस्ट हो गए हैं तो आपके लिए ये फिजिकल शेयर सिर्फ कागज का टुकड़ा हैं और कुछ नहीं.

फिजिकल शेयरों को डीमैट में ऐसे कन्वर्ट करें

अगर कंपनी के शेयरों में अब भी ट्रेडिंग हो रही है तो आपको बताते हैं कि फिजिकल शेयरों को डीमैट अकाउंट में कैसे लेकर जा सकते हैं.

ये रहा 5 स्टेप तरीका

1- सबसे पहले तो आप किसी भी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स, स्टॉक ब्रोकर के साथ एक डीमैट अकाउंट खोलें. इसमें आपको अपना KYC वेरिफिकेशन कराना होता है
2- जब आपका डीमैट अकाउंट खुल जाएगा तो आप अपने फिजिकल शेयरों को डीमैटेरियलाइज्ड फॉर्मेट में कन्वर्ट करने के लिए रिक्वेस्ट दे सकते हैं
3- आपको अपने फिजिकल शेयरों को डीमैट कंपनी Dematerialisation Request Form (DRF) के साथ जमा करना होगा. अलग अलग कंपनियों के लिए अलग अलग फॉर्म का इस्तेमाल करें
4- इसके बाद आपको सभी सरेंडर शेयरों के लिए एक 'Acknowledgment Slip' दी जाएगी.
5- वेरिफिकेशन के बाद आपके फिजिकल शेयर डीमैट अकाउंट में आ जाएंगे और फिजिकल शेयरों को नष्ट कर दिया जाएगा

लीजिए हो गए आपके फिजिकल शेयर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में कन्वर्ट. अब आप चाहें इसको बेच दें या ट्रेड करें आपकी मर्जी.

इन आसान तरीकों से लिंक करें पैन से अपना आधार कार्ड, जानें पूरा प्रोसेस

पैन सेंटर जाकर भी आधार को पैन कार्ड से लिंक करा सकते हैं। इसके लिए 25 रुपये से 110 रुपये तक और पैन कार्ड व आधार कार्ड की फोटोकॉपी देनी होगी।

इन आसान तरीकों से लिंक करें पैन से अपना आधार कार्ड, जानें पूरा प्रोसेस

इन आसान तरीकों से लिंक करें पैन से अपना आधार कार्ड, जानें पूरा प्रोसेस

राजेश भारती, नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च तक पैन नंबर को आधार कार्ड से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। अगर आप पैन को आधार से लिंक नहीं कराते हैं तो अब आप रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे। वहीं 31 मार्च तक फिजिकल शेयरों को डीमैट फॉर्म में बदलना भी जरूरी है।

ऑनलाइन
1.सबसे पहले इनकम टैक्स की ऑफिशल साइट incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं। इसके होमपेज पर आपको लेफ्ट साइड में Quick Links दिखेगा। इस लिंक के नीचे दूसरे नंबर पर लिखे Link Aadhaar पर क्लिक करें।
2.फिर आपको सबसे ऊपर लाल रंग में लिखा Click here मिलेगा। अगर आपने पहले ही अपना पैन और आधार लिंक किया है, तो इसका स्टेटस इस पर क्लिक करके देख सकते हैं।
3.अगर आधार पैन से लिंक नहीं किया है तो Click here के नीचे दिए बॉक्स में पैन, आधार फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? नंबर, अपना नाम और दिया हुआ कैप्चा टाइप करें। फिर Link Aadhar पर क्लिक कर दें।
4.अब पैन और आधार लिंक हो जाएगा। अगर कोई परेशानी आती है तो वहीं पता चल जाएगा।
5.यह ध्यान फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? रखें कि नाम वही लिखें जो आपके आधार कार्ड पर लिखा है।
6.अगर आधार में नाम या जन्मतिथि से संबंधित कोई परेशानी है तो UIDAI की वेबसाइट uidai.gov.in पर जाकर सुधार करवा लें।

