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विदेशी मुद्रा मुद्रा बाजार क्या है

विदेशी मुद्रा मुद्रा बाजार क्या है
अभी कितना है लेवल
देश का विदेशी मुद्रा भंडार (foreign exchange reserves of india) बीते 5 अगस्त को खत्म सप्ताह में 89.7 करोड़ डॉलर घटकर 572.978 अरब डॉलर रह गया. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले 29 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान, विदेशी मुद्रा भंडार 2.315 अरब डॉलर बढ़कर 573.875 अरब डॉलर रहा था. आलोच्य सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 67.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 40.313 अरब डॉलर हो गया.

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रुपए के मूल्य में गिरावट के मायने

व्यापक व्यापार घाटे के साथ हाल ही में विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण भारतीय रुपए के मूल्य में गिरावट दर्ज़ की गई और कुछ ही समय पहले यह अब तक के निचले स्तर पर पहुँच गया। रुपए के मूल्य में हो रही गिरावट आम आदमी से लेकर अर्थव्यवस्था तक सभी के लिये चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में यह जानकारी होना विदेशी मुद्रा मुद्रा बाजार क्या है आवश्यक है कि रुपए के मूल्य में हो रही गिरावट के मायने क्या हैं?

  • विदेशी मुद्रा भंडार के घटने या बढ़ने का असर किसी भी देश की मुद्रा पर पड़ता है। चूँकि अमेरिकी डॉलर को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा विदेशी मुद्रा मुद्रा बाजार क्या है माना गया है जिसका अर्थ यह है कि निर्यात की जाने वाली सभी वस्तुओं की कीमत डॉलर में अदा की जाती है।
  • अतः भारत की विदेशी मुद्रा में कमी का तात्पर्य यह है कि भारत द्वारा किये जाने वाले वस्तुओं के आयात मूल्य में वृद्धि तथा निर्यात मूल्य में कमी।
  • उदहारण के लिये भारत को कच्चा तेल आदि खरीदने हेतु मूल्य डॉलर के रूप में चुकाना होता है, इस प्रकार भारत ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार से जितने डॉलर खर्च कर तेल का आयात किया उतना उसका विदेशी मुद्रा मुद्रा बाजार क्या है विदेशी मुद्रा भंडार कम हुआ इसके लिये भारत उतने ही डॉलर मूल्य की वस्तुओं का निर्यात करे तो उसके विदेशी मुद्रा भंडार में हुई कमी को पूरा किया जा सकता है। लेकिन यदि भारत से किये जाने वाले निर्यात के मूल्य में कमी हो तथा आयात कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही हो तो ऐसी स्थिति में डॉलर खरीदने की ज़रूरत होती है तथा एक डॉलर खरीदने के लिये जितना अधिक रुपया खर्च होगा वह उतना ही कमज़ोर होगा।

Forex Reserve: थम गया लगातार गिरावट का सिलसिला, 204 मिलियन डॉलर बढ़कर 532 बिलियन हुआ विदेशी मुद्रा भंडार

Forex Reserve रुपये में लगातार हो रही गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार में जमकर हस्तक्षेप किया है। इसके चलते हाल के दिनों में विदेशी मुद्रा भंडार गिर रहा था। इससे अब बाजार भी संभाल जाएगा।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सात अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 204 मिलियन अमेरिकी डॉलर बढ़कर 532.868 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा मुद्रा बाजार क्या है ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पिछले सप्ताह भारत का विदेशी मुद्रा मुद्रा बाजार क्या है विदेशी मुद्रा भंडार 4.854 बिलियन अमरीकी डॉलर घटकर 532.664 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया था।

आपको बता दें कि पिछले कई हफ्तों से विदेशी मुद्रा भंडार गिर रहा था, क्योंकि केंद्रीय बैंक रुपये में होने वाली गिरावट को रोकने के लिए लगातार डॉलर बेच रहा था। अक्टूबर 2021 में देश की विदेशी मुद्रा किटी 645 बिलियन अमरीकी डालर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।

थमा गिरावट का सिलसिला

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी साप्ताहिक सांख्यिकीय डाटा के अनुसार, विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA) जो समग्र भंडार का एक प्रमुख घटक हैं 7 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 1.311 बिलियन अमरीकी डॉलर की गिरावट के साथ 471.496 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गईं। आपको बता दें कि एफसीए में विदेशी मुद्रा के रूप में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी इकाइयां शामिल हैं।

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RBI ने किया हस्तक्षेप तो विदेशी मुद्रा भंडार घटने की दर हुई कम, रिजर्व बैंक अधिकारियों की स्टडी में आया सामने

Foreign Exchange Reserves of India: 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान भंडार 22 प्रतिशत कम हुआ था. यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद उत्पन्न उतार-चढ़ाव के दौरान इसमें केवल छह प्रतिशत की कमी आई है.

Foreign Exchange Reserves of India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेप से मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार घटने की दर में कमी आई है. आरबीआई अधिकारियों के अध्ययन में यह कहा गया है. अध्ययन में 2007 से लेकर रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण मौजूदा समय में उत्पन्न उतार-चढ़ाव को शामिल किया गया है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, केंद्रीय बैंक की विदेशी मुद्रा बाजार (foreign exchange reserves) में हस्तक्षेप की एक घोषित नीति है. केंद्रीय बैंक अगर बाजार में अस्थिरता देखता है, तो हस्तक्षेप करता है. हालांकि, रिजर्व बैंक मुद्रा को लेकर कभी भी लक्षित स्तर नहीं देता है.

चीन राष्ट्रीय विदेशी मुद्रा प्रशासन: चीन के विदेशी मुद्रा बाजार में अच्छा लचीलापन

बीजिंग,(आईएएनएस)| 21 विदेशी मुद्रा मुद्रा बाजार क्या है नवम्बर को आयोजित 2022 वित्तीय मंच के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में चीनी जन बैंक के उपाध्यक्ष, चीनी राष्ट्रीय विदेशी मुद्रा प्रशासन के प्रधान फान कोंगशंग ने कहा कि इस वर्ष उच्च मुद्रास्फीति और सिकुड़न मुद्रा नीति के प्रभाव से विदेशी मुद्रा समेत अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजार की डांवाडोल स्थिति को एक साल हो चुका है। इसके बावजूद चीनी विदेशी मुद्रा के बाजार में लचीलापन दिखता है।

फान कोंगशंग ने कहा कि इस वर्ष वैश्विक स्टॉक, बॉन्ड और अन्य वित्तीय संपत्ति की कीमतें बड़े पैमाने पर गिर चुकी हैं। यूएस डॉलर तेजी से मजबूत हो गया है और 20 वर्षों की एक नयी ऊंचाई पर पहुंचा है।

फान कोंगशंग ने कहा कि चीन की विदेशी मुद्रा के बाजार में नयी विशेषताएं दिख रही हैं और लचीलापन निरंतर मजबूत हो रहा है। वैश्विक दायरे में प्रमुख विकसित और नवोदित बाजार में मुद्राओं की तुलना में चीनी मुद्रा आरएमबी विदेशी मुद्रा मुद्रा बाजार क्या है की अवमूल्यन दर औसत स्तर पर रही है। सीमा पार फंड के प्रवाह में उतार -चढ़ाव होने के बावजूद यह आम तौर पर स्थिर और व्यवस्थित रहा है।

विदेशी मुद्रा बाजार नोट

महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह घोषणा की है।

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