SMS के जरिए

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, 567678 या 56161 पर एसएमएस भेजकर आधार को पैन से लिंक करा सकते हैं। मान लीजिए आपका आधार नंबर 111122223333 और पैन कार्ड नंबर ABCDE1234F है। तो आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में UIDPAN 111122223333 ABCDE1234F लिखकर एसएमएस कर दें। जवाब में आपको स्टेटस पता चल जाएगा। आमतौर पर मेसेज के जरिए आधार पैन से लिंक हो जाता है। अगर किसी कारणवश नहीं होता तो इसकी जानकारी फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? मेसेज द्वारा ही दे दी जाती है।

पैन सेंटर जाकर
पैन सेंटर जाकर भी आधार को पैन कार्ड से लिंक करा सकते हैं। इसके लिए 25 रुपये से 110 रुपये तक और पैन कार्ड व आधार कार्ड की फोटोकॉपी देनी होगी। पैन सेंटर का पता tin-nsdl.com/pan-center.html पर जाकर लगा सकते हैं। यहां आपको राज्य और शहर या नजदीकी क्षेत्र का नाम सेलेक्ट करना होगा। इसके बाद आपको आसपास मौजूद पैन सेंटर की जानकारी मिल जाएगी।

वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन जरूरी
अगर आपने कभी बिना आधार के सिर्फ पैन नंबर के जरिए रिटर्न भरा है तो आधार-पैन लिंकिंग के लिए आपको इनकम विभाग की वेबसाइट incometaxindiaefiling.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। फिर वेबसाइट लॉगइन करने के बाद आपके सामने जो पेज खुलेगा उस पर राइट साइड में Profile Settings लिखा फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? दिखेगा। यहां क्लिक करने पर आपको सबसे नीचे Link Aadhaar लिखा दिखेगा। पैन को आधार से जोड़ने के लिए इस पर क्लिक करें। जो पेज खुलेगा वहां कुछ जानकारी देने के बाद आपका पैन आपके आधार से लिंक हो जाएगा।

म्यूचुअल फंड के नियमों में बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से जरूरी होगा नॉमिनेशन डिटेल देना, वरना देना पड़ेगा यह डिक्लेरेशन

1 अक्टूबर से म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए नॉमिनेशन डिटेल देना अनिवार्य होगा, ऐसा नहीं करने वालों को एक डिक्लेरेशन भरना होगा.

म्यूचुअल फंड के नियमों में बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से जरूरी होगा नॉमिनेशन डिटेल देना, वरना देना पड़ेगा यह डिक्लेरेशन

सिक्योरिटी मार्केट के सभी निवेश विकल्प नियमों में एकरूपता लाने वाला सेबी का नॉमिनी नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा.

म्यूचुअल फंड से जुड़े नियमों में जल्द ही बड़ा बदलाव होने जा रहा है. 1 अक्टूबर या उसके बाद म्यूचुअल फंड्स के लिए सब्सक्राइब करने वाले निवेशकों के लिए नॉमिनेशन डिटेल भरना अनिवार्य होगा. जो निवेशक नॉमिनेशन डिटेल नहीं भरना चाहते, उन्हें एक डिक्लेरेशन भरना होगा, जिसमें नॉमिनेशन की सुविधा नहीं लेने की घोषणा करनी होगी.

एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) को निवेशक की जरूरतों के अनुसार फिजिकल या ऑनलाइन मोड में नॉमिनेशन फॉर्म या डिक्लेरेशन फॉर्म का विकल्प देना होगा. फिजिकल विकल्प के तहत फॉर्म में निवेशक के सिग्नेचर होंगे, जबकि ऑनलाइन फॉर्म में निवेशक ई-साइन फैसिलिटी का फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? इस्तेमाल कर पाएंगे. अगर कोई एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) अपने ग्राहकों के लिए ऑनलाइन सबमिशन की सुविधा मुहैया कराना चाहती है, तो उसका वैलिडेशन टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) के जरिए करना होगा. इनमें से एक फैक्टर ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर भेजा गया वन टाइम पासवर्ड (OTP) रखना अनिवार्य होगा.

1 अगस्त से प्रभावी होना था यह नियम

1 अक्टूबर से लागू हो रहे इन नए नियमों पर पहले 1 अगस्त 2022 से ही अमल किया जाना था, लेकिन अगस्त में इस डेडलाइन को 1 अक्टूबर 2022 तक आगे बढ़ा दिया गया था. जुलाई में बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने म्यूचु्अल फंड होल्डर्स के लिए नॉमिनी डिटेल्स से जुड़े नियमों को लागू किये जाने पर रोक लगा दी थी. जिसकी वजह से म्यूचुअल फंड के निवेशकों को नॉमिनी देने या नॉमिनेशन से बाहर आने का विकल्प नहीं मिल रहा था. एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा नॉमिनेशन फॉर्म या ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन फॉर्म को दो चरणों में वेरिफाई किया जाएगा. निवेशक के रजिस्टर्ड ई-मेल या मोबाइल फोन नंबर पर ओटीपी आएगा. इसलिए निवेशक को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ई-मेल की एक बार फिर से जांच कर लेगी चाहिए.

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सेबी ने यह नियम सिक्योरिटी मार्केट के सभी निवेश फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? विकल्प फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? से जुड़े नियमों में एकरूपता लाने के लिए लागू किया है. 2021 में सेबी ने नए ट्रेडिंग और डीमैट खाता खुलवाने वाले निवेशकों को भी ऐसा विकल्प मुहैया कराया था. इसके अलावा सेबी ने कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट के बेहतर रेगुलेशन और सभी इशूअर्स व अन्य स्टेकहोल्डर्स को एक ही जगह सभी एप्लीकेबल रूल्स तक एक्सेस देने के लिए एक ऑपरेशनल सर्कुलर जारी किया था.

अपनी म्यूचुअल फंड यूनिटों को डीमैट में कैसे फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? रखें?

सबसे पहले इसके लिए डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट से एक कंवर्जन रिक्वेस्ट फॉर्म प्राप्त करना होगा.

अपनी म्यूचुअल फंड यूनिटों को डीमैट में कैसे रखें?

-डीपी आर्इडी और क्लाइंट आर्इडी

-होल्ड की गर्इ यूनिटों की संख्या

फंड हाउस या डीपी से आर्इएसआर्इएन प्राप्त किया जा सकता है. सभी डीमैट खाताधारकों को फॉर्म पर हस्ताक्षर करना पड़ता है.

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
कंवर्जन रिक्वेस्ट फॉर्म के साथ खाते का विवरण भी देना होगा. जिन म्यूचुअल फंड यूनिटों को डीमैट फॉर्मेट में बदलना है, उनका नाम खाते के विवरण में शामिल होता है.

क्या है प्रक्रिया?
यूनिटों को डीमैट फॉर्मेट में बदलने के लिए दस्तावेजों के साथ भरे हुए फॉर्म को डीपी के पास जमा करना पड़ता है. वेरिफिकेशन के बाद डीपी फॉर्म को एएमसी/आरटीए को भेज देता है. एएमसी/आरटीए सत्यापन करने के बाद कंवर्जन रिक्वेस्ट की पुष्टि करते हैं. इसके बाद निवेशक के डीमैट खाते में यूनिटें क्रेडिट कर दी जाती हैं.

नया निवेश करने में ध्यान में रखें
म्यूचुअल फंड में नया निवेश करने पर निवेशक को बस यह बताना पड़ता है कि यूनिटों को डीमैट फॉर्मेट में रखा जाना है. उसे निवेश करते वक्त एप्लिकेशन फॉर्म में डीपी आर्इडी और क्लाइंट आर्इडी का उल्लेख करना पड़ता है.

इन बातों का भी रखें ध्यान
1. यूनिटों को डीमैट फॉर्मेट में बदलने के लिए डीमैट खाते और म्यूचुअल फंड फोलियो में होल्डिंग का तरीका एक होना चाहिए.

2. लॉक-इन और फ्री यूनिटों के फिजिकल शेयरों को डीमैट में कैसे बदलें? लिए अलग-अलग कंवर्जन रिक्वेस्ट फॉर्म भरने होंगे.

इस पेज का कंटेंट सेंटर फॉर इंवेस्टमेंट एजुकेशन एंड लर्निंग (सीआईईएल) के सौजन्य से. गिरिजा गादरे, आरती भार्गव और लब्धि मेहता का योगदान.

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